देवास। निगम आयुक्त विशालसिंह चौहान द्वारा चल रहे विकास कार्यो का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मीठा तालाब की साफ सफाई के साथ गार्र्डन का विकास तथा प्रकाश व्यवस्था का जायजा लिया गया साथ ही मयूर पार्क में चल रहे विकास कार्य तथा एरिना में चल रहे विकास कार्यो का भी निरीक्षण किया गया। आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी को कार्य मेंं गति लाने के निर्देश दिए। श्री सिंह ने कहा कि एक पौधा हम भी लगाए अभियान के तहत शहर के नागरिकों द्वारा सहयोग किया जा रहा है, बहुत अधिक संख्या में आम नागरिक अपने घरों और पार्क में पौधा रोपण कर रहे है । शहर केे सभी पार्को को आम नागरिकों के लिए सर्व सुविधायुक्त करना निगम प्रशासन का दायित्व है। साथ ही रहवासियों का भी दायित्व है कि वे लगाए गए पौधों की देखभाल कर उन्हें पेड़ बनाएं। नगर निगम शहर के विकास के लिए हमेंशा तत्पर है। शहर में दोनों समय सफाई केे साथ मेन रोड पर झाडू लगवाई जा रही है, गाजर घास की कटिंग कर एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है। जिससे कि मौसमी बीमारियों एवं संक्रमण से बचा जा सके। साथ ही अपील की है कि सभी लोग मास्क तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें तथा बिना मास्क के भ्रमण न करें।
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देवास में प्रत्येक सप्ताह लगने वाले पशु हाटबाजार तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित
देवास । कलेक्टर श्री चन्द्रमौली शुक्ला ने कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने एवं आमजन के स्वास्थ्य, सुरक्षा और आशंकित संकट को दूर करने तथा क्षेत्र में शांति सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से दण्ड प्रकिया संहिता 1973 की धारा 144 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सम्पूर्ण देवास जिले की राजस्व सीमाओं के लिए प्रतिबन्धात्मक आदेश जारी किये है।
उक्त आदेश के परिपालन में अनुविभागीय दण्डाधिकारी देवास श्री प्रदीप सोनी ने ग्राम नागुखेडी पटवारी हल्का नम्बर 33 एवं ग्राम नौसराबाद पटवारी हल्का नम्बर 42 तहसील देवास में प्रत्येक सप्ताह लगने वाले पशु हाटबाजार एवं अनुविभाग देवास में अन्यत्र लगने वाले पशु हाटबाजार को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया है। आदेश के उल्लंघन की स्थिति में भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 187, 188, 269, 270, 271 एवं डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 तथा द एपिडेमिक डिसीज एक्ट 1897 के अन्तर्गत उल्लघंनकर्ता के विरुद्ध कार्यवाही की जावेगी। उक्त आदेश तत्काल प्रभावशील रहेगा।
मध्य प्रदेश में हुई कुल 615862 जाँच में मिले 24095 कोरोना मरीज़ अब तक 16257 मरीज़ हुए स्वस्थ , 2 दिन में कोरोना से हुई 35 लोगों की मौत
कोरोना का कहर प्रदेशभर में लगातार बढ़ता जा रहा है। जिस तरह कोरोना के पॉजिटिव मरीज सामने आ रहे हैं, उसी तरह मरीजों की मौतों के आंकड़े भी बढ़ रहे हैं। पिछले 2 दिनों में कोरोना से 35 लोगों की मौत हो गई है। मंगलवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा 18 कोरोना के मरीजों की मौत हुई, जबकि सोमवार को 17 मरीजों की जान कोरोना की वजह से गई। इस हिसाब से प्रदेश में अब तक कुल 756 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, मंगलवार को 785 पॉजिटिव मरीजों को मिलाकर यह आंकड़ा अब तक कुल 24095 तक पहुंच गया है।
प्रदेश में अब तक की स्थिति
- कुल पॉजिटिव – 24095
- कुल मौते – 756
- कुल स्वस्थ हुए – 16257
- कुल एक्टिव केस – 7082
- अब तक कुल जाँच – 615862
आज आई 410 लोगों की रिपोर्ट में 14 लोगों की रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव
1 – आज लिये गये सैम्पल 214
2 -आज लैब से प्राप्त सैंपल रिपोर्ट संख्या 410
3 -आज प्राप्त सैम्पल रिपोर्ट में पाजिटिव संख्या 14
4 -आज प्राप्त कुल सैम्पल रिपोर्ट में नेगेटिव संख्या’ 387
◆ आज प्राप्त रिपोर्ट मे पाजिटिव केसेस जानकारीः.
