देश के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र अयोध्या का राम मंदिर का निर्माण होने जा रहा है। मंदिर
निर्माण के लिए 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या पहुंचकर पूजन करेंगे। नींव निर्माण के लिए उज्जैन के महाकाल वन से मिट्टी और विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर की भस्म भी पूजन के लिए
अयोध्या पहुंचाई जाएगी। भगवान राम का हर ज्योतिर्लिंग से रिश्ता रहा है। मान्यता है कि भगवान राम जब उज्जैन आए थे, जब उन्होंने भगवान शंकर की पूजा की थी। उनके नाम पर ही शिप्रा नदी के राम घाट बना हुआ है। उज्जैन वासी यहां की मिट्टी भगवान राम की जन्मस्थली परपहुंचाने जा रहे हैं। साधू-संत ही इसकी पहल कर रहे हैं। भगवान शंकर पर चढ़ी भस्म भगवान राम को बहुत प्रिय है इसलिए विल्व पत्र और भस्म भी पहुंचाई जाएगी।
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देवास- आज आई 369 लोगों की रिपोर्ट मे 5 लोगों की रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव
1 – आज लिये गये सैम्पल 253
2 -आज लैब से प्राप्त सैंपल रिपोर्ट संख्या 369
3 -आज प्राप्त सैम्पल रिपोर्ट में पाजिटिव संख्या 5
4 -आज प्राप्त कुल सैम्पल रिपोर्ट में नेगेटिव संख्या’ 363
5 -आज दिनांक तक कुल पाजिटिव संख्या 405
6 -आज कोरोना संक्रमित /पॉजिटिव ,मरीज उपचार उपरांत कोरोना मुक्त हुए संख्या 12
7 -आज दिनांक तक कोरोना संक्रमित/पॉजिटिव ,मरीज उपचार उपरांत कोरोना मुक्त हुए संख्या 276
8 -आज दिनांक तक जिले मे कोरोना संक्रमित/पॉजिटिव, एक्टीव मरीजो की संख्या 119
◆ आज प्राप्त रिपोर्ट मे पाजिटिव केसेस जानकारीः.
(डॉ एम पी शर्मा )
मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ अधिकारी
जिला-देवास
मध्य प्रदेश को 30 मई के बाद नहीं मिला केंद्र से फंड , लेना पड़ा 4,250 करोड़ का ऋण
आर्थिक संकट से जूझ रही मध्यप्रदेश सरकार को केंद्र से भी मदद नहीं मिल पा रहीहै। केंद्र नेअप्रैल और मई में मप्रको सिर्फ 13,776 करोड़ रुपए ही फंड और केंद्रीय करों के रूप में जारी किए थे। इसके चलते सरकार को कोरोना काल में बाजार से 4,250 करोड़ रुपए का कर्ज लेना पड़ा है 2,000 करोड़ का कर्ज सरकार ने इसी माह लिया है। केंद्र ने 30 मई के बाद मप्र को कोई भी राशि रिलीज नहीं की। वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार,केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए अप्रैल और मई में केंद्रीय करों में मप्र के हिस्से के रूप 9,147 करोड़, केंद्रीय सहायता अनुदान नगरीय प्रशासन विभाग को 117.76 करोड़, राहत आपदा में 462.80 करोड़, स्कूल शिक्षा में 51 करोड़, प्राथमिक शिक्षा के लिए 113.75 करोड़, सड़कों के लिए 15.59 करोड़, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 827 करोड़, सहकारिता विभागको 15 करोड़, राजस्व विभागको 592 करोड़, सामाजिक क्षेत्र के लिए 592 करोड़, महिला एवं बाल विकास के लिए 215.59 करोड़, ग्रामीण विकास के लिए 1738.41 करोड़, पेयजल के लिए 223.98 करोड़, एग्रीकल्चर क्षेत्र के लिए 102.84 करोड़ , पिछड़े वर्ग के लिए 107.49 करोड़ जारी किया है।
कोरोनाकाल में मप्र सरकार ने बाजार से लिया इतना कर्ज
30 मार्च 2020 – 750 करोड़
7 अप्रैल 2020 . – 500 करोड़
2 जून 2020. – 500 करोड़
9 जून2020. – 500 करोड़
7 जुलाई 2020 – 1000 करोड़
14 जुलाई 2020 – 1000 करोड़
36लाख 86हजार जरूरतमंदों को मिलेगा राशन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया एलान, जारी की जाएगी पात्रता पर्ची
मंत्रालय में मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की बैठक में लिया गया फैसला।
• प्रदेश के ये जरूरतमंद राशन पात्र थे, लेकिन इन्हें राशन नहीं मिलता था • इनके लिए राशन की पर्ची खाद्य एवं आपूर्ति विभाग जारी करेगा
