देवास – आज आई 299 लोगों की रिपोर्ट मे 5 लोगों की रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव

कोविड -19 हेल्थ बुलेटिन दिनांक 17 नवम्बर 2020

आज प्राप्त रिपोर्ट कोरोना संक्रमित (पाजिटिव) केसेस जानकारी:

1 पताः- मोती बंगला देवास ,पुरूष ,उम्र 44 वर्ष

2 पता:- गायत्री विहार देवास ,पुरूष ,उम्र 20 वर्ष

3 पता:-कालानी बाग देवास पुरूष ,उम्र 29 वर्ष

4 पताः-कुमनगंज देवास .महिला ,उम्र 50 वर्ष

5 पताः-चामुण्डापुरी देवास पुरुष ,उम्र 37 वर्ष

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राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर कन्नोद में पत्रकारों ने पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने एवं पत्रकार कल्याण आयोग की स्थापना करने के संबंध में ज्ञापन सौपा.

कन्नौदः राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर कन्नौद के पत्रकारों ने संपूर्ण भारत में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने एवं पत्रकार कल्याण आयोग की स्थापना के संबंध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन राजस्व निरीक्षक सुश्री सोनल कुशराम को सौंपा।भारत में पत्रकार सुरक्षा कानुन लागू तथा पत्रकार कल्याण आयोग गठन करने के संबंध में राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर कन्नोद में मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ,कन्नौद प्रेस परिषद, प्रेस क्लब आफ वर्किंग जनरलिस्ट,के पत्रकार सदस्यों ने संयुक्त रूप से राष्ट्रपति के नाम एसडीएम नरेंद्र सिंह धुर्वे की अनु उपस्थिति मे राजस्व निरीक्षक सोनल कुशराम को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि 16 नवंबर 20 को संपूर्ण देश में राष्ट्रीय प्रेस दिवस पत्रकार जगत मना रहा है लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाने वाला पत्रकारिता जगत विगत कई वर्षों से जिस प्रकार पत्रकारों पर अत्याचार हुए वह निंदनीय है वर्तमान समय में मीडिया की अहमियत किसी से छिपी नहीं है जीवन के प्रत्येक विश्व में मीडिया ने अपना प्रभुत्व स्थापित किया है। जब हमारे तमाम पत्रकार साथियों ने सत्य को उजागर करने के संघर्ष में अपनी जान गवाई और जो निरंतर चौथे स्तंभ को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं फर्जी मुकदमों का तमाम सरकारो के सामने माफिया जगत के लोग हमला कर रहे हैं बड़ी संख्या में पत्रकारों में भय पैदा कर सत्य आधारित लिखने को कुचलने के प्रयास चल रहा है बावजूद इसके पत्रकारों ने अपनी जान गवा दी और सत्य लिखना निरंतर जारी है ऐसे मे भी सरकार पत्रकारों पर बढ़ रहे हमलों को गंभीरता से लेकर संपूर्ण भारत में पत्रकार सुरक्षा कानून पारित कराने को लेकर आंदोलन से पत्रकारिता का सत्य सुरक्षित हो पत्रकार सुरक्षित हो उसका परिवार सुरक्षित हो इसलिए पत्रकार सुरक्षा कानून हर पत्रकार अधिकार है पत्रकार चौथा स्तंभ के साथ सत्य लिखने के लिऐ स्वतंत्र हैं सत्य को समाज के सामने लाने के लिए समाज व देश के लिए पत्रकार कानून एकमात्र विकल्प है पत्रकार सुरक्षा कानून के साथ ही पत्रकारों उनके परिवारों के कल्याण के लिए पत्रकार कल्याण आयोग की स्थापना भी नितांत आवश्यक है इस ज्ञापन के माध्यम से पत्रकार सुरक्षा कानून के साथ ही पत्रकारों उनके परिवारों के कल्याण के लिए पत्रकारो पर बढ़ रहे अपराधों के मद्देनजर अभिलंब पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने एवं पत्रकार कल्याण आयोग की स्थापना के मार्ग पर संपूर्ण पत्रकार बिरादरी आपकी आभारी रहेगी।इस अवसर पर विनोद भुतडा, राजेंद्र श्रीवास,शैलेंद्र पांचाल,अनिल नागर, अतुल गुप्ता,युसुफ खान भी मौजूद थे।

