Dewas उत्कृष्ट विद्यालय में आज से आयोजित हो रहा तीन दिवसीय पुस्‍तक मेला…

  • नवीन शैक्षणिक सत्र की पुस्तकें, यूनिफार्म, कॉपी, स्टेशनरी उचित मूल्य पर रहेगी उपलब्ध
  • मेले में करियर एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन और प्रशिक्षित काउंसलर देंगे परामर्श

देवास। नवीन शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिये क्रय की जाने वाली पुस्तके, यूनिफार्म, कॉपी, स्टेशनरी आदि उचित मूल्य पर एक जगह उपलब्ध कराये जाने के लिए शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-2 में आज 8 मई से 10 मई तक तीन दिवसीय सायं 04 से 07 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। देवास जिले के समस्त पुस्तक विक्रेता एवं यूनिफार्म विक्रेता प्राचार्य शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-2 से सम्पर्क कर अपना स्थान बुक कराये।

देवास जिले के समस्त अभिभावक एवं स्कूल में अध्ययनरत छात्र/ छात्राएं उचित मूल्य पर आवयश्कता अनुसार सामग्री क्रय करें एवं नई परम्परा का हिस्सा बने, ताकि आगामी सत्र में विद्यालयों की मनमानी और बाध्यता को खत्म किया जा सके। विद्यालय की बुक लिस्ट अनुसार पुस्तके एवं अन्य सामग्री किसी भी विक्रेता से क्रय की जा सकती है, जिस पर विक्रेता से छूट का लाभ भी प्राप्त होगा, क्योकि मेले में प्रतिस्पर्धा होगी।

मेले मे केरियर एवं प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन और प्रशिक्षित काउंसलर से परामर्श भी दिया जायेगा। स्वीप गतिविधियों के अंतर्गत प्रतियोगिता भी आयोजित होंगी, जिसमें विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जायेगा।

Dewas वर्मा क्लासेस पर हुआ एमपी मेरिट बच्चों का सम्मान, मेरिट लिस्ट में तीन छात्राए वर्मा क्लासेस की

देवास। विगत दिनों एमपी का 10वीं, 12 वीं बोर्ड की परीक्षा का परिणाम आया। जिसमे एमपी मेरिट लिस्ट में देवास से तीन छात्राएं वर्मा क्लासेस की हैं। इस बार 12 वीं बोर्ड की परीक्षा में मध्य प्रदेश टॉपर लिस्ट में वर्मा क्लासेस से दो बच्चियों  तनीम मंसूरी ने 96.2 प्रतिशत के साथ मध्य प्रदेश में सातवां स्थान प्राप्त किया है और एक्सीलेंस की अक्सा खान 96 प्रतिशत के साथ मध्य प्रदेश में आठवां स्थान प्राप्त किया हैं। वही 10वीं की मध्य प्रदेश मेरिट लिस्ट में देवास से वर्मा क्लासेस की छात्रा एक्सीलेंस की जोबीया शेख ने 97 प्रतिशत के साथ मध्य प्रदेश में दसवां स्थान प्राप्त किया है। विदित हो की परिणाम वाले दिन वर्मा क्लासेस के संचालक हेमंत वर्मा के साइकिल से अयोध्या गए हुए थे। जिस कारण  बच्चों का सेलिब्रेशन नहीं हो पाया था। आज सभी टॉपर बच्चे एक साथ एकत्रित हुए और वर्मा क्लासेस के आने वाले अच्छे रिजल्ट्स को सेलिब्रेट किया स साथ ही वर्मा क्लासेस के तीनों एमपी मेरिट बच्चों का सम्मान  किया गया।

Dewas कल से शुरू होगा श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का आयोजन, बनारस-अयोध्या, के संत संपन्न कराएंगे यज्ञ..