मध्य प्रदेश सरकार ने गुरुवार को बड़ा फैसला करते हुए प्रदेश के उन 36 लाख 86 हजार जरूरतमंदों को राशन देने का निर्णय लिया है। ये जरूरतमंद राशन के पात्र तो थे, लेकिन इनके पास पात्रता पर्ची नहीं थी, जिस कारण ये सरकार राशन नहीं ले पाते थे। अब इन जरूरतमंदों को भी राशन मिलेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की बैठक में इसका निर्णय लिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने कोरोना महामारी संकट के समय गरीब परिवारों को राशन दिया गया। इन गरीब परिवारों को राशन पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता रही है। हमने इसके लिए हमने 25 अलग-अलग श्रेणियां बनाईं, जिन्हें राशन नहीं मिला रहा था। उन्हें राशन दिया गया। प्रवासी मजदूरों को भी राशन मिला। सीएम ने कहा कि इन सभी 36 लाख 86 हज़ार जरूरतमंदों को 1 माह में पात्रता पर्ची दे दी जाएगी और अगले महीने से ही राशन भी मिलने लगेगा। इन्हें खाद्य एवं आपूर्ति विभाग पात्रता पर्ची जारी करेगा। इसके बाद सरकारी राशन की दुकान से ये राशन ले सकेंगे।
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज सभी शिकायतों का त्वरित निराकरण करें -कलेक्टर श्री शुक्ला
देवास । कलेक्टर श्री चन्द्रमौली शुक्ला ने सभी अधिकारियों को सी.एम. हेल्पलाईन 181 पोर्टल पर माह जून 2020 की स्थिति में दर्ज शिकायतों का समय सीमा में त्वरित निराकरण करने के के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सी.एम. हेल्पलाईन 181 पोर्टल पर विभिन्न विभाग के अंतर्गत माह में विभिन्न लेवलों (एल-1, एल-2, एल-3, एल-4) पर अनअटेंडेड शिकायतों को दर्ज किया गया है, उनका निराकरण सुनिश्चित करें,
कलेक्टर श्री शुक्ला ने कहा कि सी.एम. हेल्पलाईन के अंतर्गत शिकायत की श्रेणी अनुसार निर्धारित समय-सीमा में अटेंडकर पोर्टल पर दर्ज किया जाना अनिवार्य हैं। लेवल-1 पर प्राप्त कुछ शिकायतों में अटेंड नहीं होने से शिकायतें लेवल-2 पर अंतरित हुई हैं एवं कुछ शिकायतों का लेवल-2 पर अटेंड नहीं होने से शिकायतें लेवल-3 पर अंतरित हुई जिसके कारण जिले की ग्रेडिंग भी प्रभावित हो रही हैं तथा बड़ी संख्या में शिकायतें अनअटेंडेड लंबित हैं। जिले को प्राप्त अनअटेंडेट शिकायतों में समय सीमा में अटेंड न किये जाने के फलस्वरूप शिकायतों का निम्न स्तर से उच्च स्तर तक मूवमेंट होता हैं एवं लेवल-3 पर स्पेशल क्लोज का विकल्प उपयोग करने में अनावश्यक विलंब होता हैं। कलेक्टर ने निर्देशित किया हैं कि सभी अधिकारी अपने अधीनस्थ समस्त अधिकारियों को अपने स्तर से समय-सीमा में अटेंड करने हेतु पाबंद करते हुए निरंतर समीक्षा कर आगामी माह में प्रसारित होने वाली नोट-अटेंडेड शिकायतों की विभाग सम्मिलित न हो यह सुनिश्चित करें।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद जी की जयंती के उपलक्ष्य पर उनकी प्रतिमा पर दुद्धाभिषेक कर पुष्पमाला अर्पित कर नमन किया
जानकारी देते हुए नगर मंत्री राजवर्धन यादव ने बताया कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद जी हमारे देश की अमूल्य धरोहर है उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया साथ ही उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर स्वाधीनता संग्राम में अंग्रेजों को लोहे के चने चबाते हुए भारतीय युवाओं की ताकत दिखाएं वर्तमान समय में युवा शक्ति को उनके विचारों तथा उनके सिद्धांतों का अनुसरण कर समाज में तथा देश के लिए कार्य करने की भावना अपने मन में जगाना चाहिए आज आजाद जी आजाद जी की जयंती पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं द्वारा आजाद जी को नमन कर उनके द्वारा बताए गए रास्तों पर चलते हुए देश एवं समाज हित में कार्य करने के लिए सभी युवा संकल्पित हुए ।।
ठेले पर सब्जी बेच रही महिला ने फर्राटेदार अंग्रेजी में किया नगर निगम टीम की कार्रवाई का विरोध , 2011 में डीएवीवी से एमएससी में उत्तीर्ण है
