बरोठा मस्जिदों में लाउड स्पीकर से उत्पन्न हो रही ध्वनि प्रदूषण को पूर्णतः प्रतिबंधित करने हेतु हिन्दू जागरण मंच ने दिया ज्ञापन

बरोठा(नितेश नागर) । आज शनिवार को हिन्दू जागरण मंच द्वारा बरोठा थाना क्षेत्र के सघन आबादी में स्थित मस्जिद में अवैधानिक रूप से बिना उचित अनुमति लिए लाउड स्पीकर अथवा एम्लीफायर आदि , लगाकर की जा रही अजान से उत्पन्न पब्लिक न्यूसेंस अथवा हो रही जान लेवा ध्वनि प्रदूषण को पूर्णतः प्रतिबंधित किये जाने बाबद बरोठा थाना में ज्ञापन दिया। हिन्दू जागरण मंच द्वारा आज जिलेभर सहित शहर के विभिन्न थानों पर इस प्रकार से ज्ञापन दिया जा रहा है।

मंच द्वारा दिये गए ज्ञापन में कहा गया….
निवेदन है कि बरोठा थाना के क्षेत्र की मस्जिद में लाउड-स्पीकर से आम जनता के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। अन्य ध्वनि प्रदूषण मस्जिद में लगे, लाउडस्पीकर एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रो से ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न हो रहा है । गाँव के रहवासी इलाके मे जहां सभी आयु वर्ग के व्यक्ति निवास करते है, कार्य करते है। वे सब उक्त तीव्र ध्वनि से होने वाले प्रदूषण से आम जनता पीढित है। अधिकांश समय मस्जिद में प्रतिदिन मानक ध्वनि नियमों से अधिक का ध्वनि प्रदूषण होता है। जिसके कारण स्वास्थ्य पर विपरित प्रभाव पड़ता है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश क्र. 4792/2005 राजेन्द्र कुमार वर्मा विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन में ध्वनि प्रदूषण से जीवन की हानि को जोड़ा गया। इसी प्रकार अनुच्छेद 51 ए (जी) के मौलिक कर्तव्यों में पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक भारतीय नागरिक की जिम्मेदारी को स्पष्ट करता है। इस प्रकार ध्वनि विस्तारक यंत्र जिसमें एम्पलीफायर के उपयोग होने वाला ध्वनि प्रदूषण भी जानलेवा माना गया है जो कि व्यक्ति के प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता का हनन है। कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा पारित मौलाना मुफ्ती सईद विरूद्ध स्टेट आफ पश्चिम बंगाल मामले में निर्णित किया गया है । कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म के पालन की स्वतंत्रता तो है। परन्तु इसके तहत किसी को भी ध्वनि प्रदूषण करने का लाईसेंसी अधिकार प्राप्त नहीं हो जाता। वर्ष 1991 सर्वोच्च न्यायालय के एक चर्च ऑफ गॉड इन इण्डिया विरूद्ध के. के. आर. मैजेस्टिक कॉलोनी वेलफेयर एसोसिएसन के मामले में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है ,कि किसी भी सभ्य समाज में ध्वनि प्रदूषण को किसी भी धार्मिक मामले से ऊपर नहीं रखा जा सकता । इसके तहत इससे होने वाली हानियों का भी स्पष्ट लेख किया गया है। उक्त की स्थिति में पर्यावरण के लिये एवं उसकी सुरक्षा के लिये भारत के समस्त नागरिकों को भारतीय संविधान में उनके धर्म के ऊपर रख गया है ,और पर्यावरण संरक्षण को समस्त भारतीय नागरिकों की जिम्मेदारी बताया गया है।