नोटः-इन्दौर जिला निवासी 01 पुरूष ,उम्र 38 वर्ष का सैम्पल देवास मे लिया गया था रिपोर्ट पाॅजिटीव आने पर इन्दौर जिले की सूची मे जोडा गया है।
(डॉ एम पी शर्मा )
मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ अधिकारी
जिला-देवास
BJP में पहली बार महिला बनेगी महामंत्री, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा जल्द टीम वीडी के लिए केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी का इंतजार
प्रदेश भाजपा की टीम की घोषणा जल्द ही होने वाली है। प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने टीम में शामिल होने वाले साथियों के नाम तय कर केंद्रीय नेतृत्व को अनुमोदन लिए भेजा है और केंद्र की हरी झंडी मिलते ही टीम वीडी की घोषणा हो जाएगी। इस बार जो टीम घोषित होने वाली है, उसमें महामंत्री का पद किसी महिला नेत्री को मिल सकता है। प्रदेश संगठन की टीम में किसी महिला को महामंत्री का पद मिला तो यह पहली बार होगा। संगठन में महत्वपूर्ण माने जाने वाले महामंत्री के चार पदों पर पार्टी इस बार ऐसे लोगों को मौका देने जा रही है जो संगठन के लिए दिन रात पूरी ताकत से जुटे रहने वालों में शामिल है शिवराज कैबिनेट के विस्तार के साथ ही प्रदेश संगठन ने जिन विधायकों को सरकार में मौका नहीं दिया है, उन्हें संगठन में महत्व देने की तैयारी कर ली थी। इसलिए प्रदेश भाजपा की टीम में मंत्री पद के दावेदार रहे सशक्त विधायकों को भी मौका मिलना तय माना जा रहा है। इसके अलावा संगठन ने संकेत दिए हैं कि पार्टी ऊर्जावान युवाओं को अधिक मौका मिलेगा। वरिष्ठ नेताओं को पार्टी संगठन के कामों से मुक्त कर सकती है। हालांकि यह साफ नहीं हुआ है कि वरिष्ठ नेताओं के लिए किस रूप में पार्टी अपनी जिम्मेदारी तय करेगी। एक अन्य बात यह भी सामने आई है कि संगठन में मंडल और जिला अध्यक्षों की तरह उम्र का फार्मूला भी लागू हो सकता है। इस टीम में कांग्रेस से भाजपा में आए नेताओं को भी संगठन पूरा तवज्जो देगा ताकि उपचुनाव और अन्य कार्यों में उनकी सेवाएं ली जा सकें।
दस उपाध्यक्ष और 9 प्रदेश मंत्री बनेंगे
संगठन में उपाध्यक्ष के दस पद हैं और प्रदेश मंत्री के 9 पदों पर नियुक्ति की जानी है। इन सबमें एससी-एसटी, ओबीसी, महिला, सामान्य वर्ग के आधार पर पदाधिकारियों की नियुक्ति की जानी है। इसके साथ ही महामंत्री के चार पदों के मामले में भी यही नीति रहेगी। पूर्व अध्यक्ष नंदुकमार सिंह चौहान के कार्यकाल में घोषित पार्टी की कार्यकारिणी में महामंत्री के चार पदों में से एक पद पर खुद वीडी शर्मा थे। वे अब अध्यक्ष हो गए हैं, इसी तरह मौजूदा हालात में विधायक मनोहर ऊंटवाल के निधन से भी एक पद रिक्त है।
कोरोना से बचाने एवं पानी बरसाने के लिए पशुपतिनाथ के चरणों में लगाई गुहार
कोरोना से बचाने एवं पानी बरसाने के लिए पशुपतिनाथ के चरणों में लगाई गुहार
