मालवी-निमाड़ी साहित्य अकादमी की मांग ने पकड़ा जोर

इंदौर-उज्जैन संभाग से आए अनेक साहित्यकारों ने दर्ज की अपनी राय

देवास। गत दिवस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रख्यात मालवी लेखिका सुश्री हेमलता शर्मा  भोली बेन द्वारा अपने फेसबुक पेज पर मालवा निमाड़ क्षेत्र के लोगों के लिए  साहित्य अकादमी खोलने की मांग यह तर्क देते हुए रखी कि मध्यप्रदेश का लगभग एक लाख वर्ग किलोमीटर से भी अधिक क्षेत्र मालवा और निमाड़ के अंतर्गत आता है। साथ ही मध्य प्रदेश की 8 करोड़ आबादी में से 2.5 करोड़ (ढाई करोड़) लोग मालवा और निमाड़ में निवास करते हैं, जिनकी बोली मालवी और निमाड़ी है तो इस क्षेत्र के लिए पृथक से मालवी-निमाड़ी अकादमी स्थापित होनी चाहिए। जिस पर  इंदौर-उज्जैन संभाग के सभी जिलों से  साहित्यकारों ने उनकी मांग का समर्थन करते हुए शासन से मालवी-निमाड़ी साहित्य अकादमी खोलने की मांग की है।

मालवी निमाड़ी क्षेत्र के साहित्यकारों का  कहना है कि  मालवा निमाड़ में  दो बड़े संभाग आते हैं  जिनमें  15 से अधिक जिले शामिल है  और करीब  ढाई करोड़ लोग निवास करते हैं जो  अपनी मूल भाषा  मालवीय और निमाड़ी में बोलचाल के साथ  अपनी संस्कृति को  समेटे हुए हैं । संपूर्ण मध्यप्रदेश का इतना बड़ा भूभाग जिसमें लगभग इतनी अधिक आबादी निवास करती है वह अभी भी पिछड़ा हुआ है और यहां की प्रमुख बोलियां मालवी और निमाड़ी पिछड़ी हुई है, उनका ना तो कहीं साहित्य उपलब्ध होता है और न ही कहीं शोध आदि के विद्यार्थियों को सहायता मिल पाती है। लिखित रूप में बहुत कम साहित्य आया है । इसलिए मालवी निमाड़ी बोलियों को प्राथमिकता देने के लिए आवश्यक है कि मध्यप्रदेश में मालवी निमाड़ी अकादमी स्थापित होनी चाहिए यहां पर उर्दू अकादमी, सिंधी अकादमी आदि विभिन्न भाषाओं की अकादमी स्थापित हैं किंतु लंबे समय से मध्य प्रदेश का इतना बड़ा क्षेत्र संपूर्ण मालवा और निमाड़ की बोलियों को प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त नहीं हो सका है।          

