टोंकखुर्द (विकेश जैन)। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए नगर में गोगा जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया वाल्मीकि समाज द्वारा नगर में जुलूस निकाला गया अध्यक्ष राजेश पैमाल भगत राहुल भाटी उस्ताद विनोद डगलिये ने बताया कि लगते सावन से जाहरवीर गोगा जी की स्थापना की जाती है प्रतिदिन पूजा पाठ की जाती है एवं भाद्रपद महीने में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दूसरे दिन नवमी को गोगा(गुग्गा) नवमी के रूप में मनाया जाता है गोगा जी राजस्थान के लोक देवता हैं। जिन्हें ‘जाहरवीर गोगा जी’ के नाम से भी जाना जाता है।
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले का एक शहर गोगामेड़ी है। यहां भादों शुक्लपक्ष की नवमी को गोगाजी देवता का मेला लगता है। इन्हें हिन्दू और मुसलमान दोनो पूजते हैं। राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ पंजाब और हरियाणा सहित हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भी इस पर्व को बड़ी श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार गोगा जी महाराज की पूजा करने से सर्पदंश का खतरा नहीं रहता है। गोगा देवता को साँपों का देवता माना गया है। इसलिए इस दिन नागों की पूजा की जाती है। मान्यता है कि पूजा स्थल की मिट्टी को घर पर रखने से सर्पभय से मुक्ति मिलती हैं वैसे ये पर्व राजस्थान का बहुप्रसिद्ध लोकपर्व है इस अवसर पर अशोक भाटी गौरव भाटी हेमंत मकवाना आदि समाज जन उपस्थित थे।