देवास। पवित्र सावन माह के तीसरे सोमवार शिव मंदिरों में भक्तों की आवाजाही बनी रही। इसी क्रम में उपाध्याय नगर स्थित भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान का सूखे मेवे एवं मावे से अष्टमुखी आकर्षक श्रृंगार किया गया। संध्या के समय परम्परागत रूप से चली आ रही महाआरती की गई। महाआरती में पूर्व क्षेत्रीय पार्षद शांता ठाकुर, दिलीपसिंह ठाकुर, भाजपा मण्डल महामंत्री धर्मेन्द्रसिंह बैस सहित अनेक गणमान्यजन शामिल हुए। महाआरती में अपने उद्बोधन में समस्त भक्तों की ओर से पुजारी जी द्वारा भगवान पशुपतिनाथ से देश को कोरोना की महामारी से बचाने एवं अच्छी एवं सुखद वर्षा की कामना की। पशुपतिनाथ का आकर्षक श्रृंगार अशोक कुमार चौधरी ने किया। इस अवसर पर पं. अजय जोशी, कैलाश दुबे, राम विजयवर्गीय, सतीष विजयवर्गीय, सतीष विजयवर्गीय, सुभाष चौधरी, रवि नागर, रमेश उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।
श्रम कानून में बदलाव के बाद 12 घंटे काम लेना हुआ अवैध मध्यप्रदेश समेत 9 राज्यों को मिला संसदीय समिति का नोटिस
किसी भी राज्य सरकार की ओर से लागू ऐसे श्रम कानूनों को खत्म किया जाएगा, जो श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के खिलाफ होंगे। केंद्र सरकार ने श्रम मामलों की संसदीय समिति को यह भरोसा दिलाया है। समित के कुछ सदस्यों ने कई राज्यों में वर्किंग आवर्स को 8 से 12 घंटे किए जाने पर भी सवाल उठाया, जिस पर केंद्र सरकार ने कहा कि यह अवैध है और इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी गौरतलब है कि बीजेपी शासित राज्य उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश समेत करीब दर्जन भर राज्यों ने श्रम कानूनों में बदलाव किए हैं। इन पर सवाल भी उठे थे और तब केंद्रीय श्रम मंत्री ने इन्हें लेकर अपनी राय जाहिर करते हुए कहा था कि ऐसे किसी भी कानून को श्रम सुधार नहीं कहा जा सकता। दरअसल इन राज्यों ने कोरोना काल में चीन छोड़ने वाली कंपनियों को आकर्षित करने के मकसद से ये फैसले लिए थे। सूत्रों के मुताबिक संसदीय समिति ने श्रम कानूनों में बदलाव करने.वाले 9 राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यही नहीं केंद्र सरकार ने कहा कि ऐसे कई अन्य बदलावों को भी हटाया जाएगा, जो श्रमिकों के अधिकारों का हनन करते हों। केंद्र सरकार ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों को संविधान की समवर्ती सूची में रखा गया है और ऐसे किसी भी विवाद की स्थिति में केंद्र सरकार की ओर से राज्यों के बदलावों को खारिज किया जा सकता है।
मानसून सत्र में पास होगा बिल
2019 में सोशल सिक्योरिटी कोड बिल लोकसभा में पेश किया था। फिलहाल यह बिल स्टैंडिंग कमिटी के समक्ष है और इसे मॉनसून सेशन में पारित किया जा सकता है। श्रम मंत्रालय ने बताया है कि देश में करीब 15 राज्यों ने श्रम कानूनों में बदलाव किए हैं। संसदीय समिति को भरोसा दिलाते हुए श्रम सचिव हीरालाल समारिया ने कहा कि किसी भी राज्य को सोशल सिक्योरिटी कोड बिल का उल्लंघन नहीं करने दिया जाएगा।
वैश्विक महामारी के बीच तनावमुक्त रहने के लिए पढ़े मारवाड़ी कविता..
