Dewas शादी करने के लिए घर से भागे नाबालिग बालक-बालिका को पुलिस ने पकड़ा…

देवास। झाबुआ निवासी नाबालिक बालक बालिका शादी करने के इरादे से घर से भागे थे। कोतवाली पुलिस द्वारा गश्त के दौरान बस स्टैंड पर एक संदिग्ध कार दिखी जिसमें सवार नाबालिक बालक बालिका से पूछताछ पर पता चला कि दोनों शादी करने के इरादे से घर से भागे थे। पुलिस द्वारा तस्दीक करने पर पता चला कि बालिका की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना राणापुर जिला झाबुआ में दर्ज है।

दरअसल बीते सोमवार को रात्रि गश्त के दौरान गश्त चेकिंग अधिकारी कोतवाली उनि जुवान सिंह भूरिया एवं चीता 01, चीता 02, FRV 19 की टीम द्वारा बस स्टैंड पर चेकिंग की गई। दौराने चैकिंग एक संदिग्ध इको कार को रोका गया। पूछताछ करते कार मे झाबुआ निवासी नाबालिग बालिका एवं नाबालिग बालक गोविंद पिता अमरा हटीला उम्र 17 वर्ष निवासी राणापुर एवं उसके साथियों मिले जिन्होने बताया कि वे घर से भागकर शादी करने के इरादे से आए थे । जिसके संबंध मे थाना कोतवाली पुलिस द्वारा संबंधित थाने से मोबाइल के माध्यम से तस्दीक की गई जिसमें पुष्टि हुई कि उक्त बालिका की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना राणापुर जिला झाबुआ में दर्ज है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बालक, बालिका एवं उनके साथियों को सुरक्षा के दृष्टिकोण से थाना कोतवाली लाकर सुरक्षित रखा एवं आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।

Dewas संत रविदास सेवक संघ द्वारा 12 फरवरी को मनाई जाएगी रविदास जी की जयंती

देवास। संत रविदास सेवक संघ के प्रदेशाध्यक्ष संतोष पंचोली के निर्देशानुसार जिलेभर में धूमधाम से संत रविदास जयंती मनाई जाएगी। विगत दिनों संघ की बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें रविदास जयंती पर विविध आयोजन करने का निर्णय लिया गया। जिसके अंतर्गत संत रविदास सेवक संघ जिलाध्यक्ष प्रेम बालोदिया द्वारा 12 फरवरी को शहर की विभिन्न सेवा बस्तियों में सेवा दिवस के रूप में  संत रविदास जी की जयंती मनाई जाएगी। साथ ही बच्चों को खाद्य सामग्री बांटी जाएगी। प्रदेशाध्यक्ष श्री पंचोली ने बताया कि प्रदेशभर के 52 जिलो व ग्रामीण क्षेत्र में संगठन के कार्यकर्ता व पदाधिकारियों द्वारा विविध आयोजनों के साथ रविदास जी की जयंती धूमधाम से बडे पैमाने पर मनाई जाएगी।

Dewas जैन महासंघ एवं केयर सी एच एल हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वाधान में हुआ निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

देवास। श्री आदेश्वर जैन श्वेतांबर प्राचीन मंदिर के आराधना भवन में आज निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन जैन महासंघ एवं केयर सी एच एल हॉस्पिटल इंदौर के संयुक्त तत्वाधान में संपन्न हुआ। इस शिविर में 150 से भी अधिक संख्या में लोगों ने हॉस्पिटल के प्रख्यात डाक्टरों से निःशुल्क परामर्श प्राप्त किया और स्वास्थ लाभ लिया। इस सेवा की भावना से किये गए आयोजन का प्रारंभ पूज्य गुरुवर्या श्री अमितगुणा श्रीजी मा सा आदि ठाणा 3 के मंगल प्रवचन से हुआ।