साहित्य अकादमी के अत्यंत परिश्रमी निदेशक डॉ विकास दवे  दिन रात बड़ी सजगता से बोलियों और भाषा की गतिविधियों के लिए काम कर रहे हैं। मालवी और उसकी सहोदर निमाड़ी के लिए उनके मन में चिंता और अनुराग दोनों है। उन्होंने कहा कि बोली अकादमी पूर्व से स्थापित हैं तो तकनीकी रूप से तो यह संभव नहीं है किन्तु ?सृजन पीठ स्थापित की  जा सकती है।  मालवी निमाड़ी साहित्य शोध संस्थान की अध्यक्षा डॉ स्वाति तिवारी का कहना है कि सवाल यह है कि मालवा निमाड़ क्षेत्र होने के बावजूद यहाँ मालावी -निमाड़ी साहित्य अकादमी अब तक क्यों नहीं है? जबकी यहाँ मराठी, भोजपूरी, पंजाबी, सिंधी, उर्दू अकादमी बनी है  इनमे से कुछ तो यहाँ प्रासंगिक भी नहीं है ,मालवी -निमाड़ी-बुन्देली जैसे  समृद्ध  क्षेत्र  होने के बावजूद इनकी अकादमी का ना होना कई सवाल और उनके होने की मांग  जायज है। इन क्षेत्रों के  साहित्य और संस्कृति के संरक्षण के लिए अकादमी का निर्माण किया जाना जरूरी है।        राजभाषा अधिकारी देवेन्द्र सिंह सिसोदिया कहते हैं कि बोलियाँ धीरे धीरे प्रचलन से बाहर होती जा रही है इसके संरक्षण और विकास के लिए आवश्यक है कि अलग से अकादमी बनाई जाए। मालवी प्रेमी शरद व्यास इंदौर कहते हैं कि क्षेत्रीय भाषा हमारी माटी की भाषा है। इसका प्रचार प्रसार सारू मालवी निमाड़ी एकेडमी को होनो घणो जरूरी है। जो साहित्यकार ना बरसो से मालवी निमाड़ी में लिखी रिया है न उकी निस्वार्थ सेवा करी रिया है, उनके इनी एकेडमी में शामिल करनु चईये। मालवी रंगकर्मी रजनीश दवे के अनुसार यह उचित प्रस्ताव है। बोली के प्रति हम सभी की जवाबदारी है। बोलियाँ हमारे लोकजीवन और लोक संस्कृति को प्रदर्शित करती हैं।अपनी बोली में हम बेहतर अभिव्यक्त होते हैं। इसे प्रचलन में लाने के लिये निरंतर काम होना चाहिये। अकादमी के माध्यम से यह व्यवस्थित रूप से हो सकेगा।    

   निमाड़ी प्रेमी एवं वरिष्ठ साहित्यकार राम सिंघल, धामनोद कहते हैं कि  बहुत उत्तम विचार है। मालवी निमाड़ी बोली हमारी संस्कृति, हमारी पहचान हमारा गौरव है ।इनके विकास के लिए मालवी निमाड़ी एकेडमी बनना ही चाहिए ।  यही बात निमाड़ अखिल भारतीय साहित्य परिषद के सचिव राम शर्मा परिंदा ने? कहीं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के अध्यक्ष अपर्ण जैन कहते हैं कि मालवी और निमाड़ी बोलियों सहित कई अन्य बोलियाँ भी है ।भाषा का अस्तित्व बोलियों से हैं। वर्तमान में साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश ने बोलियों के लिए कुछ विशेष प्रकल्प और प्रावधान रखें है, उनका समूल सदउपयोग होना चाहिए।   मालवी में पी.एच.डी. करने वाली डॉ ज्योति बैस भदौरिया कहती हैं कि नई शिक्षा नीति मातृ भाषा मे शिक्षण को प्राथमिकता देती है । ये प्रयास बच्चों की शिक्षा को गुणवत्ता प्रदान करेंगे, तो क्यों न हम भी लौटेअपनी जड़ों की तरफ, जिसमे हम अपनी भावाभिव्यक्ति करते है,उस बोली/भाषा को जो हमारे क्षेत्र की लोकभाषा है, को बढ़ावा देने के लिए साहित्य अकादमी अति आवश्यक है, अति शीघ्र स्थापित हो। वरिष्ठ साहित्यकार एवं मंच संचालक संजय नरहरि पटेल ने इस बाबत एक कार्ययोजना बनाकर विकास दवे जी को सौंपने का सुझाव दिया। मनोहर दुबे, विनिता तिवारी, साधना बलवटे, अलक्षेन्द्र व्यास, प्रबोध पंड्या, संजय सरल परसाई, वासुदेव पटेल तंवर, अर्चना कानूनगो आदि सहित लगभग 400 से अधिक मालवी निमाड़ी प्रेमियों ने अपनी राय दर्ज कराई।