बाणियो ‘व्यापार’ बिना,
दुल्हन ‘सिणगार’ बिना,
बींद ‘बारात’ बिना,
चौमासो ‘बरसात’ बिना…..जचे ही कोनी।
बाग ‘माळी’ बिना,
जीमणो ‘थाळी’ बिना,
कविता ‘छंद’ बिना,
पुष्प ‘सुगन्ध’ बिना…..जचे ही कोनी।
मन्दिर ‘शंख’ बिना,
मोरियो ‘पंख’ बिना,
घोड़ो ‘चाल’ बिना,
गीत ‘सुर-ताल’ बिना…..जचे ही कोनी।
मर्द ‘मूँछ’ बिना,
डांगरो ‘पूँछ’ बिना,
ब्राह्मण ‘चोटी’ बिना,
पहलवान ‘लंगोटी’ बिना…..जचे ही कोनी।
रोटी ‘भूख’ बिना,
खेजड़ी ‘रुँख’ बिना,
चक्कु ‘धार’ बिना,
पापड़ ‘खार’ बिना…..जचे ही कोनी।
घर ‘लुगाई’ बिना,
सावण ‘पुरवाई’ बिना,
हिण्डो ‘बाग’ बिना,
शिवजी ‘नाग’ बिना…..जचे ही कोनी।
कूवो ‘पाणी’ बिना,
तेली ‘घाणी’ बिना,
नारी ‘लाज’ बिना,
संगीत ‘साज़’ बिना…..जचे ही कोनी।
इत्र ‘महक’ बिना,
पंछी ‘चहक’ बिना,
मिनख ‘परिवार’ बिना,
टाबर ‘संस्कार’ बिना…..जचे ही कोनी।
बीमारी दवाई बिना,
कोरोना दूरी राख्या बिना,
भागे कोनी
तो सा……
राज्यपाल श्री लालजी टण्डन के अवसान पर मध्यप्रदेश में पांच दिन का राजकीय शोक,कैबिनेट मीटिंग स्थगित, मुख्यमंत्री श्री चौहान और मंत्रिमंडल ने दी श्रद्धांजलि
राज्यपाल श्री लालजी टण्डन के अवसान पर प्रदेश में पांच दिन 21 से 25 जुलाई तक राजकीय शोक घोषित किया गया है। आज मंगलवार समस्त शासकीय कार्यालय बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रिपरिषद बैठक में यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्यपाल श्री टण्डन के अवसान पर शोक स्वरूप आज की मंत्रिपरिषद बैठक में अन्य विषयों पर चर्चा न कर स्थगित की गई है। मंत्रिपरिषद की बैठक 22 जुलाई को होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में राष्ट्र ध्वज झुके रहेंगे। राजकीय शोक की अवधि में प्रदेश में मनोरंजन के कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे। इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश भेजे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि वे मध्यप्रदेश की जनता की ओर से दिवंगत श्री टण्डन को श्रद्धांजलि देने के लिए लखनऊ जा रहे हैं। इस अवसर पर समस्त मंत्रिपरिषद ने खड़े होकर दो मिनिट का मौन धारण कर राज्यपाल श्री टण्डन को श्रद्धांजलि दी।
आजीवन राष्ट्र की सेवा की स्व. श्री लालजी टंडन ने: मुख्यमंत्री श्री चौहान
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्यपाल श्रद्धेय श्री लालजी टंडन के अवसान का दु:खद समाचार आज प्रातः मिला। वे जीवनभर राष्ट्र सेवा में संलग्न रहे। उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा।श्री टंडन सार्वजनिक जीवन में शुचिता के प्रतीक थे। मध्यप्रदेश में राज्यपाल के रूप में उन्होंने हमेशा जनहित में मार्गदर्शन और प्रेरणा दी। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश में उनके सुझाए नवाचार को हम सबने देखा है। उन्होंने राजभवन में न सिर्फ गौशाला का संचालन करवाया,बल्कि वे स्वयं यह कहते भी थे कि मैं इस प्रयोग को सफल करके बताऊंगा। वे आने वाले प्रत्येक अतिथि का हृदय से सत्कार करते थे। राजनीति में आपसी सौहार्द और संबंधों को हमेशा उन्होंने वरीयता दी। हमेशा उनकी सोच यही थी कि राजनीति सेवा का माध्यम है। दल कोई भी हो लेकिन सभी को मिलजुल कर राष्ट्र की सेवा करना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 12 अप्रैल 1935 को जन्मे श्री लाल जी टंडन ने सात दशकों की सुदीर्घ समाज सेवा का सार्वजनिक जीवन बड़ी जीवंतता से जीया। