ऑपरेशन त्रिनेत्रम की बड़ी सफलता: दो सूने मकानों में चोरी करने वाला गिरोह गिरफ्तार

महिलाओं को कार में बैठाकर करते थे रैकी, 12.50 लाख रुपये का माल बरामद

सीसीटीवी फुटेज से खुला राज, दो महिला समेत चार आरोपी गिरफ्तार

देवास। देवास पुलिस के “ऑपरेशन त्रिनेत्रम” ने एक बार फिर अपनी प्रभावशीलता साबित करते हुए शहर में हुई दो बड़ी चोरियों का पर्दाफाश कर दिया है। कोतवाली पुलिस ने संगठित चोरी गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 12.50 लाख रुपये मूल्य का चोरी गया माल बरामद किया है। आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं, जिन्हें रैकी के दौरान कार में बैठाकर ले जाया जाता था ताकि किसी को गिरोह पर संदेह न हो।

पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोत के निर्देश पर चोरी की घटनाओं के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई दो चोरियों की जांच के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली।

जबलपुर गए परिवार के घर में चोरी

पहली घटना में एलआईजी-78 सिविल लाइन निवासी आदेश कुमार उइके ने 29 मई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वे 27 मई को पारिवारिक कार्य से जबलपुर गए थे। लौटने पर घर का ताला टूटा मिला और अलमारी से डायमंड मंगलसूत्र, डायमंड ईयरिंग, दो टाइटन घड़ियां तथा नकदी चोरी होना पाया गया।

ईद मनाने गए परिवार का घर भी बनाया निशाना

दूसरी घटना में कर्मचारी कॉलोनी निवासी वसीम शेख ने शिकायत दर्ज कराई कि वे परिवार सहित ईद मनाने उज्जैन गए थे। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने सूने मकान का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, लैपटॉप एवं अन्य सामान चोरी कर लिया।

सीसीटीवी फुटेज ने दिलाई सफलता

घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) जयवीर सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के निर्देशन में थाना प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में आरोपी चोरी करने के बाद ईयोन कार (MP-09-CL-2044) से भागते हुए दिखाई दिए। तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने दोनों वारदातों को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।

यह आरोपी हुए गिरफ्तार

  • जयंत मीणा (19 वर्ष) निवासी आनंद नगर, देवास
  • आकाश उर्फ शूटर (26 वर्ष) निवासी बद्रीधाम नगर, देवास
  • चेतना सोलंकी (30 वर्ष) निवासी जवाहर नगर, देवास
  • चिंकी उर्फ प्रिया (23 वर्ष) निवासी जयश्री नगर, देवास

12.50 लाख रुपये का माल बरामद

आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने सोने-चांदी के आभूषण, हीरे का मंगलसूत्र, हीरे की बालियां, एक आसुस लैपटॉप, घड़ियां तथा 22 हजार रुपये नकद सहित कुल 12.50 लाख रुपये का चोरी गया माल बरामद किया है। साथ ही वारदात में प्रयुक्त ईयोन कार एवं चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

आरोपियों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस के अनुसार गिरोह के मुख्य आरोपी जयंत मीणा और आकाश उर्फ शूटर के खिलाफ पूर्व में भी चोरी, आबकारी, आर्म्स एक्ट, मारपीट और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज हैं। विशेष रूप से जयंत के खिलाफ चोरी के सात और आकाश के खिलाफ विभिन्न थानों में 15 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा, उपनिरीक्षक सचिन सोनगरा, दीपक मालवीय, सहायक उपनिरीक्षक एच.एस. गोदार, प्रधान आरक्षक हेमंत डाबी, मनोज पटेल सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

माता टेकरी पर चामुंडा माता की नियमित आरती एवं दर्शन मंदिर में से कराए जाए

• भारत तिब्बत समन्वय संघ ने उठाई मांग, नए प्रयोगों का विरोध

देवास। देशभर में प्रसिद्ध माता चामुंडा टेकरी पर मंदिर के अंदर होने वाली परम्परागत नियमित आरती एवं भक्तों को मंदिर के अंदर से करने पर प्रतिबंध को लेकर हिंदू समाज में आक्रोश व्याप्त है। भारत तिब्बत समन्वय संघ, जिला देवास (मालवा प्रांत) द्वारा माता चामुण्डा मंदिर में आरती एवं दर्शन पर लगाई गई रोक के विरोध में आवाज़ उठाई गई है। पूर्व में भी संघ द्वारा कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया था।