गुरूवर्या ने कहा कि चौराशी लाख योनि में मनुष्य गति ही एकमात्र ऐसी गति है जिसमें हम किसी का परोपकार कर सकते है। मनुष्य जन्म ऐसा है,जिसमें व्यक्ति मन से वचन से और काया से सेवा व परोपकार कर सकता है। हमको जो कुछ मिला है ये सब पुण्य, परोपकार एवं धर्म से मिला है और ये राह हमारे परमात्मा ने हमे दिखाई है। गुरूवर्या के सुंदर मार्गदर्शन के पश्चात डाक्टरों की टीम द्वारा रोगियों का उपचार किया गया एवं समस्याओं के लिए परामर्श दिया गया एवं समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक सुविधा भी प्रदान की गई।यह आयोजन समाज में सेवा और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सेवा कार्य में राजेश बागरेचा, रवि जैन, राजेन्द्र जैन, भरतेश जैन पारस जैन, मिखाईल जैन, प्रदीप जैन, डॉक्टर महावीर जैन आदि ने अपना सहयोग दिया।श्री नीरजजी जैन एवं श्री आदेश्वर ट्रस्ट मंडल ने आभार माना।

Dewas कलेक्टर ने दो आरोपीयो पर की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्यवाही

• आरोपियों को तीन-तीन माह तक भेरूगढ़ जेल उज्जैन में रखा जायेगा

• आरोपियों पर पंजीबद्ध है धार्मिक उन्माद फैलाना, अवैध हथियार रखना सहित विभिन्न अपराध

देवास। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ऋतुराज सिंह ने आरोपी वसीम कुरैशी पिता असलम कुरैशी उम्र 30 वर्ष निवासी पठानकुंआ देवास तथा हसीन कुरैशी उर्फ हासिम कुरैशी पिता असलम कुरैशी उम्र 26 वर्ष निवासी पठानकुंआ देवास पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 3(2) के तहत कार्यवाही की है।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सिंह ने दोनों आरोपियों को तीन-तीन माह तक की अवधि के लिए निरूद्ध किया जाकर केन्द्रीय जेल भेरूगढ़ उज्जैन में रखे जाने के आदेश दिये हैं। कार्यवाही पुलिस अधीक्षक जिला देवास के प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। जारी आदेशानुसार में उल्लेख हैं कि आरोपी वसीम कुरैशी पर लड़ाई-झगड़ा, मारपीट करना, जान से मारने की धमकी देना, अवैध हथियार रखना, चोरी करना, भारी मात्रा में अवैध शराब का परिवहन करना, सट्टा खेलना, धार्मिक उन्माद फैलाने के उद्देश्य से पत्थरबाजी करना आदि कई गंभीर अपराध पंजीबद्ध है। इसी प्रकार आरोपी हसीन कुरैशी उर्फ हासिम कुरैशी पर लड़ाई-झगड़ा, मारपीट करना, जान से मारने की धमकी देना, अवैध हथियार रखना, जुआ खेलना, धार्मिक उन्माद फैलाना आदि कई गंभीर अपराध पंजीबद्ध है।

Dewas नार्मदीय ब्राह्मण समाज कल्याण समिति द्वारा धूमधाम से मनाया गया नर्मदा जयंती महोत्सव

देवास। नार्मदीय ब्राह्मण समाज कल्याण समिति द्वारा मुखर्जी नगर स्थित माँ नर्मदा चौराहे पर माँ नर्मदा जी की आरती एवं नर्मदाष्टक पाठ का आयोजन कर नर्मदा जयंती महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। समिति के पं. रोहित उपाध्याय ने बताया कि आयोजन में सर्वप्रथम माँ नर्मदा के चित्र की पूजा अर्चना कर आरती की गई। तत्पश्चात संयुक्त रूप से नर्मदाष्टक का पाठ हुआ। नार्मदीय कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रदीप चिंचे ने माँ नर्मदा चौराहे के सौंदर्यीकरण की माँग करते हुए विधायक राजे एवं महापौर श्रीमती अग्रवाल को ज्ञापन भी सौंपा। आयोजन में मुख्य अतिथि विधायक गायत्री राजे पवार, महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष मधु शर्मा, पूर्व सर्व ब्राह्मण समाज अध्यक्ष संजय शुक्ला, पार्षद प्रतिनिधि राहुल पवार, पार्षद प्रतिनिधि संजय ठाकुर, समाजसेवी यशवंत तिवारी सहित नार्मदीय स्वजन बडी संख्या में सम्मिलित हुए। संचालन रितेश चौरे ने किया एवं आभार राजेन्द्र कराहे ने माना।