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से गहरा तादात्म्य स्थापित किया। सबको साथ लेकर चलने और अजातशत्रु रहकर समाजहित में कार्य करने की अटूट आत्मशक्ति उनके व्यक्तित्व में समाहित थी। निरंतर क्रियाशील रहने के कारण ही जन कल्याणकारी कार्यों की बड़ी लम्बी श्रृखंला उनके खाते में है। वे उन चंद जन नेताओं में रहे। जिन्होंने राष्ट्र सेवा और नैतिक मूल्यों की साधना राजनीति के माध्यम से की और अन्त्योदय की भारतीय अवधारणा को साकार किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सार्वजनिक जीवन की ऐसी उदात्त, व्यापक और तपी हुई पृष्ठभूमि के साथ विधान परिषद में जब वर्ष 1978 में टंडन जी पहुँचे थे तो वहॉं भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी और संसदीय मर्यादाओं को नयी ऊॅंचाइयॉं दी। उत्तरप्रदेश विधान परिषद के दो बार सदस्य रहने के अलावा उन्होंने वहॉँ नेता सदन की भी भूमिका निभायी। विधान सभा के लिए तीन बार चुने गये। वहॉं नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में उन्होंने बताया कि विरोध के स्वर कैसे होने चाहिए और शालीन रहकर भी सरकार को जन-आवाज सुनने के लिए किस प्रकार बाध्य किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उत्तरप्रदेश के वरिष्ठ मंत्री के रूप में तो टंडन जी का हर कदम प्रगति की एक नयी दास्तान बनता चला गया और नये-नये कीर्तिमान रचे जाने लगे। पांच बार मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने के साथ उन्होंने उर्जा, आवास, नगर विकास, जल संसाधन जैसे भारी भरकम विभाग संभाले। अपने प्रशासनिक कौशल, दूरदृष्टि और दृढ़संकल्प से टंडन जी ने उत्तरप्रदेश के करोड़ों नागरिकों को सीधा लाभ पहुंचाया। इन विभागों की दशा और दिशा बदल दी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मंत्री के रूप में श्री टंडन द्वारा किये गये सुधार और बदलाव अविस्मरणीय है। अन्त्योदय की भारतीय अवधारणा को साकार करने के लिए दबे-कुचले और वंचित वर्ग के लिए उस समय जो योजनाएं टंडन जी के नेतृत्व में बनायी गयीं, वे राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित हुईं। पांच रूपये, दस रूपये और पंद्रह रूपये रोज पर दबे-कुचले तबके को मकान का मालिकाना हक दिलाने की स्वप्निल योजना उन्होंने साकार की थी। यही नहीं आवास के साथ एक फलदार वृक्ष और एक दुधारू पशु देने की योजना टंडन जी की बहुआयामी सोच का परिणाम थी। उन्होंने गरीबी-उन्मूलन के लिए बड़े पैमाने पर जमीनी कार्य हुए। सामुदायिक केंद्र बने, रैन बसेरे बने, मलिन बस्तियों का कायाकल्प हुआ। मथुरा-वृंदावन की खारे पानी की बड़ी समस्या का समाधान हुआ।