प्राचीनकाल से चामुंडा माता मंदिर के अंदर में नियमित एवं परम्परागत रूप से आरती होती आ रही थी, लेकिन विगत दिनों से अपने आप को अध्यक्ष बनाते वाले अशोक नाथ द्वारा भक्त मंडल को बाहर से आरती करने के लिए कहा जा रहा है तथा मंदिर में आरती के दौरान भक्तों का प्रवेश भी बंद कर दिया गया है। इस निर्णय से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। पूर्व में दिए गए ज्ञापन में संघ ने यह भी आरोप लगाया कि कोरोना काल के दौरान अस्थाई रूप से मंदिर में दर्शन बंद किए गए थे, लेकिन वर्षों बाद भी आम श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही है। वहीं दूसरी ओर, बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों से राशि लेकर विशेष पूजा व दर्शन कराए जाने तथा नारियल चढ़ाने की पुरानी व्यवस्था समाप्त किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई।

वर्तमान में माँ चामुंडा माता मंदिर में लंबी ऊंचाई वाली रेलिंग लगाई गई है जानकारी अनुसार देवस्थान प्रबंधन समिति द्वारा माँ चामुंडा मंदिर में यह रेलिंग वहां के अशोक नाथ द्वारा अन्य पुजारियों के साथ हुए विवाद के बाद लगाई है। रेलिंग माता के स्वरूप को भी दबा रही है और आरती के समय पुजारी को अंदर प्रवेश करने और माता रानी को चोला चढ़ाने के लिए भी जगह की कम होने से भी भी समस्या आ रही है।
जानकारी अनुसार माता टेकरी अशोक नाथ अपने आप को अध्यक्ष बता कर अपने अनुसार कार्य करा रहे है जिससे आगे भी विवाद होने की आशंका है। जानकारी अनुसार अशोक नाथ द्वारा प्रतिदिन माता टेकरी पर आने वाले श्रद्धालुओं से भी दुर्व्यवहार किया जाता है। क्या देवस्थान प्रबंधन समिति द्वारा अशोक नाथ को सभी जिम्मेदारी दे रखी है इसकी चर्चा भी चल रही है। और लगता है प्रशासन के संरक्षण प्राप्त होने से अशोक नाथ निडर रूप से सभी कार्य कर रह है। और पूर्व में भी अशोक नाथ के बड़े बड़े विवाद हो चुके है।
अगर प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देगा तो कभी भी दर्शनार्थी और पुजारी के बीच बड़ा विवाद हो सकता है।
बीते दिनों हुए अशोक नाथ ओर अन्य पुजारियों के विवाद में पुलिस भी मौके पर पहुंची जिसके बाद प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
संघ ऐसे प्रयोगों का भी विरोध करते हुए मांग करता है कि भक्त मंडल द्वारा की जाने वाली परम्परागत आरती पुनः मंदिर से करने की अनुमति दी जाए और सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से मंदिर में दर्शन का अधिकार मिले। मंदिर की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता लाई जाए। संघ द्वारा बार बार मांग की जा रही है, यदि प्रशासन ने शीघ्र ही इस मामले में संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई नहीं की, तो भारत तिब्बत समन्वय संघ समस्त हिंदू समाज एवं धार्मिक संगठनों के साथ आंदोलन करने को विवश होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की रहेगी।

समान नागरिक संहिता के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए आयोजित हुई उच्च स्तरीय गठित समिति की बैठक

• यूसीसी के संबंध में जनप्रतिनिधिगणों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यगणों, पत्रकारगणों एवं प्रबुद्ध नागरिकों से सुझाव प्राप्त किए

• समान नागरिक संहिता में नागरिक समिति को अभी भी भेज सकते है ucc.mp.gov.in पोर्टल पर सुझाव

देवास। समान नागरिक संहिता के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक मल्‍हार स्‍मृति मंदिर देवास में आयोजित की गई। बैठक में समिति के सदस्य डॉ गोपाल शर्मा द्वारा विभिन्न सामाजिक, विधिक एवं प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्‍होंने समान नागरिक संहिता के संभावित स्वरूप, विभिन्न राज्यों के अनुभव, सामाजिक समरसता तथा नागरिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। बैठक में जनप्रतिनिधिगणों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शांति समिति के सदस्यगणों, पत्रकारगणों एवं प्रबुद्ध नागरिकों से सुझाव भी प्राप्त किए गये।