चंचल भारतीय✒️

महिलाओं ने गोवर्धन बनाकर की गोवर्धन कि पूजा

दिवाली की अगली सुबह गोवर्धन की पूजा होती है। इस दिन का भी बहुत बड़ा महत्व है। खुशियां मनाई जाती हैं। दिवाली की अगली सुबह गोवर्धन पूजा की जाती है। लोग इसे अन्नकूट के नाम से भी जानते हैं। गोवर्धन पूजा में गोधन यानी गायों की पूजा की जाती है। गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरूप भी कहा गया है। इस दिन बलि पूजा, अन्न कूट, मार्गपाली आदि उत्सव भी सम्पन्न होते है। अन्नकूट या गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण के अवतार के बाद द्वापर युग से प्रारम्भ हुई। कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के दिन गोवर्धन की पूजा की जाती है| यह पर्व उत्तर भारत में विशेषकर मथुरा क्षेत्र में बहुत ही धूम-धाम और उल्लास के साथ मनाया जाता है | ये भगवान कृष्ण के लिए मनाया जाता है। गोवर्धन पूजा संबंध भगवान कृष्ण से है और इसकी शुरुआत भी द्वापर युग में ही हो गई थी। लेकिन इससे पहले ब्रजवासी इंद्र की पूजा करते थे। तभी भगवान ने ये बताया कि आप लोग इंद्र की पूजा करते है इससे कोई लाभ प्राप्त नहीं होता है। इसलिए आपको गौधन को समर्पित गोवर्धन पर्वत पर जाकर गोवर्धन पूजा करनी चाहिए। भगवान कृष्ण की बात मानकर लोगों ने इंद्र की पूजा करनी बंद कर दी और गोवर्धन पूजा करने लगे। तभी इस बात से क्रोधित होकर इंद्र ने भारी बारिस की और लोगो को डराने का प्रयास करने लगे।
इंद्र ने भारी बारिस करके पूरे गोवर्धन पर्वत को जलमग्न कर दिया और लोग प्राण बचाने के लिए भगवान से प्रार्थना करने लगे। कृष्ण ने देखा तो वो इंद्र की मूर्खता पर मुस्कुराए और ब्रजवासियों को बचाने के लिए पूरा गोवर्धन पर्वत अपनी एक उंगली पर उठा लिया भारी बारिस का प्रकोप लगातार 7 दिन तक चलता रहा और भगवान कृष्ण ब्रजवासियों को उसी गोवर्धन पर्वत के नीचे छाता बनाकर बचाते रहे। सुदर्शन चक्र के प्रभाव से ब्रजवासियों पर एक जल की बूँद भी नही पड़ी। ब्रह्या जी ने इन्द्र को बताया कि पृथ्वी पर भगवना विष्णु ने कृष्ण के रूप में जन्म लिया है तुम उनसे लड़ रहे हो। इस बात को जानकर इंद्र बहुत पछताए और भगवान से क्षमा मांगी। इस बात के खत्म होने के बाद भगवान कृष्ण ने सभी ब्रजवासियों को सातवें दिन गोवर्धन पर्वत को नीचे रखकर ब्रजवासियो से आज्ञा दी कि अब से प्रतिवर्ष गोवर्धन पूजा कर अन्नकूट का पर्व उल्लास के साथ मनाओ। तब से लेकर आज तक गोवर्धन पूजा और अन्नकूट हर घर में मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि ये उत्सव खुशी का उत्सव है और इस दिन जो दुखी रहेगा तो वो वर्ष भर दुखी ही रहेगा। इस दिन खुश रहने वाला व्यक्ति वर्ष भर खुश रहेगा। इसलिए इस गोवर्धन पूजा करना बहुत ही जरूरी है इसी के चलते आज नगर मे गोरधन बना कर महिलाओ व बालिकाओ द्वारा पूजा की गई