लाउड स्पीकर, एम्पलीफायर एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग थाना क्षेत्र की सघन बसाहट के क्षेत्र में स्थित मस्जिदों में होने वाली अजानों से आस-पास के रहवासियों को तीव्र मानसीक एवं शारीरिक परेशानियों का सामना क्षेत्र वासियों जिसमें वृद्ध, बच्चे, मरीज, विद्यार्थी शामिल है को करना पड़ रहा है। उक्त मामला भा.द.वि. की धारा 268 के तहत ध्वनि प्रदूषण एक पब्लिक न्यूसेंस उक्त कृत्य है। सिजकी सजा भा.द.वि. की धारा 290 मे वर्णित है। उक्त प्रकरण के ध्वनि से उत्पन्न आमजन के मध्य न्यूसेंस की स्थिति में पुलिस एक्ट 1861 के तहत कार्यवाही भी की जाती है।

कार्यक्रम अथवा धार्मिक प्रार्थनाओं को लाऊड स्पीकर अथवा अन्य ध्वनि बडाने के यंत्र फायर आदि का उपयोग करने के पूर्व संबंधित थाना क्षेत्र तथा ग्राम पंचायत से अनुमति लेने की भी आवश्यकता है। बिना अनुमति लिये क्षेत्र में पूरे सप्ताह, पूरे वर्ष लगातार मस्जिदों से उत्पन्न ध्वनि से जन-जीवन प्रभावित हो रहा है। इसके अतिरिक्त मस्जिद से जुडे स्थलों पर भी ध्वनि • विस्तारक यंत्र लगाकर तीव्र ध्वनि की जाती है जो कि मानव जीवन एवं स्वास्थ्य के लिये घातक है। पुलिए एक्ट 1861 की धारा 30 एवं धारा 32 के तहत पुलिस मस्जिद द्वारा उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण एवं न्यूर्सेस सतत् उत्पन्न किये जाने पर दण्ड अधिरोपित किया जाने का प्रावधान है।

साऊदी अरेबिया जहां लगभग 94 हजार मस्जिदें है जिनमें से अधिकांश रहवासी क्षेत्र में है वहां के इस्लामिक माालों के मंत्रालय (Ministry of Islamic Affairs Saudi Arabia) ने इबादत हेतु लाऊड स्पीकर के माध्यम से बुलावे पर पूर्णतः रोक लगा दी है। यह रोक इस्लामिक राष्ट्र के लोगों द्वारा मज्जिदो से हो रहे शोर की शिकायतों के बाद लगाई गई है। मामला पर्यावरण एवं स्वास्थ्य संबंधित है इसका किसी धर्म विशेष से कोई ताल्लुकात नहीं है। पूजा, प्रार्थना अथवा इबादत का एक निश्चित समय मस्जिदों में तय है। इस प्रकार के लाऊड स्पीकर के प्रयोग को अवैधानिक एवं गैरकानूनी होने से पूर्णतः प्रतिबंधित करे। पर्यावरण संरक्षण एवं मानव जीवन के हित में तत्काल रोक लगाई जाये।

• बसाहट के क्षेत्र में तीव्र ध्वनि प्रदूषण उपरोक्त मस्जिदों से उत्पन्न हो रहा है जो कि, आमजन के प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता का हनन होने के साथ-साथ पब्लिक न्यूसेंस की श्रेणी में आता है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिपादित गाइड-लाईन अनुसार किसी भी संस्था अथवा व्यक्ति को निर्धारित डेसिबल से अधिक ध्वनि किये जाने का अधिकार नही है, चूंकि लाउड स्पीकरों के माध्यम से अत्यधिक मात्रा में अवैधानिक रूप से बिना उचित अनुमति प्राप्त किये ध्वनि प्रदूषण किया जा रहा है, जिसके डेसिबल को व्यवहारिक रूप से मापा जाना अलग-अलग क्षेत्रों में संभव नहीं होने से, उक्त का लाभ उठाकर कर सभी मस्जिदों द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में लाउड स्पीकरों द्वारा अजान की जा रही है, जो कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों एवं विधिक प्रावधानों का उल्लघन है। इस हेतु क्षेत्राअंतर्गत स्थित समस्त मस्जिदे उपरोक्त कानुन की परिधि में आती है जिसके विरूद्ध पुलिस प्रशासन को अनुशासनात्मक एवं दण्डात्मक कार्यवाही जिसमें ऐसे स्थलों को नोटिस देकर त्वरीत कार्यवाही कर अवैधानिक एवं बिना अनुमति के लगे लाउड स्पीकरों को हटवाया जाये तथा मस्जिदों में लाउड स्पीकर के माध्यम से शोर को शीघ्र पूर्ण प्रतिबंध लगाया जावे। उक्त कृत्य को रोकने हेतु दोषियों पर कठोर कानूनी कार्यवाही करने का कष्ट करे।