समिति सदस्य डॉ गोपाल शर्मा ने पारिवारिक कानूनों, महिलाओं के अधिकार, सामाजिक न्याय एवं संवैधानिक प्रावधानों के संबंध में सुझावों पर चर्चा की। उन्‍होंने आगामी चरणों में नागरिकों से संवाद एवं सुझाव प्राप्त करने के लिए ucc.mp.gov.in पोर्टल की जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि समान नागरिक संहिता के संबंध में सुझाव ucc.mp.gov.in पोर्टल पर भेज सकते है। संविधान में समानता के लिए यूसीसी लाने का प्रस्‍ताव है। इसी के लिए आज विचार विमर्श हो रहा है। कुछ प्रदेशो में पूर्व में यूसीसी लागू हो गया है। प्रदेश सरकार चाहती है कि यूसीसी लागू करने से पूर्व नागरिकों के सुझाव लिये जाये। यूसीसी का केन्‍द्र बिन्‍दु परिवार है।

डॉ गोपाल शर्मा ने कहा कि पारिवारिक संबंधो से ताल्लुकात रखने वाले जो कानून है, वो समान नागरिक संहिता के परिधि में आते है। मिसाल के तौर पर विवाह, विवाह विच्छेद, भरण पोषण, उत्तराधिकार, लिविंग है। हम सभी जानते है कि परंपरागत रूप से हमारे देश में विभिन्न प्रकार के धर्म समुदायों के लिए विभिन्न प्रकार के पारिवारिक लॉ लागू है। आजादी के बाद इनमें से कुछ कानूनों को सुधार करने की कोशिश की गई, लेकिन अभी भी बहुत से विषय ऐसे है जिनको सुधार नही किया गया है, जो परंपरागत रीति रिवाजों से चलते है।

समिति सदस्य श्रीमती शोभा पैठणकर ने यूसीसी के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि कोई भी कार्य सरकार अकेले नहीं कर सकती। उन्‍होंने कहा कि अनेकता में एकता हमारी पहचान है, सभी को मिलकर कार्य करना होगा। समिति सभी जिलों में जाकर सुझाव ले रही हैं। सुझावों के आधार पर ड्राफ्ट तैयार होगा।

बैठक में सांसद महेन्‍द्र सिंह सोलंकी, नगर निगम सभापति रवि जैन, जिला अध्‍यक्ष रायसिंह सेंधव सहित अन्‍य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्‍टर ऋतुराज सिंह, पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद, नगर निगम आयुक्‍त दलीप कुमार, अपर कलेक्‍टर शोभाराम सोलंकी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शांति समिति के सदस्यगण, पत्रकारगण, प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे। बैठक के अंत में आभार अपर कलेक्‍टर संजीव जैन ने माना।

Dewas मरीज के पेट से निकालीं खजूर के आकार की 51 पथरियां

• पेशाब की थैली से इतनी पथरिया निकलने का संभवतः भारत का पहला ऐसा दुर्लभ मामला

• अमलतास अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत मरीज का हुआ निःशुल्क और सफल ऑपरेशन

देवास। चिकित्सा जगत में अक्सर ऐसे हैरतअंगेज मामले सामने आते हैं जो विशेषज्ञों को भी सोचने पर मजबूर कर देते हैं। ऐसा ही एक अनोखा और बेहद जटिल ऑपरेशन देवास के सुप्रसिद्ध अमलतास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है। अस्पताल के अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने एक 34 वर्षीय मरीज की पेशाब की थैली (ब्लैडर) से खजूर के आकार के 51 बड़े पत्थर (पथरी) निकालकर उसे नया जीवन दिया है।

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, देश में संभवतः यह पहला ऐसा मामला है जहाँ पेशाब की थैली से एक बार में इतनी बड़ी मात्रा में पथरियां निकाली गई हैं।मरीज चंदर सिंह (उम्र 34 वर्ष) पिछले दो वर्षों से पेट के गंभीर दर्द से पीड़ित था। उसने कई जगहों पर इलाज कराया, लेकिन कोई आराम नहीं मिला। लगातार बढ़ते दर्द के कारण मरीज का खाना-पीना और उठना-बैठना तक दूभर हो चुका था। जब मरीज को अमलतास अस्पताल लाया गया, तो यहाँ की आधुनिक जाँचों (Urology Diagnostics) में पेट के भीतर भारी मात्रा में बड़े पत्थरों की मौजूदगी का पता चला। सामान्यतः राई के दाने के बराबर पथरी होने पर भी मरीज का दर्द बर्दाश्त से बाहर हो जाता है, ऐसे में मरीज के शरीर में 51 बड़े पत्थरों का होना बेहद गंभीर स्थिति थी।