✍️ अभय नागर , भौरासा

आओ बच्चों के चेहरे पर खुशियां लाये, इस दीपावली अलग दीप जलाये

देवास। मित्राय सोशल वेलफेयर सोसायटी के सेवाभावी सदस्य हमेशा कुछ नया करने को लालायित और उत्साहित रहते हैं। इस बार उन्होंने सेवा बस्तियों में जाकर दिपावली का त्यौहार मनाया। जानकारी देते हुए संस्था सदस्य शुभम सोलंकी ने बताया कि दीपावली के दिन ही शिक्षा, स्वास्थ्य औऱ पर्यावरण को लेकर मित्राय ने कार्य करना प्रारंभ किया। सभी के जीवन में प्रकाश हो,प्रकाश से कोई भी अछूता ना रहे। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मित्राय की स्थापना की गई है। अपना तीसरा स्थापना दिवस मनाते हुए मित्राय के मित्रों ने सेवा बस्तियों के बच्चों को सबसे पहले दीनदयाल रसोई इटावा में ले जाकर भोजन करवाया। उसके पश्चात शहर में स्थित विभिन्न सेवा बस्तियों में पहुंच कर सभी बच्चों के लिए नए कपड़े, मिठाई, पटाखें एवं मिट्टी के दियो का वितरण किया गया तथा बच्चों के साथ मिलकर संस्था सदस्यों ने दीपावली मनाई। अंत में बच्चों को सालों से शिक्षा प्रदान करने का कार्य करने वाली संस्था “पुलिस की पाठशाला” के संचालक श्री जितेन्द्र दुबे ने सभी को बधाई देते हुए आभार व्यक्त किया।

औद्योगिक थाना पुलिस ने बदमाशों को गिरफ्तार कर निकाला जुलूस

देवास औद्योगिक थाना पुलिस ने शहर के बदमाश जो आए दिन आम लोगों से विवाद व लोगों को डराते थे उनको पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर औद्योगिक थाने से लेकर सड़क पर बदमाशों का आज सोमवार को सामूहिक जुलूस निकाला

जानकारी अनुसार बदमाशों के नाम

• सागर गोयल
• जीतेंद्र नरवरिया
• अशोक
• दिनेश
• कैलाश
• शिवनारायण
• अशोक सिंह
• रमेश

यह सभी संजय नगर व विकास नगर के निवासी है।

रंगोली बनाकर मुख्यमंत्री को बागली को जिला बनाए जाने की दिला रहे याद।

बाग़ली | इन दिनों बागली में बागली को जिला बनाने को लेकर नगर की बालिकाओं एवं बहनों द्वारा आंगन में रंगोली के माध्यम से मुख्यमंत्री जी को संदेश दिया जा रहा है | पिछले दिनों माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हाटपिपलिया में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाश जी जोशी की प्रतिमा का अनावरण के कार्यक्रम में उपस्थित हुए थे जिसमें उन्होंने बागली निवासियों को बागली को जिला बनाने का तोहफा दिया था इसी संदर्भ में नगर की बालिकाओं एवं बहनों द्वारा आंगन में रंगोली के माध्यम से मुख्यमंत्री जी को संदेश दिया जा रहा है | पिछले दिनों आपने वादा किया था की भाजपा की सरकार आएगी तो बागली जिला जरूर बनेगा इस तरह की रंगोली नगर मैं आसपास के क्षेत्रों में काफी चर्चित हो रही है बालिकाओं द्वारा रंगोली को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया जा रहा है जिससे रंगोली काफी चर्चा मे बनी हुई है।

? उत्तम आचार्य

देवास (भौरासा) – सुबह भोर में टोकली जलाकर किया गया बुरी शक्तियों को नष्ट

भौरासा- दीपावली के एक दिन बाद महिलाओं के द्वारा मनाया जाने वाला पर्व भारतीय संस्कृति में अनूठी परंपरा अंतर्गत मनाया जाता है इस दिन महिलाएं सुबह सुबह अंधेरे उठकर स्नान करके एकत्रित होकर पुरानी टोकरी एवं आतिशबाजी का कचरा एकत्रित कर आग लगाकर उसमें तापती हैं मान्यता है कि एक दिन पूर्व दीपावली पर लक्ष्मी माता के साथ कई आसुरी शक्तियां भी आती है उन्हें घर की लक्ष्मी ही सुबह सम्मान अग्नि प्रज्वलित कर विदा कर देती है ताकि घर पर आई लक्ष्मी शुद्ध रूप से मनमस्तिक को संचालित करें ग्रामीण क्षेत्रों में गोवर्धन पूजा का पर्व अब भी मनाया जाता है भोरासा के चौधरी मोहल्ले की वरिष्ठ तेजकुंवर बाई बजाज का कहना है कि इस दिन नववधू बड़े बुजुर्गों के पैर पढ़ कर आशीर्वाद लेती है इसलिए इस दिन बड़े बुजुर्गों के धोक (पैर पड़ना ) लगने से इस पर्व को धोक पड़ना भी कहते हैं सदा सुहागन का आशीर्वाद मिलते ही महिलाओं के चेहरे खिल जाते हैं पति की लंबी उम्र के लिए यह पर्व दिवाली के एक दिन बाद हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है और बुरी शक्तियों को जलाकर नष्ट कर दिया गया आज भी यह परंपरा कई मान्यता लिए पूरे जोर-शोर से मनाई जा रही है नववधू ने बताया कि इस पर्व में सभी बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलता है भारतीय संस्कृति में ऐसी परंपरा रहने से एक दूसरे का सम्मान करने का अवसर भी मिल जाता है महिला शक्ति में शामिल महिलाओं ने बताया कि यह परंपरा वर्षों वर्ष पुरानी है जो विरासत में बुजुर्गों द्वारा हमें दी गई है इस पर्व से सास बहू नंनद भाभी देवरानी जेठानी में आपसी प्रेम बनता है ।