Dewas : युवा कांग्रेस ने जलाया शिक्षा मंत्री का पुतला

देवास: आज स्थानीय भोपाल चौराहा पर युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह गौड़ के आह्वान पर युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रतिनिधि अनुपम टोप्पो के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री मोहन यादव के द्वारा किये गये ट्वीट ” परेड में ना तो देश के फर्जी पिता थे , ना तो देश के फर्जी चाचा ,ना कोहि लोहे की महिला, ना कंप्यूटर के अविष्कारक था , के विरोध में शिवराज सरकार के कैबिनेट मंत्री मोहन यादव का पुतला जलाया गया। युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष नीरज नागर ने कहा कि शिवराज सरकार के मंत्री अब खुले तौर पर देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्रियों को लेकर अमर्यादित बयान देने पर उतारू हो गए हैं।

शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री के पद पर बैठे मोहन यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को फर्जी पिता करार दे दिया है। इसके साथ ही भाजपा नेता ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को लेकर भी अपशब्द कहे हैं। इतना ही नहीं मोहन यादव ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को लेकर भी अपशब्द कहे हैं। इसके साथ ही भाजपा नेता ने यह दावा किया है कि भारत अब तक गुलाम था, लेकिन अब सही मायनों में स्वतंत्र हो रहा है। जल्द ही मोहन यादव को शिक्षा मंत्री के पद से नही हटाया गया तो युवा कांग्रेस के द्वारा उग्र आंदोलन किये जायेंगे।

मस्जिदों में लाउड स्पीकर से उत्पन्न हो रही ध्वनि प्रदूषण को पूर्णतः प्रतिबंधित करने हेतु हिन्दू जागरण मंच ने दिया ज्ञापन

देवास। आज शनिवार को हिन्दू जागरण मंच द्वारा कोतवाली थाना देवास के क्षेत्र के सघन आबादी में स्थित मस्जिदों में अवैधानिक रूप से बिना उचित अनुमति लिए लाउड स्पीकर अथवा एम्लीफायर आदि लगाकर की जा रही अजान से उत्पन्न पब्लिक न्यूसेंस अथवा हो रही जान लेवा ध्वनि प्रदूषण को पूर्णतः प्रतिबंधित किये जाने बाबद सिटी कोतवाली में ज्ञापन दिया। हिन्दू जागरण मंच द्वारा आज जिलेभर सहित शहर के विभिन्न थानों पर इस प्रकार से ज्ञापन दिया जा रहा है।