मरीज की क्रिटिकल स्थिति को देखते हुए अमलतास अस्पताल के सुप्रसिद्ध मूत्र एवं पथरी रोग विशेषज्ञ डॉ. देवेश बंसल और उनकी विशेषज्ञ मेडिकल टीम ने इस बेहद चुनौतीपूर्ण सर्जरी को हाथ में लिया। अस्पताल के अत्याधुनिक संसाधनों और डॉक्टरों की उत्कृष्ट कार्यकुशलता की बदौलत ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और एक-एक कर सभी 51 पत्थर सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए।मरीज और उसके परिजनों के लिए यह ऑपरेशन पूरी तरह निःशुल्क रहा, क्योंकि इसका पूरा खर्च आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर किया गया। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज को बरसों पुराने दर्द से हमेशा के लिए मुक्ति मिल गई है और वह तेजी से रिकवर हो रहा है। मरीज के परिवार ने अमलतास अस्पताल के प्रबंधन, डॉक्टरों की टीम और शासन की जनहितैषी योजना के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया है।अमलतास अस्पताल के चेयरमैन श्री मयंक राज सिंह भदौरिया ने इस दुर्लभ व ऐतिहासिक सर्जरी की सफलता पर पूरी मेडिकल टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा—”यह सफल ऑपरेशन हमारे डॉक्टरों की उत्कृष्ट क्षमता, उनके जज्बे और संस्थान के आधुनिक मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का जीवंत प्रमाण है। हम आगे भी जनता को इसी तरह की विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

अगर आप भी सार्वजनिक स्थानों पर फेंकते है कचरा तो सावधान ! कचरा फेंकने वालों पर लगेगा जुर्माना

अघोषित कचरा पॉइंट्स पर सीसीटीवी से निगरानी शुरू, 20 जगह कैमरे लगाए

देवास। शहर की स्वच्छता व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम ने एक नई पहल की है। पहली बार शहर के उन अघोषित कचरा पॉइंट्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जहां लोग लगातार कचरा फेंकते थे। नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार के निर्देश पर यह विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत शहर के लगभग 20 चिन्हित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

इन कैमरों में कैद होने वाली रिकॉर्डिंग के आधार पर कचरा फेंकने वाले लोगों की पहचान की जाएगी। इसके बाद उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना भी शामिल है। निगम अधिकारियों के अनुसार, स्वच्छता को लेकर यह पहली बार है जब इस तरह की तकनीकी निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य उन लोगों पर अंकुश लगाना है जो सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंककर शहर की स्वच्छता को प्रभावित करते हैं।

नगर निगम से प्राप्त जानकारी अनुसार लगातार समझाइश के बावजूद कुछ स्थानों पर लोग कचरा डालना बंद नहीं कर रहे थे, जिसके कारण ये स्थान अघोषित कचरा पॉइंट्स बन गए हैं। अब कैमरों की मदद से निगरानी कर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ जुर्माना सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी। स्वच्छ भारत मिशन के नोडल सौरभ त्रिपाठी ने जानकारी दी कि सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग के आधार पर अब कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम की टीम स्वच्छता के लिए लगातार काम कर रही है और लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। नगर निगम को उम्मीद है कि इस पहल से शहर में गंदगी फैलाने वालों पर रोक लगेगी और देवास स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकेगा।

क्या आप भी तेज रफ्तार और शराब पीकर वाहन चलाते है वाहन..! तो हो जाए सावधान…!!

