कोरोना से बचाने एवं पानी बरसाने के लिए पशुपतिनाथ के चरणों में लगाई गुहार

कोरोना से बचाने एवं पानी बरसाने के लिए पशुपतिनाथ के चरणों में लगाई गुहार

देवास। पवित्र सावन माह के तीसरे सोमवार शिव मंदिरों में भक्तों की आवाजाही बनी रही। इसी क्रम में उपाध्याय नगर स्थित भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान का सूखे मेवे एवं मावे से अष्टमुखी आकर्षक श्रृंगार किया गया। संध्या के समय परम्परागत रूप से चली आ रही महाआरती की गई। महाआरती में पूर्व क्षेत्रीय पार्षद शांता ठाकुर, दिलीपसिंह ठाकुर, भाजपा मण्डल महामंत्री धर्मेन्द्रसिंह बैस सहित अनेक गणमान्यजन शामिल हुए। महाआरती में अपने उद्बोधन में समस्त भक्तों की ओर से पुजारी जी द्वारा भगवान पशुपतिनाथ से देश को कोरोना की महामारी से बचाने एवं अच्छी एवं सुखद वर्षा की कामना की। पशुपतिनाथ का आकर्षक श्रृंगार अशोक कुमार चौधरी ने किया। इस अवसर पर पं. अजय जोशी, कैलाश दुबे, राम विजयवर्गीय, सतीष विजयवर्गीय, सतीष विजयवर्गीय, सुभाष चौधरी, रवि नागर, रमेश उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे। 

श्रम कानून में बदलाव के बाद 12 घंटे काम लेना हुआ अवैध मध्यप्रदेश समेत 9 राज्यों को मिला संसदीय समिति का नोटिस

किसी भी राज्य सरकार की ओर से लागू ऐसे श्रम कानूनों को खत्म किया जाएगा, जो श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के खिलाफ होंगे। केंद्र सरकार ने श्रम मामलों की संसदीय समिति को यह भरोसा दिलाया है। समित के कुछ सदस्यों ने कई राज्यों में वर्किंग आवर्स को 8 से 12 घंटे किए जाने पर भी सवाल उठाया, जिस पर केंद्र सरकार ने कहा कि यह अवैध है और इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी गौरतलब है कि बीजेपी शासित राज्य उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश समेत करीब दर्जन भर राज्यों ने श्रम कानूनों में बदलाव किए हैं। इन पर सवाल भी उठे थे और तब केंद्रीय श्रम मंत्री ने इन्हें लेकर अपनी राय जाहिर करते हुए कहा था कि ऐसे किसी भी कानून को श्रम सुधार नहीं कहा जा सकता। दरअसल इन राज्यों ने कोरोना काल में चीन छोड़ने वाली कंपनियों को आकर्षित करने के मकसद से ये फैसले लिए थे। सूत्रों के मुताबिक संसदीय समिति ने श्रम कानूनों में बदलाव करने.वाले 9 राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यही नहीं केंद्र सरकार ने कहा कि ऐसे कई अन्य बदलावों को भी हटाया जाएगा, जो श्रमिकों के अधिकारों का हनन करते हों। केंद्र सरकार ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों को संविधान की समवर्ती सूची में रखा गया है और ऐसे किसी भी विवाद की स्थिति में केंद्र सरकार की ओर से राज्यों के बदलावों को खारिज किया जा सकता है।

मानसून सत्र में पास होगा बिल

2019 में सोशल सिक्योरिटी कोड बिल लोकसभा में पेश किया था। फिलहाल यह बिल स्टैंडिंग कमिटी के समक्ष है और इसे मॉनसून सेशन में पारित किया जा सकता है। श्रम मंत्रालय ने बताया है कि देश में करीब 15 राज्यों ने श्रम कानूनों में बदलाव किए हैं। संसदीय समिति को भरोसा दिलाते हुए श्रम सचिव हीरालाल समारिया ने कहा कि किसी भी राज्य को सोशल सिक्योरिटी कोड बिल का उल्लंघन नहीं करने दिया जाएगा।

वैश्विक महामारी के बीच तनावमुक्त रहने के लिए पढ़े मारवाड़ी कविता..

पढ़े मारवाङी कविता ??