मंच द्वारा दिये गए ज्ञापन में कहा गया….
निवेदन है कि कोतवाली थाना देवास के क्षेत्र की मस्जिदों में लाउड-स्पीकरों से आम जनता के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। अन्य ध्वनि प्रदूषण मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रो से ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न हो रहा है शहर के रहवासी इलाकों मे जहां सभी आयु वर्ग के व्यक्ति निवास करते है, कार्य करते है। वे सब उक्त तीव्र ध्वनि से होने वाले प्रदूषण से आम जनता पीढित है। अधिकांश मस्जिदों में प्रतिदिन मानक ध्वनि नियमों से अधिक का ध्वनि प्रदूषण होता है। जिसके कारण स्वास्थ्य पर विपरित प्रभाव पड़ता है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश क्र. 4792/2005 राजेन्द्र कुमार वर्मा विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन में ध्वनि प्रदूषण से जीवन की हानि को जोड़ा गया। इसी प्रकार अनुच्छेद 51 ए (जी) के मौलिक कर्तव्यों में पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक भारतीय नागरिक की जिम्मेदारी को स्पष्ट करता है। इस प्रकार ध्वनि विस्तारक यंत्र जिसमें एम्पलीफायर के उपयोग होने वाला ध्वनि प्रदूषण भी जानलेवा माना गया है जो कि व्यक्ति के प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता का हनन है। कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा पारित मौलाना मुफ्ती सईद विरूद्ध स्टेट आफ पश्चिम बंगाल मामले में निर्णित किया गया है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म के पालन की स्वतंत्रता तो है। परन्तु इसके तहत किसी को भी ध्वनि प्रदूषण करने का लाईसेंसो अधिकार प्राप्त नहीं हो जाता। वर्ष 1991 सर्वोच्च न्यायालय के एक चर्च ऑफ गॉड इन इण्डिया विरूद्ध के. के. आर. मैजेस्टिक कॉलोनी वेलफेयर एसोसिएसन के मामले में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि किसी भी सभ्य समाज में ध्वनि प्रदूषण को किसी भी धार्मिक मामले से ऊपर नहीं रखा जा सकता इसके तहत इससे होने वाली हानियों का भी स्पष्ट लेख किया गया है। उक्त की स्थिति में पर्यावरण के लिये एवं उसकी सुरक्षा के लिये भारत के समस्त नागरिकों को भारतीय संविधान में उनके धर्म के ऊपर रख गया है और पर्यावरण संरक्षण को समस्त भारतीय नागरिकों की जिम्मेदारी बताया गया है।

लाउड स्पीकर, एम्पलीफायर एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग थाना क्षेत्र की सघन बसाहट के क्षेत्र में स्थित मस्जिदों में होने वाली अजानों से आस-पास के रहवासियों को तीव्र मानसीक एवं शारीरिक परेशानियों का सामना क्षेत्र वासियों जिसमें वृद्ध, बच्चे, मरीज, विद्यार्थी शामिल है को करना पड़ रहा है। उक्त मामला भा.द.वि. की धारा 268 के तहत ध्वनि प्रदूषण एक पब्लिक न्यूसेंस उक्त कृत्य है। सिजकी सजा भा.द.वि. की धारा 290 मे वर्णित है। उक्त प्रकरण के ध्वनि से उत्पन्न आमजन के मध्य न्यूसेंस की स्थिति में पुलिस एक्ट 1861 के तहत कार्यवाही भी की जाती है।

कार्यक्रम अथवा धार्मिक प्रार्थनाओं को लाऊड स्पीकर अथवा अन्य ध्वनि बडाने के यंत्र फायर आदि का उपयोग करने के पूर्व संबंधित थाना क्षेत्र तथा नगर निगम से अनुमति लिए भी की आवश्यकता है। बिना अनुमति लिये क्षेत्र में पूरे सप्ताह, पूरे वर्ष लगातार मस्जिदों से उत्पन्न ध्वनि से जन-जीवन प्रभावित हो रहा है। इसके अतिरिक्त मस्जिदों से जुडे स्थलों पर भी ध्वनि • विस्तारक यंत्र लगाकर तीव्र ध्वनि की जाती है जो कि मानव जीवन एवं स्वास्थ्य के लिये घातक है। पुलिए एक्ट 1861 की धारा 30 एवं धारा 32 के तहत पुलिस मस्जिद द्वारा उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण एवं न्यूर्सेस सतत् उत्पन्न किये जाने पर दण्ड अधिरोपित किया जाने का प्रावधान है।