मई माह में अब तक ऐसे 26 चालकों के लाइसेंस हुए निलंबित

देवास। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देशानुसार जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती निशा चौहान के नेतृत्व में मई माह के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई।

परिवहन विभाग द्वारा मई माह में सामने आए 26 प्रकरणों में वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। यह कार्रवाई विशेष रूप से उन चालकों पर की गई, जो शहर के व्यस्त मार्गों और सार्वजनिक सड़कों पर निर्धारित सीमा से अधिक गति से वाहन चलाते पाए गए। इसके अलावा सिग्नल जंप करना, नो पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करना, यातायात नियमों की अनदेखी करना तथा शराब पीकर वाहन चलाने जैसे मामलों में भी चालकों के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए।

जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती निशा चौहान ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है और भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें, सुरक्षित गति से वाहन चलाएं और स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

प्रशासन की इस कार्रवाई को सड़क सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे लापरवाह वाहन चालकों में कानून का भय बनेगा और दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

रसूखदार की दरिंदगी: सरपंच पति ने दिनदहाड़े नाबालिग को अगवा कर जंगल में किया दुष्कर्म

देवास/हाटपिपल्या: देवास जिले के हाटपिपल्या थाना क्षेत्र के गांव घुसट से इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां सत्ता और रसूख के नशे में चूर एक सरपंच पति ने दबंगई की सारी हदें पार करते हुए एक नाबालिग को उसी के घर से अगवा किया और जंगल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म की खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। आरोपी की पहचान माखन उर्फ पप्पू बंजारा (भाजपा नेता) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म की सख्त धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है।

सूनेपन का उठाया फायदा, कार से किया अपहरणयह सनसनीखेज वारदात 25 मई की बताई जा रही है। घटना वाले दिन दोपहर के वक्त नाबालिग अपने घर में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी माखन अपनी कार लेकर वहां पहुंचा और दबंगई दिखाते हुए मासूम को जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद वह उसे गांव से बाहर एक सुनसान जंगली इलाके में ले गया, जहां उसने इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया।

दहशत फैलाने और समझौते का प्रयास घटना के सामने आने के बाद जब पीड़ित पक्ष ने न्याय के लिए आवाज उठानी चाही, तो आरोपी और उसके समर्थकों ने उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया। अपने रसूख का खौफ दिखाकर पीड़ित परिवार पर राजीनामा (समझौता) करने का भारी दबाव बनाया गया।

चाइल्ड लाइन के हस्तक्षेप के बाद खुला मामला इस पूरे घटनाक्रम पर हाटपिपल्या थाना प्रभारी दीपक यादव ने मीडिया को दी जानकारी अनुसार, “शुरुआत में हमें डायल ‘112’ पर शिकायत प्राप्त हुई थी। जब किशोरी को थाने लाया गया, तो वह दहशत में होने के कारण कुछ भी बोल नहीं पा रही थी। इसके बाद चाइल्ड लाइन की टीम उसे अपने संरक्षण में देवास ले गई। महिला व बाल विकास विभाग के पत्र और काउंसलिंग के बाद पीड़िता के बयानों के आधार पर देर रात आरोपी पर एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।

आदतन अपराधी है आरोपी नेता जानकारी अनुसार, आरोपी सरपंच पति माखन उर्फ पप्पू बंजारा आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। इस जघन्य वारदात से पहले भी उसके खिलाफ विभिन्न मामलों में पांच से ज्यादा केस दर्ज हो चुके हैं। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुट गई है।

शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 24 घंटे में देवास पुलिस ने दबोचे तीन आरोपी

आरोपियों ने युवकों को शादी का झांसा देकर देवास की माता टेकरी पर सामूहिक विवाह समारोह आयोजित होने की बात कहकर बुलाया, न शादी हुई न आरोपी मिले

देवास। अनाथ आश्रम की लड़कियों से शादी कराने का झांसा देकर युवकों से रुपये ऐंठने वाले एक शातिर गिरोह का देवास पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल तीन आरोपियों को मात्र 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों द्वारा कई युवकों को एक ही लड़कियों के फोटो भेजकर शादी का लालच दिया जाता था और एडवांस राशि के नाम पर ठगी की जाती थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादी अभिषेक वर्मा ने थाना बैंक नोट प्रेस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके जीजाजी जितेन्द्र वर्मा निवासी सतपिपल्या, जिला सीहोर के माध्यम से उसकी पहचान विदिशा निवासी मुकेश दास बैरागी से हुई थी। आरोपियों ने स्वयं को अनाथ आश्रम की लड़कियों की शादी कराने वाला बताते हुए इंदौर स्थित एक अनाथ आश्रम की लड़कियों के फोटो भेजे और शादी तय कराने के नाम पर 25 हजार रुपये एडवांस मांगे।