बाणियो ‘व्यापार’ बिना,
दुल्हन ‘सिणगार’ बिना,
बींद ‘बारात’ बिना,
चौमासो ‘बरसात’ बिना…..जचे ही कोनी।

बाग ‘माळी’ बिना,
जीमणो ‘थाळी’ बिना,
कविता ‘छंद’ बिना,
पुष्प ‘सुगन्ध’ बिना…..जचे ही कोनी।

मन्दिर ‘शंख’ बिना,
मोरियो ‘पंख’ बिना,
घोड़ो ‘चाल’ बिना,
गीत ‘सुर-ताल’ बिना…..जचे ही कोनी।

मर्द ‘मूँछ’ बिना,
डांगरो ‘पूँछ’ बिना,
ब्राह्मण ‘चोटी’ बिना,
पहलवान ‘लंगोटी’ बिना…..जचे ही कोनी।

रोटी ‘भूख’ बिना,
खेजड़ी ‘रुँख’ बिना,
चक्कु ‘धार’ बिना,
पापड़ ‘खार’ बिना…..जचे ही कोनी।

घर ‘लुगाई’ बिना,
सावण ‘पुरवाई’ बिना,
हिण्डो ‘बाग’ बिना,
शिवजी ‘नाग’ बिना…..जचे ही कोनी।

कूवो ‘पाणी’ बिना,
तेली ‘घाणी’ बिना,
नारी ‘लाज’ बिना,
संगीत ‘साज़’ बिना…..जचे ही कोनी।

इत्र ‘महक’ बिना,
पंछी ‘चहक’ बिना,
मिनख ‘परिवार’ बिना,
टाबर ‘संस्कार’ बिना…..जचे ही कोनी।
बीमारी दवाई बिना,
कोरोना दूरी राख्या बिना,
भागे कोनी
तो सा……

राज्यपाल श्री लालजी टण्डन के अवसान पर मध्यप्रदेश में पांच दिन का राजकीय शोक,कैबिनेट मीटिंग स्थगित, मुख्यमंत्री श्री चौहान और मंत्रिमंडल ने दी श्रद्धांजलि

राज्यपाल श्री लालजी टण्डन के अवसान पर प्रदेश में पांच दिन  21 से 25 जुलाई तक  राजकीय शोक घोषित किया गया है। आज मंगलवार समस्त शासकीय कार्यालय बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रिपरिषद बैठक में यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्यपाल श्री टण्डन के अवसान पर शोक स्वरूप आज की मंत्रिपरिषद बैठक में अन्य विषयों पर चर्चा न कर स्थगित की गई है। मंत्रिपरिषद की बैठक 22 जुलाई को होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में  राष्ट्र ध्वज झुके रहेंगे। राजकीय शोक की अवधि में प्रदेश में मनोरंजन के कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे। इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश भेजे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि वे मध्यप्रदेश की जनता की ओर से दिवंगत श्री टण्डन को श्रद्धांजलि देने के लिए लखनऊ जा रहे हैं। इस अवसर पर समस्त मंत्रिपरिषद ने खड़े होकर दो मिनिट का मौन धारण कर राज्यपाल श्री टण्डन को श्रद्धांजलि दी। 