साऊदी अरेबिया जहां लगभग 94 हजार मस्जिदें है जिनमें से अधिकांश रहवासी क्षेत्र में है वहां के इस्लामिक माालों के मंत्रालय (Ministry of Islamic Affairs Saudi Arabia) ने इबादत हेतु लाऊड स्पीकर के माध्यम से बुलावे पर पूर्णतः रोक लगा दी है। यह रोक इस्लामिक राष्ट्र के लोगों द्वारा मज्जिदो से हो रहे शोर की शिकायतों के बाद लगाई गई है। मामला पर्यावरण एवं स्वास्थ्य संबंधित है इसका किसी धर्म विशेष से कोई ताल्लुकात नहीं है। पूजा, प्रार्थना अथवा इबादत का एक निश्चित समय मस्जिदों में तय है। इस प्रकार के लाऊड स्पीकर के प्रयोग को अवैधानिक एवं गैरकानूनी होने से पूर्णतः प्रतिबंधित करे। पर्यावरण संरक्षण एवं मानव जीवन के हित में तत्काल रोक लगाई जाये।

• बसाहट के क्षेत्र में तीव्र ध्वनि प्रदूषण उपरोक्त मस्जिदों से उत्पन्न हो रहा है जो कि, आमजन के प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता का हनन होने के साथ-साथ पब्लिक न्यूसेंस की श्रेणी में आता है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिपादित गाइड-लाईन अनुसार किसी भी संस्था अथवा व्यक्ति को निर्धारित डेसिबल से अधिक ध्वनि किये जाने का अधिकार नही है, चूंकि लाउड स्पीकरों के माध्यम से अत्यधिक मात्रा में अवैधानिक रूप से बिना उचित अनुमति प्राप्त किये ध्वनि प्रदूषण किया जा रहा है, जिसके डेसिबल को व्यवहारिक रूप से मापा जाना अलग-अलग क्षेत्रों में संभव नहीं होने से, उक्त का लाभ उठाकर कर सभी मस्जिदों द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में लाउड स्पीकरों द्वारा अजान की जा रही है, जो कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों एवं विधिक प्रावधानों का उल्लघन है। इस हेतु क्षेत्राअंतर्गत स्थित समस्त मस्जिदे उपरोक्त कानुन की परिधि में आती है जिसके विरूद्ध पुलिस प्रशासन को अनुशासनात्मक एवं दण्डात्मक कार्यवाही जिसमें ऐसे स्थलों को नोटिस देकर त्वरीत कार्यवाही कर अवैधानिक एवं बिना अनुमति के लगे लाउड स्पीकरों को हटवाया जाये तथा मस्जिदों में लाउड स्पीकर के माध्यम से शोर को शीघ्र पूर्ण प्रतिबंध लगाया जावे। उक्त कृत्य को रोकने हेतु दोषियों पर कठोर कानूनी कार्यवाही करने का कष्ट करे।

Dewas: कृषि विभाग व पुलिस ने की अवैध नकली खाद का भण्डारण करने वाले गोदाम पर कार्यवाही

• कॉपीराइट का मामला भी दर्ज, 4-5 लाख रुपये अनुमानित मूल्य की खाद जब्त

देवास। शहर के औद्योगिक थाना अंतर्गत गौतम नगर में आरोपी द्वारा अपने गोदाम में बिना लाइसेंस के नकली खाद का भंडारण किया गया था। जिसको लेकर शुक्रवार को इसकर कार्यवाही कर औद्योगिक थाना पुलिस ने आरोपी पर विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

दरअसल पुलिस द्वारा कृषि विभाग को सूचना दी गयी थी कि गौतम नगर स्तिथ एक टिन शेड गोदाम में अवैध नकली खाद का भंडारण किया गया है जिसके पश्चात कृषि विभाग व पुलिस ने संयुक्त रूप से गोदाम पर कार्यवाही की खाद के पैकेट पर मुम्बई की एक कंपनी का नाम दर्ज था। जिसके नाम का उपयोग करने पर कॉपीराइट एक्ट उलंघ्घन भी हुआ है।
जिसके बाद कृषि विभाग ने खाद को जब्त कर पंचनामा बनाया और खाद को पुलिस को सुपूर्दगी में दे दिया है। खाद की अनुमानित कीमत लगभग 4 से 5 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने आरोपी विनय गजमोरे निवासी स्टेशन रोड देवास पर 420 भादवि काँपी राईट अधिनियम (संशोधित) 63, काँपी राईट अधिनियम (संशोधित) 64, उर्वरक (नियत्रण) आदेश 1985 धारा 7 एवं किटनाशी अधिनियम 1968 धारा 29 (1) b निहित प्रावधानो के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस द्वारा मामले की विवेचना की जा रही है। मामले की विवेचना औद्योगिक थाने में पदस्थ उपनिरिक्षक जितेंद्र यादव द्वारा की जा रही है।