आज सुबह जब नगर निगम की रिमूवल टीम मालवा मिल चौराहे पर लगे सब्जियों के ठेले हटाने पहुंची तो उनका सब्जी बेच रही एक ऐसी महिला से सामना हो गया जो फर्राटेदार अंग्रेजी बोल रही थी। उसकी यह फर्राटेदार अंग्रेजी सुनकर नगर निगम की टीम आवाक हो गई और वहां मौजूद मीडिया के लोग भी चकित रह गए। महिला ने बताया कि वह डीएवीवी से 2011 में एमएससी मैटेरियल साइंस में उत्तीर्ण है। कोई रोजगार नहीं होने के कारण वह ठेले पर सब्जियां बेचकर अपने परिवार का पेट पाल रही है।
आज आई 245 लोगों की रिपोर्ट में 4 लोगों की रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव
1 – आज लिये गये सैम्पल 147
2 -आज लैब से प्राप्त सैंपल रिपोर्ट संख्या 245
3 -आज प्राप्त सैम्पल रिपोर्ट में पाजिटिव संख्या 4
4 -आज प्राप्त कुल सैम्पल रिपोर्ट में नेगेटिव संख्या’ 241
◆ आज प्राप्त रिपोर्ट मे पाजिटिव केसेस जानकारीः.
(डॉ एम पी शर्मा )
मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ अधिकारी
जिला-देवास
मध्य प्रदेश में शिवराज मंत्रिमंडल पर आया संकट! पूर्व स्पीकर की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने भेजा नोटिस
मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल गठन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने याचिका दायर करते हुए मंत्रिमंडल विस्तार को चुनौती दी है. याचिका में एनपी प्रजापति ने मंत्रिमंडल के विस्तार को नियमों के खिलाफ बताया है. उन्होने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में नियमों का उल्लंघन हुआ है।
पूर्व विधानसभा स्पीकर की इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है।
याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल विवेक तनखा ने दलील दी कि प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार संविधान स्पष्ट उल्लंघन है आर्टिकल 32 के तहत दायर याचिका में मुद्दा उठाया गया है कि हाल ही में शिवराज सरकार ने 28 मंत्रियों की नियुक्ति की है, जबकि पूर्व में पहले से ही 6 मंत्री नियुक्त किए गए थे।इस लिहाज़ से मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल की कुल संख्या 34 हो गई है ।
कपिल सिब्बल विवेक तनखा ने कोर्ट में बताया कि अगर नियम की बात की जाए तो धारा 164-1ए के तहत विधानसभा की कुल सदस्यों के 15 प्रतिशत सदस्य ही मंत्री बनाए जा सकते हैं, जिसका मध्य प्रदेश में कुल आंकड़ा सिर्फ 30 मंत्रियों का होता है. बावजूद इसके चार मंत्री ज्यादा बना दिए गए हैं. याचिकाकर्ता की दलील को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को नोटिस जारी कर दिए हैं।
24 जुलाई से पूरी राजधानी (भोपाल) में 10 दिन तक रहेगा लॉक डाउन, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने की घोषणा, इस दौरान मेडिकल सेवा, सरकारी राशन की दुकान खुली रहेंगी।
भोपाल को 24 जुलाई को रात 8 बजे से अगले 10 दिन के लिए टोटल लॉकडाउन लगाने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है।
वहीं गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भोपाल में 24 जुलाई की रात 8 बजे से 10 दिन लॉकडाउन लागू करने का फैसला लिया गया है। मध्यप्रदेश की राजधानी में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए ये फैसला लिया गया है।
भोपाल में 10 दिन के लॉकडाउन के दौरान दवाईयां, दूध, सब्जी वाले यानि गलियों में जाने वाले ठेले। इंडस्ट्रीज और सरकारी राशन की दुकानें खुले रहेंगे। बाकी पूर्ण रूप से लॉकडाउन रहेगा। भोपाल आने और जाने को प्रतिबंधित किया जाएगा। भोपाल आने-जाने वालों के लिए पहले के लॉकडाउन की तरह ही ई पास पर ही अनुमति मिल सकेगी।
आज ही भोपाल में एक दिन के सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज मिलने का रिकॉर्ड टूट गया। यहां पर 196 कोरोना पॉजिटिव मिले।