देवास। यज्ञ से संपूर्ण वातावरण की शुद्धि होती है एवं इसके मंत्रों से आत्मशुद्धि भी होती है। प्राचीनकाल से यज्ञ का महत्व रहा है तथा यज्ञ ही वह कार्य हे जिससे आध्यात्मिक प्राकृतिक एवं मानसिक शुुद्धता मिलती है। यह बात परमपूज्य श्री श्री 108 महंत श्री कृष्ण गोेपालदास जी महाराज ने मालीपुरा में आयोजित प्रेस वार्ता में कही।

महंत ने बताया कि 2 से 8 मई तक मालीपुरा चौराहा स्थित प्रांगण में श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है जो कि सभी भक्तजनों एवं श्रद्धालुओं के लिए अति महत्वपूर्ण है। यज्ञ संपन्न कराने हेतु बनारस, अयोध्या, आदि जगहों से संत गण पधार रहे हैं। यज्ञ में करीब 33 जोड़े भाग लेंगे। यज्ञ पांडाल में भक्तजनों की पर्याप्त बैठक व्यवस्था की गई है। इस यज्ञ में परिक्रमा हेतुु भी विशेष व्यवस्था की गई है। यज्ञ की परिक्रमा कर जीवन में समृद्धि एवं सुख लाया जा सकता है। इस यज्ञ की परिक्रमा का विशेष महत्व है। साथ ही इस आयोजन में नानीबाई का मायरा 4 से 6 मई तक आयोजित किया जाएगा। पूर्णाहूति एवं महाआरती 8 मई शाम 5 बजे होगी। संयोजक वासुुदेव परमार ने उपस्थित पत्रकारों को संपूूर्ण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए सभी नागरिकों एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पधार कर यज्ञ का लाभ लेने का आग्रह किया। संचालन अमित पंवार ने किया तथा पत्रकारों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आमंत्रित करतेे हुए आयोजक राहुल हरोड़े एवं रोहित चौहान ने इस अध्यात्मिक एवं धार्मिक आयोजन को सफल बनाने की अपील की।

10th 12th Result : आज 4 बजे जारी होगा एम पी बोर्ड का परीक्षा परिणाम

https://mpbse.nic.in/

https://mpresults.nic.in

https://mpbse.mponline.gov.in

मध्य प्रदेश बोर्ड द्वारा हाई स्कूल और हायर सेकेंड्री के नतीजों की घोषणा के लिए प्रेस-कॉन्फ्रेंस का आयोजन आज शाम 4 बजे MPBSE के भोपाल स्थित मुख्यालय के सभागृह में किया जाएगा।विद्यार्थी नीचे दी गई विभिन्न वेबसाइट के द्वारा अपना परीक्षा परिणाम देख सकेंगे व मार्कशीट डाउनलोड कर सकेंगे।

SMS से भी चेक कर सकेंगे रिजल्ट
एमपी बोर्ड रिजल्ट SMS
अपने मोबाइल फोन पर मैसेज बॉक्स में टाइप करें- MPBSE12 Roll Number
इसे भेज दें 56263 पर।
मान लीजिए आपका रोल नंबर 12345678 है, तो मैसेज इस तरह टाइप करना होगा- MPBSE12 12345678

10 वी का रिजल्ट SMS से चेक करे
अपने मोबाइल फोन पर मैसेज बॉक्स में टाइप करें- MPBSE10 Roll Number
इसे भेज दें 56263 पर।
मान लीजिए आपका रोल नंबर 12345678 है, तो मैसेज इस तरह टाइप करना होगा- MPBSE10 12345678

Dewas सायबर सेल ने खोजे लगभग 32 लाख रुपये कीमत के 160 मोबाईल…

देवास। सायबर सेल ने जिले में गुम हुए मोबाईलों में बड़ी संख्या में मोबाइल खोजकर उन्हें उनके मालिकों तक पहुंचाया है।
जिले में गुम हुए मोबाइल की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय द्वारा एक विशेष अभियान चलाया गया। जिसमे सायबर सेल प्रभारी व टीम को गुम हुए मोबाईल की खोज करने हेतु लगाया गया। सायबर सेल द्वारा जिले में से गुमें हुए मोबाईलों की तकनीकी उपकरणों से ट्रेसिंग कर 160 मोबाईल फोन खोजे जिनकी कुल कीमत लगभग 32 लाख रुपये है। पुलिस अधीक्षक देवास द्वारा कन्ट्रोल रूम पर मोबाईल धारकों को उनके गुमें हुए मोबाईल देकर मायूस चहरों पर फिर से मुस्कान लायी गई है। l