Dewas : सिविल लाईन थाने पर हुआ ध्वजारोहण, थाना प्रभारी हुए सम्मानित

देवास(धीरज सेन)। सिविल लाईन थाने में 73वां गणतंत्र दिवस पर्व मनाया गया। थाना प्रभारी संजय सिंह ने ध्वजारोहण कर सलामी दी। इस दौरान थाने के पुलिस जवान उपस्थित थे। थाना प्रभारी श्री सिंह परेड ग्राउंण्ड पर आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में उल्लेखनीय कार्य करने पर कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह के द्वारा शील्ड एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। 

Dewas : शुक्रवारिया हाट में अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का बुलडोजर

देवास : शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवारिया हाट के ईदगाह रोड पर शुक्रवार शाम नगर निगम एवं पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए सलीम खान के शेड को धराशयी किया। देखें वीडियो

सीएसपी विवेक सिंह चौहान ने बताया कि जो भी व्यक्ति अपराधिक प्रवृत्ति में लिप्त है उनके खिलाफ एक लिस्ट बना कर कार्यवाही की जा रही है। जिसको लेकर यह अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई है। इस प्रकार की कार्यवाही सतत जारी रहेगी। वही सलीम खान का कहना था कि मेरे पास निर्माण की परमिशन है फिर भी प्रशासन द्वारा तोड़ा जा रहा है।

भूमाफ़िया कुख्यात बदमाश नब्बू खान के क़ब्ज़े से 50 लाख क़ीमती प्रशासन ने कराई मुक्त

देवास(दीपक शर्मा) : कलेक्टर चन्द्रमौली शुक्ला और पुलिस अधीक्षक शिवदयाल सिंह द्वारा वन विभाग की सूचना के आधार पर भूमाफ़िया व कुख्यात बदमाश नब्बू खां के द्वारा वन भूमि को क़ब्ज़े में कर दबंगता दिखाकर खेती करने व क़ब्ज़ा करने की जानकारी प्राप्त हुई थी जिस पर तत्काल कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सूर्यकांत शर्मा तथा अनुविभागीय दंडाधिकारी शोभालाल सोलंकी व एसडीओपी राकेश व्यास को तत्काल वैधानिक कार्यवाही कर बदमाश भूमाफ़िया के क़ब्ज़े से वन भूमि मुक्त कराने हेतु निर्देशित किया गया था जिस तारतम्य में आज पुलिस की चार टीमें थाना प्रभारी बागली दीपक यादव, थाना प्रभारी हाटपिपलिया सज्जन सिंह मुकाती, थाना प्रभारी उदयनगर पतिराम डावरे तथा थाना प्रभारी कांटाफोड महेंद्र गौड़ की पर्याप्त पुलिस बल के साथ गठित कर मौक़े पर भूमाफ़िया नब्बू खां के क़ब्ज़े से ज़मीन मुक्त कराने हेतु भेजा गया व वन विभाग की ओर से कमलापुर बीट के रेंजर ब्रजेन्दर तिवारी वन विभाग के अमले के साथ मौजूद हुए ।