Dewas जिले के खिलाडि़यो ने अंतर्राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में लगाई पदकों की झड़ी

देवास। 1 फरवरी 3 फरवरी 2025 तक विशाखापत्तनम आंध्र प्रदेश में आयोजित आठवीं अंतरराष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में देवास जिले के खिलाडियो ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए पदकों की झड़ी लगा दी। यूनाइटेड शॉटोकान कराते एसोसिएशन मध्य प्रदेश के अध्यक्ष विजेंद्र खरसोदिया एवं सचिव कपिल खरे ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता सात देशों के लगभग 1350 खिलाडियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में भारत प्रथम स्थान पर नेपाल द्वितीय स्थान पर एवं श्रीलंका तृतीय स्थान पर रहा। भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व मध्य प्रदेश के देवास जिलों के खिलाडियों द्वारा किया गया। इन खिलाडियों द्वारा अलग-अलग आयु वर्ग एवं वजन समूह में काता एवं कुमिते इवेंट में भाग लेकर कई पदक प्राप्त किये। प्रतियोगिता में रश्मि कलम, ऋतिक सोलंकी,वेदांत खरसोदिया द्वारा निर्णायक की भूमिका निभाई गई। टीम कोच द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार प्रतियोगिता में जीतने वाले खिलाड़ी इस प्रकार है-

बालिका वर्ग में
निवेदिता खरसोदिया 1 स्वर्ण पदक, आशना शर्मा 1 स्वर्ण एवं 1 कांस्य पदक, उमा पाटीदार 1 रजत 1 कांस्य पदक, श्रद्धा पाटीदार एक रजत एक कास्य पदक, गिरजा पाटीदार एक रजत, अंकिता बंजारे 1 रजत 1 कांस्य पदक, हर्षिता पाटीदार 1 रजत पदक, उर्मिला पाटीदार 1 रजत पदक ,ज्योति पाटीदार 1 रजत पदक, दीक्षा पाटीदार 2 कांस्य पदक प्राप्त किए।

बालक वर्ग में
वेदांत खरसौदिया 1 स्वर्ण पदक, दीपेंद्र सिंह राठौड़ 1 स्वर्ण पदक ,विपिन सोलंकी 1 स्वर्ण पदक, धीरज चौधरी 2 रजत पदक, मयंक सिंह राठौड़ 1 कांस्य पदक, सुदेश सोलंकी 1 कांस्य पदक प्राप्त कर मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया।

Dewas सतपुड़ा एकेडमी में धूमधाम से मनाया गया बसंतोत्सवमां सरस्वती की हुई आराधना, 11 कुंडीय यज्ञ में दी गई आहूतियां, राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना की


देवास। 
मक्सी रोड स्थित सतपुड़ा एकेडमी में बसंतोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मां सरस्वती का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया और विद्यालय परिसर को रंगोली व अन्य साज-सज्जा से आकर्षक रूप से सजाया गया। विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों की उपस्थिति में पूरे विधि-विधान से आयोजन संपन्न हुआ।
बसंत पंचमी के इस पावन अवसर पर 11 यज्ञ कुंड बनाकर हवन किया गया, जिसमें पंडित मयंक द्विवेदी के आचार्यत्व एवं मार्गदर्शन में मंत्रोच्चार के बीच आहूतियां दी गईं। विद्यालय के छात्रों ने भी पूरे श्रद्धाभाव से यज्ञ में आहुति अर्पित की और माता सरस्वती से विद्या, बुद्धि और ज्ञान की कामना की। इस दौरान विद्यालय में भक्तिमय माहौल बना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वैभव विहार शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष रायसिंह सेंधव उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि बसंत पंचमी का पर्व ज्ञान, विद्या और संगीत की देवी मां सरस्वती की आराधना का पर्व है। यह न केवल शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और परंपरा को भी मजबूत करता है। उन्होंने बच्चों को परिश्रम और समर्पण से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
विद्यालय के प्रांगण में बनाई गई रंगोलियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। हर ओर उल्लास और भक्तिभाव का वातावरण बना रहा। पूजन-अर्चन के साथ महाआरती की गई। मां सरस्वती तथा भारत माता के जयघोष से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और उपस्थित अतिथियों को प्रसाद वितरित किया गया। इस आयोजन में संस्था संचालक भानूप्रतापसिंह सेंधव, प्राचार्य वी.एस. जॉब सहित विद्यालय परिवार, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी दिनेश सांखला ने दी।