✍️ अभय नागर , भौरासा

छिंदवाड़ा सांसद नकुल नाथ आए कोरोना पॉजिटिव, ट्वीट कर दि जानकारी

सांसद नकुलनाथ कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। सांसद नाथ ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। 4 दिन पहले 11 नवंबर को नकुल नाथ पिता व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ सीएम हाउस जाकर सीएम शिवराज सिंह चौहान से मिले थे।

https://twitter.com/NakulKNath/status/1327907885133619200?s=19

उन्होंने कहा है कि मेरे संपर्क में आने वाले प्राथमिकता के आधार पर कोरोना जांच करा लें। अगर वह संक्रमित पाए गए हैं, तो तत्काल इलाज कराएं और स्वास्थ्य लाभ लें। प्रत्येक व्यक्ति नियमित तौर पर मास्क पहनने के साथ ही समय-समय पर अपने हाथों को धोएं और सैनिटाइज करें।

देवास – आज आई 342 लोगों की रिपोर्ट मे 7 लोगों की रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव

कोविड -19 हेल्थ बुलेटिन दिनांक 16 नवम्बर 2020

◆ आज प्राप्‍त रिपोर्ट कोरोना संक्रमित (पाजिटिव) केसेस जानकारीः-

1 पताः- कुमारिया देवास ,पुरूष ,उम्र 43 वर्ष
2 पताः- स्टेशन रोड देवास ,पुरूष ,उम्र 69 वर्ष
3 पताः- स्टेशन रोड देवास ,महिला ,उम्र 65 वर्ष
4 पताः-कर्मचारी कालोनी देवास ,पुरूष ,उम्र 37 वर्ष
5 पताः-कर्मचारी कालोनी देवास ,महिला ,उम्र 42 वर्ष
6 पताः-कर्मचारी कालोनी देवास ,पुरूष ,उम्र 18 वर्ष
7 पताः-कर्मचारी कालोनी देवास ,पुरूष ,उम्र 14 वर्ष


1 – आज लिये गये सैम्‍पल- 354
2 -आज लैब से प्राप्त सैंपल रिपोर्ट संख्या- 342
3 -आज प्राप्त सैम्पल रिपोर्ट में पाजिटिव संख्या- 7
4 -आज प्राप्त कुल सैम्पल रिपोर्ट में नेगेटिव संख्या’- 335
5 -आज कोरोना संक्रमित/पॉजिटिव, मरीज की मृत्‍यु संख्या- 0
6 -आज दिनांक तक लिये गये सैंपल संख्या- 60478
7 -आज दिनांक तक लैब से प्राप्त कुल सैंपल रिपोर्ट संख्या- 60261
8 -आज दिनांक तक कुल पाजिटिव संख्या- 2050
9 -आज दिनांक तक प्राप्‍त सैम्पल रिपोर्ट में नेगेटिव संख्या’- 57121
10 -आज कोरोना संक्रमित /पॉजिटिव ,मरीज उपचार उपरांत कोरोना मुक्त हुए संख्या- 0
11 -आज दिनांक तक कोरोना संक्रमित/पॉजिटिव ,मरीज उपचार उपरांत कोरोना मुक्त हुए संख्या- 1983
12 -आज दिनांक तक जिले मे कोरोना संक्रमित/पॉजिटिव, एक्‍टीव मरीजो की संख्या- 44
13 -आज प्राप्त में पैथालॉजी द्वारा रिजेक्ट संख्या- 0
14 -आज दिनांक तक प्राप्त रिपोर्ट में पैथालॉजी द्वारा रिजेक्ट संख्या- 219
15 -आज दिनांक तक कोरोना वायरस सैम्पल रिपोर्ट अप्राप्त /रिपोर्ट आना शेष संख्या’- 217
16 -आज दिनांक तक कोरोना संक्रमित/पॉजिटिव,मरीज की मृत्‍यु संख्या- 23
17 -जिले में अब तक का कोविड-19 पाॅजिटीविटी रेट (प्रतिशत मे)- 3.40
18 -जिले में अब तक का कोविड-19 रिकवरी रेट (प्रतिशत मे)- 96.73
19 -जिले में अब तक की कोविड-19 मोर्टीलिटी रेट (मृत्युदर) (प्रतिशत मे)- 1.12