आजीवन राष्ट्र की सेवा की स्व. श्री लालजी टंडन ने: मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्यपाल श्रद्धेय श्री लालजी टंडन के अवसान का दु:खद समाचार आज प्रातः मिला। वे जीवनभर राष्ट्र सेवा में संलग्न रहे। उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा।श्री टंडन सार्वजनिक जीवन में शुचिता के प्रतीक थे। मध्यप्रदेश में राज्यपाल के रूप में उन्होंने हमेशा जनहित में मार्गदर्शन और प्रेरणा दी। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश में उनके सुझाए नवाचार को हम सबने देखा है। उन्होंने राजभवन में न सिर्फ गौशाला का संचालन करवाया,बल्कि  वे स्वयं यह कहते भी थे कि मैं इस प्रयोग को सफल करके बताऊंगा। वे आने वाले प्रत्येक अतिथि का हृदय से सत्कार करते थे। राजनीति में आपसी सौहार्द और संबंधों को हमेशा उन्होंने वरीयता दी। हमेशा उनकी सोच यही थी कि राजनीति सेवा का माध्यम है। दल कोई भी हो लेकिन सभी को मिलजुल कर राष्ट्र की सेवा करना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 12 अप्रैल 1935 को जन्मे श्री लाल जी टंडन ने सात दशकों की सुदीर्घ समाज सेवा का सार्वजनिक जीवन बड़ी जीवंतता से जीया। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से गहरा तादात्म्य स्थापित किया। सबको साथ लेकर चलने और अजातशत्रु रहकर समाजहित में कार्य करने की अटूट आत्मशक्ति उनके व्यक्तित्व में समाहित थी। निरंतर क्रियाशील रहने के कारण ही जन कल्याणकारी कार्यों की बड़ी लम्बी श्रृखंला उनके खाते में है। वे उन चंद जन नेताओं में रहे। जिन्होंने राष्ट्र सेवा और नैतिक मूल्यों की साधना राजनीति के माध्यम से की और अन्त्योदय की भारतीय अवधारणा को साकार किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सार्वजनिक जीवन की ऐसी उदात्त, व्यापक और तपी हुई पृष्ठभूमि के साथ विधान परिषद में जब वर्ष 1978 में टंडन जी पहुँचे थे तो वहॉं भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी और संसदीय मर्यादाओं को नयी ऊॅंचाइयॉं दी। उत्तरप्रदेश विधान परिषद के दो बार सदस्य रहने के अलावा उन्होंने वहॉँ नेता सदन की भी भूमिका निभायी। विधान सभा के लिए तीन बार चुने गये। वहॉं नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में उन्होंने बताया कि विरोध के स्वर कैसे होने चाहिए और शालीन रहकर भी सरकार को जन-आवाज सुनने के लिए किस प्रकार बाध्य किया जा सकता है। 
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उत्तरप्रदेश के वरिष्ठ मंत्री के रूप में तो टंडन जी का हर कदम प्रगति की एक नयी दास्तान बनता चला गया और नये-नये कीर्तिमान रचे जाने लगे। पांच बार मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने के साथ उन्होंने उर्जा, आवास, नगर विकास, जल संसाधन जैसे भारी भरकम विभाग संभाले। अपने प्रशासनिक कौशल, दूरदृष्टि और दृढ़संकल्प से टंडन जी ने उत्तरप्रदेश के करोड़ों नागरिकों को सीधा लाभ पहुंचाया। इन विभागों की दशा और दिशा बदल दी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि  मंत्री के रूप में  श्री टंडन  द्वारा किये गये सुधार और बदलाव अविस्मरणीय है। अन्त्योदय की भारतीय अवधारणा को साकार करने के लिए दबे-कुचले और वंचित वर्ग के लिए उस समय जो योजनाएं टंडन जी के नेतृत्व में बनायी गयीं, वे राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित हुईं। पांच रूपये, दस रूपये और पंद्रह रूपये रोज पर दबे-कुचले तबके को मकान का मालिकाना हक दिलाने की स्वप्निल योजना उन्होंने साकार की थी। यही नहीं  आवास के साथ एक फलदार वृक्ष और एक दुधारू पशु देने की योजना टंडन जी की बहुआयामी सोच का परिणाम थी। उन्होंने गरीबी-उन्मूलन के लिए बड़े पैमाने पर जमीनी कार्य हुए। सामुदायिक केंद्र बने, रैन बसेरे बने, मलिन बस्तियों का कायाकल्प हुआ। मथुरा-वृंदावन की खारे पानी की बड़ी समस्या का समाधान हुआ। 
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लोक-कल्याण के लिए  कार्य करने की उनकी प्रवृति के चलते उन्होंने ऐतिहासिक कार्य किये। उत्तरप्रदेश में पहली बार गोवध निषेध अधिनियम बना। हरिद्वार में  पॉंच किलोमीटर लंबा घाट जनसहयोग से बनवाना उनकी विलक्षण सोच का नतीजा था। हरिद्वार में कुंभ के लिए इतनी मूलभूत सुविधाओं का विकास उन्होंने करा दिया कि अब वहॉं कुंभ के आयोजन में बहुत कुछ नया नहीं करना पड़ता है। अयोध्या मामलों के प्रभारी के रूप में श्रीराम जन्मभूमि न्यास को 42 एकड़ जमीन सौंपने का काम जिस तत्परता और संकल्पबद्धता से टंडन जी ने किया, उसकी दूसरी मिसाल नहीं मिलती। 
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि टंडन जी के जीवन में असंभव को संभव बनाने का सिलसिला कभी थमा नहीं। वर्ष 2003 में उनके द्वारा एक साथ 1001 योजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास विश्व रिकार्ड के रूप में लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज किया गया। 
इसके अलावा लाल जी टंडन जी की सबसे बड़ी विशेषता यह भी  थी कि राजनेता बनने पर भी उन्होंने समाजसेवक के अपने रूप को बनाये रखा। इसीलिए उन्हें साम्प्रदायिक एकता के प्रतीक और मानवता के लाड़ले सपूत के रूप में सदैव देखा गया। लखनऊ में होली के शालीन जुलूस की प्राचीन परम्परा को टंडन जी ने पुनर्जीवित किया। सार्वजनिक कवि सम्मेलन की परम्परा कायम की और उसमें जीवंतता से हमेशा मौजूद रहे। जयप्रकाश नारायण के समग्र क्रांति आंदोलन की लखनऊ में कमान संभाली। इमरजेंसी में जेल गये, भारी प्रताड़ना सही। ओजस्वी वक्ता के रूप में अपनी पहचान बनायी। इसलिए से  सर्वप्रिय बने। यह  श्री टंडन की सबसे बड़ी पूंजी थी। इसके बल पर वर्ष 2009 में टंडन जी लखनऊ से सांसद बने और अटल जी की विरासत को विस्तार दिया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय और लोहिया जी जैसे प्रखर चिंतक, भारत रत्न नाना जी देशमुख, अटल बिहारी वाजपेयी और जयप्रकाश नारायण जैसे महान नेताओं से टंडन जी के अत्यंत निकट के पारिवारिक संबंध रहे। ऐसे लोगों के दीर्घ सानिध्य से टंडन जी अनुभव समृद्ध बनते चले गये। मध्यप्रदेश में 29 जुलाई 2019 को उन्होंने कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने ही वाला था। हमें उनके मार्गदर्शन का लाभ और भी मिलता लेकिन विधि के विधान से ऐसा नहीं हो सका।  कर्मयोगी टंडन जी ने मध्यप्रदेश के राज्यपाल के रूप में अपनी सम्पूर्ण सामर्थ्य-शक्ति को उच्चशिक्षा के क्षेत्र में कायाकल्प के लिए लगा दिया था। मध्यप्रदेश में उनके इस कार्यकाल को भी सदैव याद रखा जाएगा।