आखिर कब मिलेगी जाम से निजात…! धनतलाव घाट सहित बिजवाड़ में भी लगता है लंबा जाम

सुन्द्रेल बिजवाड (दीपक शर्मा)। इंदौर बैतूल नेशनल हाईवे 59 ए पर अंग्रेजों के जमाने का बना हुआ धनतलाव घाट अब जाम घाट के नाम से धीरे-धीरे प्रसिद्ध होता जा रहा है धनतलाव घाट पर आए दिन ओवरलोड रेत की भूसे की ओवरलोड गाड़ियां घाट नहीं चढ पाती है और घाट पर खड़ी हो जाती है कई गाड़ियां खराब भी हो जाती है। जिसके कारण घंटों तक लंबा जाम लगा रहता है।

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आज भी सुबह से घाट पर लम्बा जाम लगा है पूर्ण रूप से जाम नहीं खुला समाचार लिखे जाने तक जाम लगा हुआ था भूखे प्यासे यात्री गाड़ी चालक परिचालक घंटो तक जाम में फंसे रहते हैं और जाम खुलने का इंतजार करते हैं इसी तरह बिजवाड़ में भी आए दिन जाम लगना आम बात हो गई है।

भूसे की ओवरलोड गाड़ियों के कारण भी अधिकतर जाम लगता है यहां गाड़ि वाले दोनों तरफ भूसे से भरे बडे बडे ठेले बाहर निकाल कर ले जाते इस कारण से कई बार एक्सीडेंट भी हो जाते हैं इनके खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों को ध्यान देकर कार्यवाही करना चाहिए वही धनतलाव घाट पर लग रहे जाम पर भी वरिष्ठ अधिकारियों राजनेताओं को जनप्रतिनिधियों को भी ध्यान देना चाहिए इंदौर हरदा जाने से पहले यात्री धनतलाव घाट पर जाम तो नहीं इसकी जानकारी लेकर घर से चलते हैं घाट को लेकर लोगों के मनों में भय बैठा हुआ है क्यों इस घाट पर आए दिन जाम लगना आम बात हो गई है आखिर इस घाट पर लगने वाले जाम से यात्रियों को कब निजात मिलेगी यहां भी यात्रियों का एक बहुत बड़ा प्रश्न बना हुआ है।

Dewas शॉर्ट सर्किट के चलते किसान के खेत में लगी आग गेहूं की फसल जलकर हुई खाक

भौरासा निप्र(अभय नागर): गुरुवार दोपहर में भोरासा के नगर परिषद के नवीन टिनचिंग ग्राउंड के समीप बद्रीलाल पिता बोंदा जी यादव के खेत में अचानक से आग लग गई जिससे कि इनके साडे 5 बीघा के खेत में से लगभग डेढ़ बीघा की गेहूं की फसल जलकर राख हो गई वही पास के अन्य चार खेतों में गेहूं निकालने के बाद बचे खापो मे आग लग गयी जिसे किसानों ने काफी मशक्कत करके बुझाया व फायर ब्रिगेड को किसान काफी देर तक फोन लगाते रहे परंतु मौके पर समय रहते फायर ब्रिगेड नहीं पहुची जिससे मौके पर मौजूद किसान राजा यादव, सरदार यादव, पप्पू चौधरी, कुलदीप अन्य किसानों ने खेतों में से पानी ला ला कर इस आग को बुझाया जिसके बाद नगर परिषद भोरासा का पानी का टैंकर मौके पर पहुंचा और टैंकर चालक जितेंद्र ठाकुर व जितेंद्र माली एवं साथी कर्मचारियों ने खेतों में लगी आग को पानी डालकर बुझाया