जन नायक बिरसा मुण्‍डा जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का हुआ आयोजन

देवास। सम्पूर्ण प्रदेश के साथ आज जिले में भी जन नायक बिरसा मुण्डा की जयंती मनाई गई।
कलेक्टर कार्यालय के सभागार में आयोजित हुए कार्यक्रम में स्व बिरसा मुण्डा के चित्र पर जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग की सुप्रिया बिसेन द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की गई। साथ ही सभी ने जन नायक बिरसा मुण्डा द्वारा आज़ादी के लिए किए गए साहसिक संघर्ष को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण विभाग के सभी अधिकारी/ कर्मचारी गण उपस्थित थे।
इस अवसर पर जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग श्रीमती बिसेन ने कहा कि हम सबको स्वर्गीय श्री बिरसा मुंडा जी से प्रेरणा लेनी चाहिए सामाजिक संगठनों को एक सूत्र में ढा़ल कर आजादी के लिए बिरसा मुंडा जी के योगदान को हम भुला नहीं सकते हैं ।उन्होंने विकास के लिए एकजुटता पर बल दिया है।
कार्यक्रम में जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक ने जन नायक बिरसा मुण्डा की जीवनी पर प्रकाश डाला।

जननायक बिरसा मुण्डा
(जन्म 15 नवम्बर, 1875- देहावसान 9 जून 1900)


सिंहभूम प्राचीन बिहार का वह भूभाग है जो वर्तमान में झारखंड के नाम से जाना जाता है, यहां की प्रमुख नगरी रांची 19 वी शताब्दी के अंतिम दशक में बिरसा विद्रोह की साक्षी रही है। बिरसा उच महानायक का नाम है जिसने मुण्डा जनजाति के विद्रोह का नेतृत्व किया था।
एक इष्ट के रूप में पूजित बिरसा मुण्डा पूरे मुण्डा समाज के साथ-साथ देश के जनजातीय समाज की अस्मिता बन गये। बिरसा ने पूरे जंगलो की प्राणवायु को संघर्ष की उर्जा से भर, सबके जीवन का आधार बना दिया था। दी दिनाँक 15 नवम्बर 1875 को जन्मे बिरसा मुण्डा के पिता सुघना मुण्डा तथा माता करनी मुण्डा खेतिहर मजदूर थे।
बिरसा बचपन से ही बडे़ प्रतिभाशाली थे। कुशाग्र बुद्धि के बिरसा का आरंभिक जीवन जंगलो में व्यतीत हुआ। उनकी योग्यता देख उनके शिक्षक ने बिरसा को जर्मन मिशनरी स्कूल में भर्ती करवा दिया। इसकी कीमत उन्हे धर्म परिवर्तन कर चुकानी पड़ी। यहां से मोहभंग होने के बाद बिरसा पढ़ाई छोड़ चाईबासा आ गये। देश में स्वाधीनता की आवाज तेज होने लगी थी। बिरसा मुण्डा पुनः अपनी मूल जनजातीय धार्मिक परंपरा में लौट आये।

अंग्रेजो ने अपनी कुटिल नीतियों के द्वारा पहले जंगलो का स्वामित्व जनजातियों से छीना फिर बडे जमीनदारों ने जनजातियो की जमीन हड़पना शुरू की। इस अन्याय के विरूद्ध बिरसा मुण्डा ने ब्रिटिशों, क्रिष्चियन मिशनरियो, भूपतियों एवं महाजनोे के शोषण व अत्याचारो के खिलाफ छोटा नागपुर क्षेत्र में मुण्डा जनजाति के विद्रोह (1899-1900) का नेतृत्व किया।

3 मार्च, 1900 को अंग्रेजो ने बिरसा को गिरफ्तार कर रांची जेल में बंद कर दिया। जेल में शारीरिक प्रताड़ना झेलते हुए 9 जून, 1900 को बिरसा बीरगति को प्राप्त हो गये। बिरसा मरकर भी अमर है। छोटा नागपुर के जंगलो में आज भी बिरसा मुण्डा लोक गीतो में जीवित है।