85 वर्ष की उम्र में मध्यप्रदेश के राज्यपाल लाल जी टंडन का निधन, शाम 4.30 बजे लखनऊ में होगा अंतिम संस्कार

मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का मंगलवार सुबह 5.30 बजे निधन हो गया। टंडन को 11 जून को सांस लेने में तकलीफ और बुखार के चलते लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लाल जी टंडन को लिवर में दिक्कत होने की वजह से 14 जून को इमरजेंसी ऑपरेशन किया गया था। 40 दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद आज उनका निधन हो गया ।आज शाम 4.30 बजे उनका लखनऊ में अंतिम संस्कार होगा।

आज आई 126 लोगों की रिपोर्ट में 14 लोगों की रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव

आज आई 126 लोगों की रिपोर्ट में 14 लोगों की रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव

कोविड -19 हेल्थ बुलेटिन दिनांक 21.जुलाई.2020

1 – आज लिये गये सैम्‍पल 152
2 -आज लैब से प्राप्त सैंपल रिपोर्ट संख्या 126
3 -आज प्राप्त सैम्पल रिपोर्ट में पाजिटिव संख्या 14

◆ आज प्राप्‍त रिपोर्ट मे पाजिटिव केसेस जानकारीः.


1 पताः-91 इन्डीस्ट्रीयल एरीया, देवास पुरूष ,उम्र 19 वर्ष
2 पताः-91 इन्डीस्ट्रीयल एरीया, देवास पुरूष ,उम्र 32 वर्ष
3 पताः-91 इन्डीस्ट्रीयल एरीया, देवास पुरूष ,उम्र 20 वर्ष
4 पताः-91 इन्डीस्ट्रीयल एरीया, देवास पुरूष ,उम्र 28 वर्ष
5 पताः-91 इन्डीस्ट्रीयल एरीया, देवास पुरूष ,उम्र 24 वर्ष
6 पताः-91 इन्डीस्ट्रीयल एरीया, देवास पुरूष ,उम्र 25 वर्ष
7 पताः-91 इन्डीस्ट्रीयल एरीया, देवास पुरूष ,उम्र 30 वर्ष
8 पताः-91 इन्डीस्ट्रीयल एरीया, देवास पुरूष ,उम्र 46 वर्ष
9 पताः-91 इन्डीस्ट्रीयल एरीया, देवास पुरूष ,उम्र 27 वर्ष
10 पताः-91 इन्डीस्ट्रीयल एरीया, देवास पुरूष ,उम्र 40 वर्ष
11 पताः-91 इन्डीस्ट्रीयल एरीया, देवास पुरूष ,उम्र 21 वर्ष
12 पताः-91 इन्डीस्ट्रीयल एरीया, देवास पुरूष ,उम्र 20 वर्ष
13 पताः-91 इन्डीस्ट्रीयल एरीया, देवास पुरूष ,उम्र 35 वर्ष
14 पताः-91 इन्डीस्ट्रीयल एरीया, देवास पुरूष ,उम्र 25 वर्ष