Dewas लेखक राजकुमार चन्दन का उपन्यास ‘आइ एम द टाइम’ नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट…

  • रूस-यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित अद्वितीय कृति है उपन्यास, लेखक राजकुमार चन्दन की ऐतिहासिक उपलब्धि

देवास। साहित्य जगत के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है कि विश्व शांति के उद्देश्य से लिखे गए भारतीय उपन्यास ‘आइ एम द टाइम’ (I’m The Time) को वर्ष 2025 के नोबेल साहित्य पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया है। इस महत्वपूर्ण कृति के लेखक ‘स्वर्ग की खोज’ जैसे चर्चित उपन्यास के रचयिता राजकुमार चन्दन हैं। यह उपन्यास केवल एक कथा नहीं, बल्कि एक दर्शन है, जो वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए एक स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करता है। यह उपन्यास रूस-यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है और इसमें लेखक ने विश्व शांति की स्थापना के लिए गहन विचार प्रस्तुत किए हैं। इसमें न केवल युद्ध के कारणों और प्रभावों का विश्लेषण किया गया है, बल्कि उन्होंने ऐसी स्थायी रणनीतियां भी सुझाई हैं, जो संपूर्ण विश्व के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।

श्री चन्दन लंबे समय से विश्व शांति के लिए लेखन कर रहे हैं। उन्होंने अपनी लेखनी को एक मिशन के रूप में अपनाया है और उनका संपूर्ण साहित्य मानवता की सेवा के लिए समर्पित है। उनकी इस निष्ठा और लेखन क्षमता के कारण उनके नाम अब तक पाँच विश्व रिकॉर्ड दर्ज हो चुके हैं।
देवास जैसे ऐतिहासिक शहर से संबंध रखने वाले इस लेखक का नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेशन केवल देवास या मध्यप्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारत के लिए गर्व का विषय है। संभवत: यह पहली बार है जब शहर के किसी लेखक का ऐसा साहित्यिक कार्य विश्व शांति के संदर्भ में इतनी बड़ी मान्यता के लिए प्रेषित किया गया हो।
युद्ध के अंधकार में शांति का संदेश
आज जब पूरी दुनिया वैश्विक तनाव, तृतीय विश्व युद्ध की आहट और परमाणु युद्ध के खतरों से जूझ रही है, तब यह उपन्यास शांति की एक नई राह दिखाता है। यह केवल युद्ध और उसके प्रभावों का चित्रण नहीं करता, बल्कि विश्व के प्रत्येक नागरिक और राष्ट्र के लिए एक ऐसा मार्ग सुझाता है, जिससे संपूर्ण मानवता सुख, समृद्धि, शांति और सुरक्षा की ओर बढ़ सके। लेखक का यह दृष्टिकोण प्राचीन भारतीय विचारधारा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ से प्रेरित है, जिसका अर्थ है – ‘संपूर्ण विश्व एक परिवार है।’ इस दर्शन को आधार बनाकर उपन्यास में यह दिखाया गया है कि यदि सभी राष्ट्र और नागरिक परस्पर सहयोग और समझदारी से काम लें, तो संपूर्ण विश्व एक सशक्त, शांतिपूर्ण और समृद्ध समाज में बदल सकता है।
तीन भाषाओं में प्रकाशित हुई कृति
साधना कुंज पब्लिकेशन, मध्यप्रदेश द्वारा यह उपन्यास हिन्दी में ‘मैं समय हूँ’, अंग्रेजी में ‘आइ एम द टाइम’ और मराठी में ‘मी वेळ आहे’ नाम से तीन भाषाओं में प्रकाशित किया गया है। नोबेल पुरस्कार के लिए विशेष रूप से इसके अंग्रेजी संस्करण को नॉमिनेट किया गया है, जिससे यह विश्वभर में अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंच सके। इस उपलब्धि पर साधना कुंज पब्लिकेशन के प्रकाशक ओमप्रकाश नवगोत्री ने लेखक राजकुमार चन्दन को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल एक उपन्यास नहीं, बल्कि एक आंदोलन है, जो मानवता के हित में लिखा गया है। उन्होंने नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेशन प्रक्रिया में सहयोग करने वाले सभी व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया और आशा जताई कि यह उपन्यास दुनिया भर में शांति का संदेश फैलाने में सफल होगा। यह जानकारी विशाल जलोरे ने दी।
 