तत्पश्चात देवास से फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची वही घटनास्थल पर भोरासा के नायब तहसीलदार सुभाष सुनेरे, गिरदावर पूजा भावसार, पटवारी किशोर जोशी व अन्य अधिकारी एवं पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे किसानों ने आरोप लगाया कि भोरासा में फायर ब्रिगेड होती तो हम लोगों का इतना नुकसान नहीं होता यहां पर फायर ब्रिगेड किसान आंदोलन के समय से जली हुई पड़ी है जोकि नगर परिषद के द्वारा अभी तक सही नहीं की गई है ना ही नई फायर ब्रिगेड खरीदी गई है जिससे कि हर वर्ष यहां पर जब क्षेत्र में किसानों की फसलों में आग लगती है तो काफी नुकसान उठाना पड़ता है अगर यहां फायर ब्रिगेड होती तो जल्द ही इस आग पर काबू पाया जा सकता था प्रशासन को अभी भी समय रहते भोरासा नगर में फायर ब्रिगेड की व्यवस्था कर लेनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी कोई जनहानि या अनहोनी ना हो ।

सोनकच्छ एसडीएम अभिषेक सिंह ने भोरासा नगर में किया दौरा स्वच्छता व अतिक्रमण हटाने को लेकर दिए दिशा निर्देश

भोरासा निप्र(अभय नागर) : गुरुवार दोपहर में सोनकच्छ एसडीएम अभिषेक सिंह ने भोरासा नगर में पहुंच कर नगर की मुख्य समस्याओं को जाना अपने साथ नायब तहसीलदार व नगर परिषद प्रशासक सुभाष सुनेरे एवं नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्रीमती सविता सोनी को लेकर नगर के मुख्य जगहों का भ्रमण किया जिसमें नगर में फैले अतिक्रमण को जल्द से साफ करने के दिशा निर्देश दिए वहीं स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर भोरासा नगर परिषद में हरीभाऊ उपाध्याय गार्डन टिनचिंग ग्राउंड नगर परिषद का स्टोर व अन्य चीजों को देखा वही सामुदायिक शौचालय भी पहुंचे व यहाँ की व्यवस्थाओं को देखकर जो खामियां सामने आ रही थी उन्हें दूर करने को लेकर अन्य अधिकारी को कर्मचारियों को दिशा निर्देश दिए वही नगर के शक्ति माता मंदिर गार्डन का निरीक्षण कर तालाब में हो रहे कचरे को साफ करने के कढ़ाई से दिशा निर्देश दिए

Dewas: टाटा कंपनी का लेबल लगाकर नकली डीजल एक्जास्ट फ्लुइड बनाने वाले मकान पर पुलिस ने दी दबिश

• राजस्थान के 4 आरोपी गिरफ्तार, 50 लाख से ज्यादा का माल बरामद

देवास। शहर के औद्योगिक थाना क्षेत्र अंतर्गत शिप्रा में यूरिया मिला कर नकली डीजल एक्जास्ट फ्लुइड (डीईएफ) बनाने का मामला सामने आया है।
दरअसल पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त होने के बाद पुलिस ने गुरुवार शाम करीब 5 बजे शिप्रा स्थित एक वेयरहाउस जैसे मकान पर दबिश दी। मकान पर टाटा कंपनी का लेबल (होलोग्राम) भी लगा था।
मौके से पुलिस ने कुल चार आरोपी ( अमन अग्रवाल, धनराज, सोनू बंजारा और राकेश सिंदल) को पकड़ा और पूछताछ की जा रही है। सभी आरोपी राजस्थान के है।
पुलिस ने सभी आरोपियो को धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया हे भी मामले की विवेचना औद्योगिक थाने में पदस्थ उप निरक्षक आर के शर्मा द्वारा को जा रही है।
पुलिस को मौके से 68 नग टाटा के लेबल लगी जेन्युइन डिजल एक्जास्ट फ्लुएड (डी. ई.एफ) लगी बाल्टीया, मिक्सर मशीन, नग-2, 1-1 हार्स पावर की लगी फिल्टर मशीन 2 नग, एक बोरी मे करीबन 25 किलो युरिया व युरिया की खाली बोरिया जिसमे सभी में नर्मदा बायोकेम लिमिटेड तथा युरियानीम कोटेड लिखा है व खाली ड्रम नग-4, टाटा कम्पनी का होलोग्राम रेपर ड्रम सील करने की मशीन आदि माल किमती करीबन 50 लाख रुपये का समान जब्त किया है।