फरियादी ने शादी की उम्मीद में 6 मई 2026 को फोन-पे के माध्यम से आरोपी के खाते में 25 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने फरियादी सहित अन्य युवकों को 24 और 25 मई को देवास की माता टेकरी पर सामूहिक विवाह समारोह आयोजित होने की बात कहकर बुलाया।
निर्धारित तिथि पर जब फरियादी अपने परिजनों के साथ देवास पहुंचा तो वहां पहले बस स्टैंड के पास एक धर्मशाला और बाद में राधागंज क्लब ग्राउंड पर बुलाया गया, लेकिन कहीं भी विवाह की कोई व्यवस्था नहीं मिली। इसी दौरान अन्य युवक भी वहां पहुंचे, जिन्होंने बताया कि उनसे भी शादी कराने के नाम पर इसी प्रकार रुपये लिए गए हैं और सभी को एक जैसी लड़कियों के फोटो भेजे गए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना बीएनपी में अपराध क्रमांक 312/2026 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीरसिंह भदौरिया एवं नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रीती कटारे के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए देवास और इंदौर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपियों से ठगी की रकम और उनके आपराधिक रिकॉर्ड के संबंध में पूछताछ कर रही है।

  • गिरफ्तार आरोपी
  • सुनीता पति मुकेश दास बैरागी, उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम बम्हौरी, हाल महानीम चौराहा, विदिशा।
  • मुकेश दास बैरागी पिता श्यामदास बैरागी, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम बम्हौरी, हाल महानीम चौराहा, विदिशा।
  • दिनेश दास बैरागी पिता श्यामदास बैरागी, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम बम्हौरी, हाल महानीम चौराहा, विदिशा।

सराहनीय भूमिका : पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रीती कटारे, उप निरीक्षक रामलाल भगत, राहुल परमार, सहायक उप निरीक्षक रविन्द्र गोदार, प्रधान आरक्षक मनोज पटेल, अनिल, आरक्षक संदीप, रोहित रोजड़े, महिला आरक्षक शिवानी कुशवाह, मोनिका एवं साइबर सेल के प्रधान आरक्षक सचिन चौहान की उल्लेखनीय भूमिका रही।

रंगपंचमी की रंजिश बनी मौत की वजह: 4 आरोपियों को उम्रकैद, मीडिया की गवाही बनी सजा का मजबूत आधार

देवास पुलिस और अभियोजन के सुदृढ़ समन्वय से सनसनीखेज हत्याकांड में मिली बड़ी सफलता

देवास। चार वर्ष पुरानी रंजिश और रंगपंचमी के विवाद ने एक युवक की निर्मम हत्या का रूप ले लिया था। लेकिन देवास पुलिस की पेशेवर और वैज्ञानिक विवेचना, अभियोजन की प्रभावी पैरवी तथा मीडिया कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका के चलते आखिरकार इस सनसनीखेज हत्याकांड में न्यायालय ने चार आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्री उमाशंकर अग्रवाल की अदालत ने आरोपी मिथुन अहीरवाल, रवि चौहान, राजकुमार सिसोदिया और अजय उर्फ आकाश सिसोदिया को हत्या के अपराध में दोषी पाते हुए उम्रकैद और 26 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

रंगपंचमी के विवाद से शुरू हुई थी दुश्मनी जानकारी के अनुसार 22 जुलाई 2022 को थाना औद्योगिक क्षेत्र में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि आरोपीगणों ने पुरानी रंजिश के चलते गणेश उर्फ गन्नू भावसार पर चाकू, तलवार और डंडों से जानलेवा हमला किया था। गंभीर रूप से घायल गन्नू की बाद में मौत हो गई थी। पुलिस ने प्रकरण में धारा 147, 148, 149, 302 भादवि एवं 25 आयुध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।

गवाह मुकर गए, फिर भी नहीं टूटी पुलिस की कड़ी मामले की सुनवाई के दौरान चश्मदीद सहित कई मुख्य गवाह अपने बयानों से मुकर गए, जिससे मामला कमजोर पड़ता दिखाई दिया। लेकिन जैसे ही इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोद को मिली, उन्होंने पुलिस और अभियोजन अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर नई रणनीति तैयार की।

पुलिस ने दोबारा वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूत किया। घटना के समय जब्त वस्तुओं का डीएनए परीक्षण कराया गया। वहीं, सबसे अहम कड़ी तब सामने आई जब पुलिस ने घटना के दौरान एक चश्मदीद द्वारा मीडिया को दिए गए इंटरव्यू का वीडियो खोज निकाला।

