• चिटफंड कंपनी की कुर्क संपत्ति शीघ्र निलाम कि जाने की कि मांग
• देवास जिले के 25 हजार निवेशक है एवं लगभग 65 करोड़ की राशि निवेशित है
देवास। चिटफंड कंपनी जी लाइफ इंडिया डेवलपर्स एंड कॉलोनाइजर्स लिमिटेड, जीएन गोल्ड, जीएन डेयरी, जी लाईफ की कुर्क की गई संपत्ति के नीलामी की मांग निवेशक पांच वर्ष से कर रहे है। लेकिन अभी तक कोई हल नही निकला। कंपनी की संपत्ति शीघ्र निलाम किए जाने को लेकर निवेशकों का प्रतिनिधिमंडल गुरूवार को जिला कलेक्टर से मिला और आवेदन सौंपा। निवेशक सुरेंद्र सिंह सेंधव ने बताया कि चिटफंड कंपनी जीएन गोल्ड, जीएन डेयरी, जी लाईफ द्वारा पिछले कई वर्षों में हजारों भोले-भाले लोगों को करोड़ों-अरबों रूपए का चूना लगाया गया और जब पैसे लौटाने की बारी आई तो कंपनी के कार्यालय में ताले डल गए।
न्यायालय द्वारा गत छह सिंतबर 2016 को उक्त चिटफंड कंपनी की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने एवं दिनांक 21 दिसंबर 2016 को कुर्क संपत्ति की नीलामी आदेश दिए थे। लेकिन आज दिनांक तक माननीय न्यायालय द्वारा दिए आदेश को लगभग 5 वर्ष हो जाने के बाद भी किसी प्रकार की नीलामी नही की गई और हमें हमारी मेहनत का पैसा नही लौटाया गया है। माननीय न्यायालय के आदेश में बहुत विलंब होकर अव्हेलना हो रही है। देवास जिले के 25 हजार निवेशक है एवं लगभग 65 करोड़ की राशि निवेशित है। कंपनी की संपत्ति देवास, इंदौर, उज्जैन, आगर, शाजापुर, खरगोन, भोपाल, दिल्ली तथा पुणे में स्थित है। वहीं सोनकच्छ के कुमारिया राव एवं कलमा बिरगोद गांव में जी लाईफ इंडिया की कृषि भूमि है। यदि भूमि को निलाम किया जाए तो निवेशकों की धन वापसी हो सकती है। निवेशकों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि शीघ्र ही उपरोक्त कम्पनियों की विभिन्न स्थानों पर कुर्क की गई संपत्ति को तत्काल नीलाम किया जाए। जिला कलेक्टर ने निवेशकों की समस्या सुनकर शीघ्र ही कुर्क संपत्ति निलाम किए जाने का आश्वासन दिया।
इस दौरान रायसिंह सेंधव, कमलचंद पाटीदार, ज्ञानचंद पाटीदार, धर्मेन्द्र विश्वकर्मा, गजराज सिंह सेंधव, दौलत सिंह, सुरेन्द्र सिंह, राकेश परमार, विजेन्द्र सिंह, अजय सिंह, रविन्द्र सिंह, भानु पटवार, रविन्द्र सिंह, हेमंत भावसार, कमल सिंह वर्मा, अर्जुन सिंह, अजब सिंह, कुमेर सिंह, राकेश सिंह, बजेसिंग, विजेन्द्र सिंह आदि निवेशक उपस्थित थे।