कमलापुर क्षेत्र के भूमाफ़िया व कुख्यात बदमाश नब्बू खां पिता लतीफ़ खाँ उम्र 40 वर्ष निवासी कमलापुर के द्वारा वन विभाग की 10 बीघा ज़मीन पर अतिक्रमण कर घर बनाकर खेती की जा रही थी मौक़े पर तत्काल कार्रवाई करते हुए भूमाफ़िया के क़ब्ज़े से 10 बीघा ज़मीन जो 50 लाख रूपये क़ीमत है, को मुक्त कराकर वन विभाग के सुपुर्द किया गया । ज्ञात हो कि कुख्यात बदमाश नब्बू के विरूद्ध बलात्कार, हत्या के प्रयास, शासकीय कर्मचारियों के साथ मारपीट, बलवा व वन भूमि में क़ब्ज़ा करने जैसे लगभग 22 अपराध थाना बागली में दर्ज हैं कुख्यात बदमाश नब्बू खां पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की गई है ।

कलेक्टर चन्द्रमौली शुक्ला व पुलिस अधीक्षक शिवदयाल सिंह द्वारा बताया गया कि ज़िले में भूमाफ़ियाओं के विरूद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा ।

भौरासा विद्युत मंडल ने नगर मे चेकिंग अभियान चलाया घरों में लगे मीटर लगवाए बाहर

भौरासा निप्र(अभय नागर) – भौरासा विद्युत मंडल ने नगर मे चेकिंग अभियान चलाया जिसमे लोगों के मीटर घर व दुकान के अंदर लगे थे उन्हे चौरी की आशंका को लेकर घर के व दुकानों के बाहर लगवाए व चेकिंग अभियान चला जा रहा है।

विद्युत मंडल कर्मचारियों द्वारा यह कार्य नगर मे किया जा रहा है इस विषय में जब हमने विद्युत मंडल सुपरवाइजर से चर्चा की तो पूछने पर भौरासा विद्युत मंडल सुपरवाइजर कैलाश चोपड़ा ने बताया कि उच्च अधिकारियों के आदेश अनुसार हम यह कार्य कर रहे हैं कि नगर मे जिनते मीटर अंदर लगे हुए हैं उनके मीटर को बाहर लगाए जा रहे है। ताकि चोरी की आशंका ना हो और जिनते मीटर अंदर है वह चोरी ना कर पाए इसलिए हम सभी के मीटर बाहर लगा रहे हैं और यह अभियान सतत चलता रहेगा वही जिन लोगों के घरों में मिटर नहीं है वहां पर मीटर जल्द ही लगा दिए जाएंगे ।

Dewas: माता टेकरी पर देर शाम दिखा लकड़बग्गा….

देवास : देवास शहर के बीचों बीच प्रसिद्ध माँ तुलजा भवानी व माँ चामुंडा की टेकरी पर कल देर शाम एक लकड़बग्गा देखा गया। लकड़बग्गा शाम को सीढ़ी मार्ग ओर देखा गया, माता टेकरी पर दर्शन करने गए लोगों द्वारा उसे देखा गया व उसका वीडियो भी बनाया गया। ये लकड़बग्गा किधर की तरफ शहर के बीचोबीच आया फिलहाल इसका पता नही चल पाया है। देखें वीडियो

https://dewasexpress.com/wp-content/uploads/2022/01/VID-20220128-WA0002.mp4

क्या होता है लकड़बग्गा
लकड़बग्घा विचित्र जंगली प्राणी है। वह विभिन्न प्रकार की बोलियाँ बोलता है। उसका ठहाका बहुत प्रसिद्ध है। आमतौर पर अच्छा भोजन पाकर वह अचानक ही जोर से ठहाका लगाता है। वनों में पर्यावरण की रक्षा में लकड़बग्घे का बहुत योगदान है। ये वनों के चक्कर लगाते रहते हैं। बीमारी से मरे जानवरों को शिकारी पशु नहीं खाते परन्तु ये बड़े सफाई से उन्हें चट कर जाते हैं। बाघ जाति के जानवर अपने शिकार का कुछ भाग खाते हैं और कुछ सड़ने के लिये छोड़ देते हैं। उस बदबूदार माँस का भक्षण लकड़बग्घे करते हैं। वन में लगे कैम्पों तथा घरों से बाहर फेंकी हुई जूठन और हड्डियों के टुकड़ों को खाने के लिये ये रात में आ जाते हैं। छोटे-छोटे टुकड़ों के लिये ये आपस में खूब लड़ते हैं इसीलिये इसे मैदानों और जंगलों की ‘गन्दगी साफ करने वाला क्रियाशील सफाईकर्मी’ कहा जाता है।