क्या है इस उपन्यास में, उपन्यास का संक्षिप्त कथानक :
आइ एम द टाइम साधना कुंज पब्लिकेशन द्वारा तीन भाषाओं (हिन्दी, इंग्लिश, मराठी) में प्रकाशित अद्वितीय कृति है। रूस-यूक्रेन युद्ध पर आधारित यह एक प्रयोगवादी उपन्यास है, जो विश्व शांति एवं वैश्विक परिवार बनाने की एक नई सोच प्रदान करता है।
यूक्रेन में कई देशों के विद्यार्थी पढ़ते हैं, उनमें भारतीय विद्यार्थी भी शामिल हैं। हिमानी नाम की एक भारतीय छात्रा इस उपन्यास की नायिका है। रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध प्रारंभ हो जाता है। सभी विद्यार्थी यूक्रेन छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं, लेकिन विद्यार्थियों की परेशानी देखकर हिमानी वहां से नहीं जाती। वह गहन सोच-विचार के बाद संकल्प लेती है कि यूक्रेन में रहकर ही वह पीड़ितों का इलाज करेगी, चाहे पीड़ित रूस का हो या यूक्रेन का। साथ ही, वह विश्व शांति का अभियान भी चलाएगी। हिमानी का यह संकल्प अन्य विद्यार्थियों को प्रेरित करता है। परिणामस्वरूप, कई अन्य देशों के विद्यार्थी भी वहीं रुककर उसके अभियान में मदद करते हैं। सभी विद्यार्थी हिमानी के नेतृत्व में “वर्ल्ड पीस फोरम” का गठन कर “नो वार” अभियान चलाते हैं। वे खतरों के बीच रहकर घायलों का इलाज करते हैं और वैश्विक सद्भावना एवं मानवता के लिए कार्य करते हैं। विद्यार्थी युद्ध, अशांति और उन्माद के कारणों को खोजकर उनके समाधान ढूंढते हैं और उन्हें प्रचारित करते हैं। खतरों के बीच रहकर वे युद्ध पीड़ितों की मदद करते हैं। अभियान बहुत तेजी से आगे बढ़ता है और इसका विस्तार होता जाता है। वे अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए “नो वार” अभियान को आगे बढ़ाते हैं।
युद्ध के बीच, जब हिमानी युद्ध पीड़ितों की सहायता कर रही होती है, तब अंत में वह एक यूक्रेनी बच्चे और एक रूसी महिला को बचाने के प्रयास में गोलियों का शिकार होकर घायल हो जाती है। यह स्थिति अत्यंत मार्मिक हो जाती है। इस परिस्थिति में दोनों देशों के छिपे हुए सैनिक उसके पास आ जाते हैं। हिमानी अंतिम समय में उन सैनिकों को “नो वार” का संदेश देते हुए अपने प्राण त्याग देती है। हिमानी का यह बलिदान सैनिकों को झकझोर देता है, जिससे भावुक होकर दोनों पक्षों के सैनिक अपने हथियार डाल देते हैं।
यथार्थ और कल्पना के मिश्रण से रचा गया यह उपन्यास वर्तमान वैश्विक ढांचे में सुधार के विकल्प और विश्व शांति के उपायों को वैश्विक पटल पर प्रस्तुत करने का एक सार्थक प्रयास है।