मीडिया कर्मियों की गवाही बनी निर्णायक साक्ष्य घटना को कवर करने वाले जागरूक मीडिया कर्मियों के बयान अदालत में पेश किए गए। मीडिया द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो को न्यायालय में प्रमाणित किया गया, जिसे चश्मदीद गवाह भी झूठा साबित नहीं कर सका। यही वीडियो और मीडिया कर्मियों के कथन इस मामले में सजा का मजबूत आधार बने।

ऑपरेशन “संकल्प” का असर पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोद ने बताया कि जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन संकल्प” के तहत गंभीर अपराधों की विवेचना को वैज्ञानिक और समयबद्ध बनाया जा रहा है। न्यायालयीन प्रक्रिया में समंस और वारंट की त्वरित तामिली कराकर पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में देवास पुलिस हत्या, हत्या के प्रयास, बलात्कार, छेड़छाड़, लूट, धोखाधड़ी और चोरी सहित कई गंभीर मामलों में कठोर सजा दिलाने में सफल रही है।

इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका इस प्रकरण में सहायक लोक अभियोजक श्रीमती अलका राणा, श्री उदल सिंह मौर्य, थाना प्रभारी शशिकांत चोरसिया, उप निरीक्षक रामकृष्ण शर्मा, विजय सोनी, राधेश्याम वर्मा, गोविंद्र बडोलिया सहित आरक्षक अतुल सिंह, संदीप प्रजापत और रमेश बर्डे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अंत में पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम को सम्मानित करते हुए भविष्य में भी और अधिक दक्षता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

Dewas विहाररत जैन संतों की सुरक्षा को लेकर जैन समाज ने उठाई आवाज

रीवा हादसे की उच्चस्तरीय जांच और “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” बनाने की मांग

देवास। रीवा में विहाररत पूज्य आर्यिका माताजी के साथ हुई दुखद घटना जिसमें एक तेज रफ्तार कार ने विहार कर रही तीन जैन साध्वियों को कुचल दिया जिसमें दो हादसे में दो साध्वियों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य साध्वी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका अस्पताल में इलाज जारी है।

हादसे को लेकर जैन समाज में गहरा आक्रोश एवं शोक व्याप्त है। समाजजनों ने इस घटना को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने तथा विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा हेतु विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

समस्त जैन समाज की ओर से जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, मुख्यमंत्री, गृह मंत्री एवं भारत सरकार के नाम ज्ञापन सौंपे गए। ज्ञापन में कहा गया कि जैन साधु-संत पूर्णतः अहिंसक, निहत्थे एवं पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो समाज को शांति, संयम और अहिंसा का संदेश देते हैं। ऐसे संतों के साथ लगातार बढ़ती दुर्घटनाएं और हमले गंभीर चिंता का विषय हैं।ज्ञापन में रीवा घटना की SIT अथवा न्यायिक जांच कराने, घटना से जुड़े सभी CCTV फुटेज, वीडियो एवं डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही यदि घटना में किसी प्रकार की साजिश या सुनियोजित कृत्य सामने आता है, तो संबंधित व्यक्तियों पर कठोर धाराएं लगाने की बात भी कही गई है।

जैन समाज ने विहाररत साधु-संतों की सुरक्षा के लिए “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने की मांग करते हुए विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग, ट्रैफिक नियंत्रण, चेतावनी संकेतक तथा हाईवे एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

इसके अतिरिक्त भारत सरकार से “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” बनाने की मांग करते हुए पैदल विहार करने वाले संतों के लिए राष्ट्रीय गाइडलाइन, सुरक्षा SOP एवं संवेदनशील मार्गों के लिए विशेष प्रावधान तैयार करने की आवश्यकता बताई गई है।ज्ञापन में यह भी कहा गया कि संत आत्मरक्षा नहीं करते तथा किसी प्रकार के सुरक्षा साधनों का उपयोग नहीं करते, इसलिए संतों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाए। साथ ही स्थानीय स्तर पर “Sant Security Coordination Cell” एवं आपातकालीन संपर्क व्यवस्था स्थापित करने की मांग भी उठाई गई।जैन समाज ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव उत्पन्न करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और तपस्वी संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज की महिला एवं समाजजन उपस्थित थे।