Dewas हिन्दू नववर्ष पर संस्था देववासिनी द्वारा आयोजित किया गया विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रम…

• भारतीय संस्कृति सशक्त ओर समृद्धशाली, संस्था देववासिनी के तत्वाधान में होगी अयोध्या यात्रा : सोलंकी

देवास। भारतीय संस्कृति विश्व में सबसे सशक्त और समृद्धशाली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का जो दीप प्रज्जवलित हुआ है। उससे हमारी महान भारतीय संस्कृति ओर सशक्त हुई है। हमे इस पर गर्व होना चाहिए। बच्चों को अपनी संस्कृति का बोध कराना चाहिए, ताकि वे संस्कारवान बने। संस्था देववासिनी द्वारा हिन्दू नववर्ष की शाम को आयोजित विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रम में यह विचार सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने व्यक्त किये।

गंगानगर स्थित हीरो शोरूम के समीप विराट कृपा परिसर में विराट सांस्कृतिक विरासत से सजे धजे देववासिनी के पांडाल में, हजारो की संख्या में उपस्थित भक्तजनों का पुष्पवर्षा करते हुए अभिनंदन किया गया। नृत्य के साथ सुमधुर श्रीगणेश वंदना मुस्कान गौस्वामी, अनुष्का जोशी, कृतिका बिजवा ने प्रस्तुत की। युवा शास्त्रीय भजन गायक प्रतीक गावशिंदे ने भजनों की कर्णप्रिय प्रस्तुतियॉ देते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में अनेक कलाकारों द्वारा मनमोहक प्रस्तुति दी गई।

श्रीराम हमारे आराध्य, देववासिनी के तत्वाधान में होगी अयोध्या यात्रा : देववासिनी के संरक्षक एवं  सांसद श्री सोलंकी ने मंच से अपने सांस्कृतिक एवं वैचारिक उदबोधन में कहा कि भगवान श्रीराम हमारे प्राण है, आत्मा है, आराध्य है, आदर्श है। राम से ही हमारे देश की पहचान है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में 500 वर्षो के संघर्ष के उपरांत अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हुआ। 22 जनवरी को रामलला का विशाल प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित किया गया तो सारे देश में उत्सवी परिदृश्य दिखाई दिया। दीपावली से भी अधिक उत्साह के साथ रामलला का प्राण प्रतिष्ठा उत्सव मनाया गया। श्री सोलंकी ने इस अवसर पर संस्था देववासिनी के तत्वाधान में रामलला के दर्शन हेतु अयोध्या यात्रा की घोषणा भी की।

देववासिनी की आरती का विमोचन, यूटयूब चेनल लांच : हिन्दू नववर्ष के उपलक्ष में मॉ देववासिनी की महाआरती के एल्बम का विमोचन संस्था के संरक्षक, सांसद महेन्द्रसिंह सोलंकी के करकमलो से रिमोर्ट का बटन दबाकर किया गया।

सुन मेरी देवी, देववासिनी… महाआरती का लेखन जयंत जैन ओर शेखर कौशल द्वारा किया गया है ओर इसे स्वरबद्ध शुभांगी जलोरे, प्रवीण वर्मा द्वारा किया गया है। महाआरती में देववासिनी पर्वत, टेकरी पर प्रतिष्ठित देवी-देवताओं का बखुबी वर्णन किया गया है। एल्बम में चित्रण पप्पू चौहान, हर्ष वर्मा द्वारा किया गया। संस्था देववासिनी के नाम से यूटयुब चेनल भी लांच किया गया। कार्यक्रम का सारगर्भित एवं गरिमामय संचालन सुभांगी जलोरे, शेखर कौशल ने किया। आभार संस्था देववासिनी के सचिव महेश चौहान ने व्यक्त किया। यह जानकारी इस आयोजन के संयोजक अजय तोमर द्वारा दी गयी।