Dewas : पत्रकार राजेश पवार के निधन से शहर के पत्रकारिता जगत में शोक

कलेक्टर ने पत्रकार पवार की पत्नी को दी 51 हज़ार रुपए की सहायता राशी

देवास। गुरुवार को शहर के एक सक्रिय पत्रकार के अचानक दुनिया को अलविदा कहने से प्रेस जगत में एक अपूरणीय क्षति हुई है। शहर के सबसे सक्रिय पत्रकारो में से एक श्री राजेश पवार का दिनांक 24 मार्च को आकस्मिक दुखद निधन हो गया। बताया जा रहा है की बुधवार की देर रात उन्हें उल्टियां हुई और अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। राजेश पवार देवास की पत्रकारिता जगत में एक जाना-पहचाना नाम थे। शहर के किसी भी हिस्से में कोई भी सामाजिक, राजनेतिक, व्यवसायिक, प्रशासनिक, अपराधिक या अन्य किसी भी प्रकार की खबर हो वह खबर राजेश पंवार के कैमरे में कैद हुए बिना पूरी नही होती थी। राजेश अपने हंसमुख स्वभाव से हर किसी को अपना मित्र बना लेते थे। उनके इस तरह यूं चले जाने का दुख वर्षों तक रहेगा और उनके जाने का एक खालीपन शून्य की तरह हमेशा मौजूद रहेगा।

राजेश पवार की अंतिम यात्रा उनके निज निवास से निकल कर मुक्ति धाम पहुंची जहां उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हुआ। 
कलेक्‍टर चन्‍द्रमौली शुक्‍ला ने देवास के पत्रकार राजेश पवार के आकस्मिक निधन पर उनकी पत्‍नी आरती पवार को भारतीय रेडक्रास सोसायटी के माध्‍यम से 51 हजार रूपये की सहायता दी। जिला जनसम्‍पर्क अधिकारी आनंद मोहन गुप्‍ता, प्रेस क्‍लब अध्‍यक्ष अतुल बागलीकर एवं प्रेस क्‍लब संरक्षक विनोद जैन ने पत्रकार श्री पवार की पत्‍नी आरती पवार को चेक घर जाकर सौंपा। इस दौरान अन्‍य पत्रकार साथी भी उपस्थित थे।

कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला, पुलिस अधीक्षक शिवदयाल सिंह गुर्जर एवम् पत्रकारों सहित विभिन्न राजनेताओं सहित आदि लोगों ने पत्रकार राजेश पवार को श्रद्धांजलि देते हुए शौक संवेदना व्यक्त की और उनके निधन को  देवास पत्रकार जगत की अपूरणीय क्षति बताया।

नेहरू युवा केंद्र ने शहीद दिवस पर अमर शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि

देवास। नेहरू युवा केंद्र देवास के युवा मंडलों एवं युवा स्वयंसेवकों ने शहीद दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी शहादत को याद किया। इस अवसर पर गजरा गियर्स चौराहा पर स्थित अमर शहीदों की प्रतिमाओं पर नेहरू युवा केंद्र संगठन, मध्यप्रदेश के उप निदेशक अरविंद श्रीधर सहित युवाओं ने पुष्पांजलि अर्पित की। नेहरू युवा केंद्र, देवास सभागार में आयोजित संगोष्ठी में श्री श्रीधर ने अमर शहीदों द्वारा स्वतंत्रता समर एवं देश के प्रति की गई सेवाओं को याद किया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह सच्चे अर्थों में भारत माता के सपूत थे, जिन्होंने अपना सर्वस्व भारत माता के चरणों में अर्पित कर दिया। वह एक क्रांतिकारी होने के साथ-साथ महान विचारक भी थे। अल्प आयु में ही उनके द्वारा व्यक्त किए गए विचार युवाओं सहित समस्त नागरिकों के लिए मार्गदर्शक हो सकते हैं। इस अवसर पर जिले के विभिन्न विकासखंडों के स्वयंसेवक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन नेहरू युवा केंद्र देवास के कार्यक्रम अधिकारी अनिल जैन ने किया। राष्ट्रीय गीतों की प्रस्तुति भी की गई।