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लोक-कल्याण के लिए कार्य करने की उनकी प्रवृति के चलते उन्होंने ऐतिहासिक कार्य किये। उत्तरप्रदेश में पहली बार गोवध निषेध अधिनियम बना। हरिद्वार में पॉंच किलोमीटर लंबा घाट जनसहयोग से बनवाना उनकी विलक्षण सोच का नतीजा था। हरिद्वार में कुंभ के लिए इतनी मूलभूत सुविधाओं का विकास उन्होंने करा दिया कि अब वहॉं कुंभ के आयोजन में बहुत कुछ नया नहीं करना पड़ता है। अयोध्या मामलों के प्रभारी के रूप में श्रीराम जन्मभूमि न्यास को 42 एकड़ जमीन सौंपने का काम जिस तत्परता और संकल्पबद्धता से टंडन जी ने किया, उसकी दूसरी मिसाल नहीं मिलती।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि टंडन जी के जीवन में असंभव को संभव बनाने का सिलसिला कभी थमा नहीं। वर्ष 2003 में उनके द्वारा एक साथ 1001 योजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास विश्व रिकार्ड के रूप में लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज किया गया।
इसके अलावा लाल जी टंडन जी की सबसे बड़ी विशेषता यह भी थी कि राजनेता बनने पर भी उन्होंने समाजसेवक के अपने रूप को बनाये रखा। इसीलिए उन्हें साम्प्रदायिक एकता के प्रतीक और मानवता के लाड़ले सपूत के रूप में सदैव देखा गया। लखनऊ में होली के शालीन जुलूस की प्राचीन परम्परा को टंडन जी ने पुनर्जीवित किया। सार्वजनिक कवि सम्मेलन की परम्परा कायम की और उसमें जीवंतता से हमेशा मौजूद रहे। जयप्रकाश नारायण के समग्र क्रांति आंदोलन की लखनऊ में कमान संभाली। इमरजेंसी में जेल गये, भारी प्रताड़ना सही। ओजस्वी वक्ता के रूप में अपनी पहचान बनायी। इसलिए से सर्वप्रिय बने। यह श्री टंडन की सबसे बड़ी पूंजी थी। इसके बल पर वर्ष 2009 में टंडन जी लखनऊ से सांसद बने और अटल जी की विरासत को विस्तार दिया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय और लोहिया जी जैसे प्रखर चिंतक, भारत रत्न नाना जी देशमुख, अटल बिहारी वाजपेयी और जयप्रकाश नारायण जैसे महान नेताओं से टंडन जी के अत्यंत निकट के पारिवारिक संबंध रहे। ऐसे लोगों के दीर्घ सानिध्य से टंडन जी अनुभव समृद्ध बनते चले गये। मध्यप्रदेश में 29 जुलाई 2019 को उन्होंने कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने ही वाला था। हमें उनके मार्गदर्शन का लाभ और भी मिलता लेकिन विधि के विधान से ऐसा नहीं हो सका। कर्मयोगी टंडन जी ने मध्यप्रदेश के राज्यपाल के रूप में अपनी सम्पूर्ण सामर्थ्य-शक्ति को उच्चशिक्षा के क्षेत्र में कायाकल्प के लिए लगा दिया था। मध्यप्रदेश में उनके इस कार्यकाल को भी सदैव याद रखा जाएगा।
85 वर्ष की उम्र में मध्यप्रदेश के राज्यपाल लाल जी टंडन का निधन, शाम 4.30 बजे लखनऊ में होगा अंतिम संस्कार
मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का मंगलवार सुबह 5.30 बजे निधन हो गया। टंडन को 11 जून को सांस लेने में तकलीफ और बुखार के चलते लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लाल जी टंडन को लिवर में दिक्कत होने की वजह से 14 जून को इमरजेंसी ऑपरेशन किया गया था। 40 दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद आज उनका निधन हो गया ।आज शाम 4.30 बजे उनका लखनऊ में अंतिम संस्कार होगा।