लकड़बग्घा हड्डियाँ तक चट कर जाता है। इस कारण इसका मल चाक जैसा सफेद होता है। इसे दवा के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। ‘एल्बम ग्रसियम’ के नाम से इसे गिल्लड़, मस्से जैसे रोगों में प्रयोग किया जाता है। पूर्वी भारत में लकड़बग्घे की जीभ और चर्बी सूजनों और रसौलियों को बिठाने के लिये काम में लाई जाती है। अफ्रीका में इसकी चर्बी रोगग्रस्त अंगों पर मली जाती है। मिस्त्र में नीलघाटी के लोग दीर्घायु होने के लिये इसका दिल तक खा जाते हैं। इसे मनुष्य के लिये कई तरह से उपयोगी जीव माना गया है लकड़बग्घे दो प्रकार के होते हैं- धारीदार और चीतला। इसे अंग्रेजी में ‘स्ट्राइप्ड हायना’ और ‘स्पॉटेड हायना’ कहते हैं। संस्कृत में दोनों का नाम ‘तरक्षु’ है। भारतीय उपमहाद्वीप में धारीदार लकड़बग्घे जबकि अफ्रीका में चीतल लकड़बग्घे पाए जाते हैं।

Dewas: संपत्तिकर,जलकर, कचरा संग्रहण शुल्क जमा करे व ईनाम पायें

देवास। वसुली केम्प के माध्यम से व घर—घर सम्पर्क कर वसुली के कार्यो की समीक्षा आयुक्त विशालसिह चौहान के द्वारा निगम के वार्ड प्रभारियो के साथ संबंधित राजस्व निरीक्षको से की जाकर वसुली के कार्यो मे ओर अधिक गति लाने के निर्देश संबंधित वार्ड प्रभारियो व उनके सहायको को दिये गये।

बैठक मे आयुक्त ने वार्ड प्रभारियो से केम्प के अतिरिक्त घर—घर सम्पर्क कर की गई संपत्तिकर, जलकर व कचरा संग्रहण शुल्क की वसुली की जानकारी प्रथक-प्रथक ली गई। जिन वार्डो से गत वर्ष की तुलना मे वसुली कम प्राप्त हो रही है उन वार्ड प्रभारियो को वसुली मे तेजी लाने के लिए केम्प लगाये जाने के साथ जिन बकाया करदाताओ द्वारा संपत्तिकर, जलकर की राशि जमा नही कर रहे है उनके विरूद्ध कुर्की की कार्यवाही प्रस्तावित करने के निर्देश दिये। प्रभारी सहायक आयुक्त तुराब खान को की जाने वाली कुर्की की कार्यवाही की जानकारी तैयार कर प्रस्तुत करने हेतु कहा।
आयुक्त ने यह भी बताया कि बकाया करदाताओ के द्वारा सम्पूर्ण राशि एक मुश्त जमा करने वाले करदाताओ के लिए ईनामी लकी ड्रा योजना आयोजित की गई है। जिसमे 101 ईनाम पुरस्कार के रूप मे रखे गये है।

जिसमे प्रथम ईनाम एक इलेक्ट्रानिक स्कुटर, द्वितीय पुरस्कार 5 एलईडी टीवी, तृतीय पुरस्कार 10 मोबाईल टेबलेट,चतुर्थ पुरस्कार 15 सायकल, पांचवा पुरस्कार 20 स्मार्ट वॉच, छटा पुरस्कार 25 मिक्सर, सातवां पुरस्कार 25 वाटर प्युरीम रखे गये है। बकाया करदाता अपने करो का भुगतान एक मुश्त कर ईनामी प्रतियोगिता मे चयनित होकर ईनाम पायें।