Dewas, नकली नोट चलाने वाले आरोपी को दस वर्ष की सजा

देवास। शहर में नकली नोट छापकर बाजार में चलाने वाले आरोपी ललित पिता श्रीकृष्ण वर्मा उम्र 46 साल नि0 15 आनन्द बाग जिला देवास को न्यायालय ने धारा 489(क) व 489(घ) में 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास व 3000-3000/- रूपये के अर्थदण्ड से तथा धारा 489(ग) में 07 वर्ष सश्रम कारावास व 3000/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।

जिला अभियोजन अधिकारी, श्री राजेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला देवास द्वारा बताया गया दिनांक 30 जुलाई को 2019 को एजाज पिता रजाक शेख नाम का आदमी राजाराम नगर वैष्णव माता मंदिर के सामने सतीश चौधरी की किराना दुकान पर नकली नोट लेकर सामान खरीद रहा है। उक्त सूचना पर से हमराह सहित सतीश किराना स्टोर पर पहुॅचने पर वहॉ भीड लगी थी एवं एक आदमी को घेर रखा था। सतीश से पूछताछ करने पर उसने बताया कि इस व्यक्ति ने उससे एक घडी साबुन व एक फाइव स्टार चॉकलेट ली है एवं 100/- का नोट दिया है, जो देखने पर नोट का हूबहू असली होकर मोटा चिकना होकर नकली प्रतीत हो रहा था जिससे दुकानदार ने सामान देने से मना किया तो वह बहस करने लगा। दुकानदार ने उक्त सूचना सैनिक नीलेश को दी, कि एक व्यक्ति नकली नोट चलाने का प्रयास कर रहा है सूचना पर से हमराह फोर्स रवाना होकर निरीक्षक दिनेश सिंह चौहान ने पंचसाक्षी के समक्ष उस व्यक्ति से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम एजाज पिता रजाक शेख नि0 स्वास्तिक नगर इटावा जिला देवास बताया पंचो के समक्ष तलाशी में एजाज के जेब अनेकों नकली नोट मिले जिनके सीरियल नंबर भी एक समान थे। नोंटो के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपी एजाज ने मेमोरेण्डम देकर बताया कि उक्त नोंट उसे ललित वर्मा पिता श्रीकृष्ण वर्मा ने चलाने के लिये दिये है उसके पास प्रिंटर मशीन है और खुद ही नोट छाप लेता है। आरोपी से उक्त नोट  जप्तकर जप्ती पंचनामा बनाया गया। एवं जप्तशुदा नोट मालखाने में जमा किये गये। तथा आरोपी एजाज व ललित के विरूद्ध थाना सिविल लाईन देवास में अपराध क्रमांक 476/19 की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गई। आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।    न्यायाधीश, जिला देवास द्वारा दिनांक 23 मार्च 2022 को निर्णय पारित करते हुये प्रकरण में विचारण के दौरान अंतिम प्रक्रम पर अभियुक्त क्रमांक 01 एजाज की मृत्यु हो जाने से उसके विरूद्ध कार्यवाही समाप्त की गई। तथा शेष आरोपीगण ललित वर्मा उम्र 46 साल को धारा 489(क) व 489(घ) में 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास व 3000-3000/- रूपये के अर्थदण्ड से तथा धारा 489(ग) में 07 वर्ष सश्रम कारावास व 3000/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया। 

उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी श्री ऊदल सिंह मौर्य, जिला देवास द्वारा दी गई।