                                 (डॉ एम पी शर्मा )  
                                मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ अधिकारी   
                                जिला-देवास

(M. P.) जिन जिलों में ज्यादा संक्रमण वहां पर अब हफ्ते में 2 दिन रहेगा लॉकडाउन रात्रि कर कर्फ्यू रात 8:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक रहेगा

मध्‍य प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार ने रात्रिकालीन कर्फ्यू की अवधि बढ़ा दी है। अब प्रदेशभर में रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा। अधिक संक्रमण वाले जिलों में हफ्ते में दो दिन पूर्ण लॉकडाउन रहेगा। उसमें रविवार का दिन तय है। जबकि दूसरा दिन शनिवार या सोमवार हो सकता है, जो जिला आपदा प्रबंधन समिति तय करेगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए अब प्रदेश के अधिक संक्रमण वाले जिलों में सप्ताह में 2 दिन लगातार पूर्ण लॉकडाउन रहेगा। इस दौरान आवश्यक सेवाएं छोड़कर सभी गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। लॉकडाउन रविवार को रहेगा ही, दूसरा दिन शनिवार हो या सोमवार, यह जिला क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के निर्णय अनुसार तय किया जाएगा। सभी जिलों में रात्रिकालीन कर्फ्यू रात्रि 8 बजे से प्रात: 5 बजे तक रहेगा।

चौहान ने कहा कि संक्रमणमुक्त जिलों को छोड़कर अन्य सभी जिलों में राज्य एवं केन्द्र सरकार के सभी कार्यालय 30 प्रतिशत से 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित किए जाएंगे, अधिकारी शत-प्रतिशत आएंगे। निजी कार्यालय एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान भी 30 प्रतिशत से 50 प्रतिशत क्षमता में संचालित होंगे। निजी दफ्तर तथा व्यापारिक संस्थानो में कोई कोरोना पॉजीटिव मिलने पर उसे 7 दिन के लिए बंद कर दिया जाएगा।

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र, चिकित्सा शिक्षा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री विश्वास सारंग, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी के साथ वरिष्‍ठ अधिकारी इस मौके पर मौजूद थे।

हिंसा प्रभावित प्रकरण में महिला के नाम / पहचान / अभिलेखों की गोपनीयता बनाए रखना होगा अनिवार्य


देवास । अब हिंसा प्रभावित प्रकरणों में महिला के नाम/पहचान /अभिलेखों की गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य होगा। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्देशित किया गया है कि पोस्को अधिनियम के अंतर्गत लैंगिक हिंसा से उत्तरजीवी महिला/बालिका तथा अन्य हिंसा प्रभावित के नाम या उनसे संबंधित कोई अन्य तथ्य जिससे महिला की पहचान उजागर होना संभावित हो, को प्रिंट/ इलेक्ट्रानिक या सोशल मीडिया या अन्य माध्यम से प्रकाशित नहीं किया जा सकेगा।
निर्णय के मद्देनजर अब वन स्टॉप सेंटर के परिसर में किसी भी उत्तरजीवी पीड़ित की तस्वीर अथवा वीडियोग्राफी प्रतिबंधित होगी। महिला को व्यक्तिगत जानकारी या उसके निवास की जानकारी मीडिया को नहीं दिया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त किसी भी इलेक्ट्रानिक/प्रिंट मीडिया के साथ बातचीत की अनुमति सक्षम स्वीकृति के बाद ही दी जायेगी।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि आईपीसी की धारा 376, 376A, 376AB, 376B, 376C, 376D, 376DA, 376DB और 376 E के अंतर्गत की गई एफआईआर के अपराधों की जानकारी पब्लिक डोमेन पर नहीं डाली जाएगी।

कलेक्‍टर श्री शुक्‍ला की अध्‍यक्षता में देवास विकास प्राधिकरण मंडल की बैठक संपन्न


