देवास। नगर पंचायत सतवास में विगत पांच-छह सालों से कार्य कर रहे 15 दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों को सीएमओ ने बिना पूर्व सूचना के हटा दिया, जिससे श्रमिकों एवं परिवार के लोगों में आक्रोश है। नगर परिषद सतवास से सेवा से हटाए जाने के विरोध में सभी श्रमिक बुधवार को उज्जैन संभागायुक्त एवं जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कर्मचारी संघ के बेनर तले ज्ञापन सौंपा। अध्यक्ष दिलीप शर्मा ने बताया कि निकाय द्वारा 15 दैनिक श्रमिकों को अपने कार्यसेवा से वंचित कर उन्हें बेरोजगार कर दिया है। हाटने से पहले कर्मचारियों को सूचना भी नही दी गई। निकाय में एक ऐसा दैनिक श्रमिक कार्यरत है जो कि मूल देवास क्षेत्र का निवासी है। उसे भी श्रमिक के रूप में निकाय में रखा गया है, लेकिन उसका वेतन निकाय द्वारा 15 हजार रूपए दिया जा रहा है। वेतन देने के नाम भी निकाय द्वारा भेदभाव किया जा रहा है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने कर्मचारियों को बताया कि निकाय में शासन से चुंगी मेंं कटोत्रा होने के वजह से समस्त 15 कर्मचारियों सेवा से मुक्त किया गया है। किंतु मप्र शासन की ओर से अगस्त 2019 से मप्र के समस्त निकायों में चुंगी में कटोत्री की गई थी, लेकिन शासन की ओर से अन्य मूलभूत आवश्यकताओं के लिए चुंगी की कटी हुई राशि जोडक़र दी जाती है। मप्र में सतवास नगर परिषद मात्र एक ऐसी नगर परिषद है जहां पर पांच से छह वर्षों से कार्य कर रहे तथा कोरोना काल में विगत छह माह से अपनी जान जोखिम में डालकर कार्य कर थे, जिन्हें मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने चुंगी कर में कटौत्री का हवाला देकर बगैर पूर्व सूचना दिए एक मात्र सूचना पत्र देकर 1 अक्टूबर 2020 से सेवा समाप्त कर दी। सभी कर्मचारियों ने ईमानदारी पूर्वक सेवाएं दी है। कोरोना काल में कोरोना योद्धा के तोर पर अपनी भूमिका अदा की। नौकरी से हटाए कर्मचारियों ने बताया कि हम पर की गई कार्यवाही से हमारे परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी हे। हमारे परिवार का पेट पालन नही हो पा रहा है। इस संबंध में पूर्व में भी अनुविभागीय अधिकारी कन्नौद, सतवास तहसीलदार को अवगत कराया गया। लेकिन संबंधित जवाबदारों द्वारा कोई उचित निर्णय नही लिया गया। कर्मचारियों ने संभागयुक्त एवं जिला कलेक्टर से मांग की है कि यदि हमें पुन: शीघ्र नौकरी पर नही रखा गया तो घर एवं परिवार की स्थिति को देखते हुए विवश होकर भूख हड़ताल पर जाना पड़ेगा। इस हेतु शीघ्र ही आर्थिक एवं पारिवारीक परेशानियों को ध्यान में रखते हुए हमें पुन: कार्य पर रखे जाने के आदेश प्रदान करे। ज्ञापन के दौरान समस्त कर्मचारी उपस्थित थे।