Dewas : होली खेलते समय करंट लगने से युवक की हुई मौत

देवास । शहर के औद्योगिक थाना क्षेत्र में आने वाले गंगा नगर में रंगपंचमी पर होली खेलते समय एक युवक को बिजली के खंबे से करंट लगने से मौत हो गयी।

जानकारी अनुसार बताया गया कि 33 वर्षीय युवक राहुल पिता धीरज विश्वकर्मा दोपहर तकरीबन 3 बजे अपने परिवाजनों व रहवासियों के साथ होली खेल रहा था। होली खेलते समय युवक के कपड़े पूरी तरह से गीले थे और वो अचानक लाइट के खंभे के संपर्क में आ गया जिससे उसे करंट लग गया। करंट लगने के बाद युवक को निजी अस्पताल ले जाया गया जहाँ से उसे जिला अस्पताल भेजा गया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। युवक की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शौक का माहौल है।

सीएम हेल्पलाइन पर पटवारी, एडीईओ एवं सचिव ने गलत जानकारी देकर शिकायत करा दी बंद 

तीन माह से अपने प्लाट को कब्जा मुक्त कराने के लिए दर-दर भटक रही गरीब महिला

देवास। ग्राम बरोठा निवासी कमला बाई ने अपने प्लाट से कब्जा न छुड़वाने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर 20 जनवरी 2022 को की थी, लेकिन शिकायत का निराकरण किए बगैर ही बरोठा के पटवारी, एडीईओ एवं सचिव ने गलत जानकारी देकर शिकायत बंद करवा दी। कमलाबाई ने बताया कि पूर्व में पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर एवं थाना प्रभारी को भी शिकायत की गई थी, लेकिन प्लाट से कब्जा नही दिलवाया गया।

तत्पश्चात मैंने मेरे पुत्र चेन सिंह के नाम से सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की। लेकिन सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत का निराकरण न करते हुए मुझे बिना जानकारी के हीं बंद कर दिया गया। कमलाबाई ने बताया कि भारत सिंह व रमेश सिंह दोनो भाइयों ने मेरे प्लाट पर कब्जा कर रखा है। यह प्लाट ग्राम बरोठा में स्थित हैं जो कि मुझे आवास योजना के अंतर्गत प्राप्त हुआ था, जिस पर दोनों ने कब्जा करते हुए अवैध निर्माण कार्य करना प्रारंभ कर दिया है, यह निर्माण कार्य लगभग पूर्ण होने को है। स्थानीय स्तर पर संबंधित आला अधिकारियों से शिकायत के बाद भी प्लाट से कब्जा नही दिलवाया गया।

तब जाकर मैंने सीएम हैल्पलाईन पर शिकायत की, परंतु पटवारी, एडीईओ एवं सचिव ने हमारे प्लाट की गलत जानकारी सीएम हैल्पलाईन पर डाल दी और कब्जा दिलाने का निराकरण बताकर 19 मार्च 2022 को शिकायत बंद करा दी। एडीईओ द्वारा बताई गई जानकारी में जो प्लाट का सर्वे नंबर 486/1857/7 दर्शाया गया है यह हमारा नही है। हमारे प्लाट का सर्वे नंबर 486/1851/7(एस) है। वहीं पटवारी द्वारा हमारे प्लाट का सर्वे नंबर 486/1851/2 सीएम हैल्पलाईन पर दिया गया, जबकि यह सर्वे नंबर शासकीय स्कूल का है। पटवारी, एडीईओ एवं सचिव ने गलत सर्वे नंबर की जानकारी भोपाल भेजकर बिना निराकरण के ही शिकायत बंद कर दी। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि हमारे गांव के पटवारी, एडीईओ एवं सचिव कब्जाधारियों से मिले हुए है। महिला ने कलेक्टर से मांग की है कि दोषियों पर शीघ्र कार्यवाही कर दोनों भाईयों से प्लाट को कब्जा मुक्त कराया जाए।