देवास । कलेक्टर एवं प्राधिकरण अध्यक्ष श्री चंद्रमौली शुक्ला की अध्यक्षता में आज सोमवार को प्राधिकरण सभाकक्ष में देवास विकास प्राधिकरण मंडल की 157 बैठक संपन्न हुई। बैठक में नगर निगम आयुक्त एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी देवास विकास प्राधिकरण श्री विशाल सिंह चौहान, वन मंडल अधिकारी श्री पी एन मिश्रा, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग श्री मनीष मरकाम, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री एनएल बोरना, अधीक्षण यंत्री मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी श्री अमित सक्सेना, उप संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्री एस के गवली उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्‍टर श्री शुक्ला ने कहा कि इस साल की गाइडलाइन के अनुसार किराया पुनरीक्षित करें जो दुकानें विक्रय नहीं हुई है उन्हें किराए पर दे। प्राधिकरण विक्रय सम्‍पत्ति की लिस्ट बनाकर पब्लिक डोमेन में डालें। नए प्लान बनाएं प्राधिकरण के पास जो भी बजट है उसका उपयोग करें।

बैठक में प्राधिकरण मंडल की 156वीं बैठक के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा की गई। नगरी विकास एवं आवास विभाग भोपाल के आदेशानुसार प्राधिकरणों के सेवायुक्‍तों को मध्य प्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 (सातवां वेतनमान) का लाभ देने पर सहमति बनी, जिससे देवास विकास प्राधिकरण के अधिकारी/कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ मिलेगा। वित्तीय वर्ष 2019-20 का पुनरीक्षित एवं वित्तीय वर्ष 2020-21 का वार्षिक बजट पारित करने के संबंध में निर्णय लिया गया।

बैठक में मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) अधिनियम 2019 के परिपेक्ष्य में प्राधिकार की लंबित, प्रचलित तथा प्रस्तावित योजनाओं के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। विजय नगर स्थित दुकानों, आवास नगर स्थित सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक उपयोग के लिए कम्‍यूनिटी हॉल, मध्य प्रदेश विकास प्राधिकरणों की संपत्तियों का प्रबंधन तथा व्‍ययन नियम 2018 अनुसार देवास विकास प्राधिकरण की संपत्ति व्‍ययन के बारे में निर्णय लिये गये। संपदा शाखा के विवादित प्रकरणों के निराकरण, स्थापना शाखा एवं न्यायालय प्रकरणों में विशेषज्ञ सलाहकार की सेवाएं लेने, पुनघर्नत्‍वीकरण योजना तैयार करने के लिए कंसल्टेंसी की नियुक्ति, नवीन योजनाओं को तैयार करने के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति करने, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में विद्युतीकरण कार्य करने के संबंध में निर्णय लिये गये।

बैठक में मिनी सुपर कॉरिडोर के मास्टर प्लान के बारे में चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि मि‍नी सुपर कॉरिडोर की लम्‍बाई 5.60 किलोमीटर होगी और चौडाई 45 मीटर होगी। मि‍नी सुपर कॉरिडोर के दोनों तरफ 150-150 मीटर तक प्राधिकरण द्वारा स्‍कीमें लाई जायेगी। मि‍नी सुपर कॉरिडोर के लिए प्रस्‍ताव बनाकर शासन को भेजा जायेगा।

ट्विटर पर पीएम मोदी के फॉलोअर्स की संख्या हुई 6 करोड़, अब ओबामा और ट्रंप ही पीएम मोदी से आगे

ट्विटर पर पीएम मोदी के फॉलोअर्स की संख्या हुई 6 करोड़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्विटर पर भारत ही नहीं दुनिया भर के उन नेताओं में शामिल हैं जिन्हें सबसे अधिक फॉलो किया जाता है. नरेंद्र मोदी ने साल 2009 में ट्विटर पर अपना खाता खोला था.

10 महीने में मिले एक करोड़ फॉलोअर

सितंबर 2019 में ही ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फॉलोअर्स की संख्या 5 करोड़ पहुंची थी. इस तरह से मात्र 10 महीने में उन्हें ट्विटर पर 1 करोड़ लोगों फॉलो किया है.

ओबामा और ट्रंप ही पीएम मोदी से आगे

बता दें कि फॉलोअर के हिसाब से इस वक्त ट्विट पर सबसे बड़ी हस्ती अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा हैं. ओबामा को पीएम मोदी से दोगुने लोग फॉलो करते हैं. इस वक्त ट्विटर उनके फॉलोअर्स की संख्या 120.7 मिलियन यानी की उनकी फॉलोअर्स संख्या 12 करोड़ से भी ज्यादा है. इसके बाद नंबर आता है अमेरिका के मौजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का. ट्विटर पर डोनाल्ड ट्रंप के फॉलोअर्स की संख्या 83.7 मिलियन यानी की 8 करोड़ 37 लाख है.