Dewas बसंत पंचमी पर प्रेस क्लब ने किया माँ सरस्वती का मंत्रोच्चारण के साथ विधिपूर्वक पूजन…

देवास विद्या की देवी माँ सरस्वती जी का विधि पूर्वक पूजन कर प्रेस क्लब द्वारा बड़े ही उत्साह के साथ बसंत पंचमी पर्व मनाया गया। संयुक्त सचिव अशोक पटेल ने बताया कि मल्हार स्मृति मंदिर स्थित वरिष्ठ नागरिक संस्था सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में प्रेस क्लब के सदस्यों, पत्रकार साथियों व वरिष्ठ नागरिक संस्था के पदाधिकारियों से पं. रोहित उपाध्याय ने विधिपूर्वक मंत्रोच्चारण के साथ माँ सरस्वती का पूजन कराया। तत्पश्चात सरस्वती जी की आरती कर प्रसादी में केसरिया भात का भोग लगाया गया।

इस अवसर पर प्रेस क्लब अध्यक्ष ललित कुमार शर्मा, सचिव शेखर कौशल, उपाध्यक्ष खुमान सिंह बैस, वरिष्ठ पत्रकार विनोद जैन, दिलीप मिश्रा, सुरेश जायसवाल, मुन्ना वारसी, उदय आरस, सत्येन्द्र सिंह राठौड़, राजेन्द्र सिंह पवार, डॉ. मुकेश पांचाल, मोहन वर्मा, राजेश पाठक, योगेश निगम, शैलेन्द्र अडावदिया, रघुनंदन समाधिया, राजेश धनेचा, प्रिंस बैरागी, संगीता राठौड, जितेन्द्र मारू, धीरज सेन, अर्पित साहू, वरिष्ठ नागरिक संस्था अध्यक्ष ओ.पी. पाराशर, डॉ. एम व्ही भाले, गंगा सिंह सोलंकी, श्रवण कुमार कानूनगो, केसी नागर, बीडी चावड़ा, शीलनाथ आरस, एस.के. शाह सहित पत्रकार साथी व वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।

Dewas बसंत पंचमी पर प्रेस क्लब ने माँ सरस्वती पूजन किया

देवास। विद्या की देवी माँ सरस्वती जी का विधि पूर्वक पूजन कर प्रेस क्लब द्वारा बड़े ही उत्साह के साथ बसंत पंचमी पर्व मनाया गया। संयुक्त सचिव अशोक पटेल ने बताया कि मल्हार स्मृति मंदिर स्थित वरिष्ठ नागरिक संस्था सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में प्रेस क्लब के सदस्यों, पत्रकार साथियों व वरिष्ठ नागरिक संस्था के पदाधिकारियों से पं. रोहित उपाध्याय ने विधिपूर्वक मंत्रोच्चारण के साथ माँ सरस्वती का पूजन कराया। तत्पश्चात सरस्वती जी की आरती कर प्रसादी में केसरिया भात का भोग लगाया गया।

इस अवसर पर प्रेस क्लब अध्यक्ष ललित कुमार शर्मा, सचिव शेखर कौशल, उपाध्यक्ष खुमान सिंह बैस, वरिष्ठ पत्रकार विनोद जैन, दिलीप मिश्रा, सुरेश जायसवाल, मुन्ना वारसी, उदय आरस, सत्येन्द्र सिंह राठौड़, राजेन्द्र सिंह पवार, डॉ. मुकेश पांचाल, मोहन वर्मा, राजेश पाठक, योगेश निगम, शैलेन्द्र अडावदिया, रघुनंदन समाधिया, राजेश धनेचा, प्रिंस बैरागी, संगीता राठौड, जितेन्द्र मारू, धीरज सेन, अर्पित साहू, वरिष्ठ नागरिक संस्था अध्यक्ष ओ.पी. पाराशर, डॉ. एम व्ही भाले, गंगा सिंह सोलंकी, श्रवण कुमार कानूनगो, केसी नागर, बीडी चावड़ा, शीलनाथ आरस, एस.के. शाह सहित पत्रकार साथी व वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।