Dewas किसानों द्वारा कुआं निर्मित कर उसकी मुंडेर नहीं बनाने पर की जा रही है एफ आई आर दर्ज

देवास। जिले में किसानों द्वारा खेतों की मेड़ पर कुआं निर्मित किया जाता है लेकिन उसकी मुंडेर नहीं बनाई जाती है। ऐसे किसानों को चिन्हित कर उन पर धारा 188 व अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। इसी के तहत बरोठा पटाडी मार्ग के ग्राम रतेड़ी में स्थित कृषक प्रहलाद पिता गेंदालाल, अशोक कुमार पिता गेंदालाल, ताराचंद पिता गेंदालाल की भूमि में बिना मुंडेर के कच्चा कुआ स्थित है जो बरोठा पटाडी मार्ग से लगा हुआ है। साथ ही भूमि स्वामी संजय पिता हरिमोहन, उमेश पिता हरिमोहन कलाबाई पति हरिमोहन एव छगनलाल पिता रामाजी की कृषि भूमि पर बिना मुंडेर के कुए है। कृषको द्वारा इस संबंध में लगातार लापरवाही की जा रही थी और कुएं की मुंडेर को पक्का नहीं किया जा रहा था। इस संबंध में कार्रवाई करते हुए धारा 188 के तहत नायब तहसीलदार बरोठा द्वारा कृषको पर एफआईआर दर्ज की गई है।

chaitra navratri 2024 : चैत्र नवरात्रि 2024 का शुभ मुहूर्त

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त : सुबह 5 बजकर 52 मिनट से लेकर 10 बजकर 4 मिनट तक पहला कलश स्थापना मुहूर्त बन रहा है। इसके बाद 11 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक घट स्थापना कर सकेंगे।नवरात्रि की पूजन सामग्री: पूजा के लिए मां दुर्गा की तस्वीर, लाल रंग का कपड़ा, फल, फूल, माला, आम का पत्ता, लौंग, सुपारी, इलायची, बंदनवार, हल्दी की गांठ, रोली, मौली, कमल गट्टा, सूखा नारियल, नैवेध, शहद, घी, शक्कर, पंचमेवा, जावित्री, गंगाजल, दूध, दही, नवग्रह पूजन के लिए रंग-बिरंगे चावल, धूप-दीप, वस्त्र और पूजा की थाली समेत सभी सामग्री एकत्रित कर लें।

मां दुर्गा की श्रृंगार सामग्री: मां दुर्गा को श्रृंगार सामग्री अर्पित करने के लिए लाल चुनरी, लाल चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी, काजल, मेहंदी, शीशा, बिछिया, इत्र, मंगलसूत्र, लिपस्टिक, नथ, गजरा, कंघी, कान की बली समेत 16 श्रृंगार की सामग्री रख लें।

कलश स्थापना की सामग्री: कलश स्थापित करने के लिए मिट्टी का घड़ा, मिट्टी, मिट्टी का ढक्कन, नारियल, जल, गंगाजल, मिट्टी का दीपक, हल्दी-अक्षत और लाल रंग का वस्त्र चाहिए।

कलश स्थापना की विधिः नवरात्रि के पहले दिन सुबह जल्दी उठें। स्नानादि के बाद साफ वस्त्र धारण करें।इसके बाद घर के मंदिर को साफ करें। मंदिर को फूलों से सजाएं। घट स्थापना के लिए एक मिट्टी के कलश में पानी भरकर रख दें। कलश में सिक्का, सुपारी, आम का पत्ते जरूर डालें। इसके बाद एक लाल कपड़ा बिछाकर उसपर चावल का ढेर बनाएं।अब चावल के ढेर पर कलश स्थापित करें। कलश पर कलावा बांध दें।इसके साथ ही कलश पर स्वास्तिक भी बनाएं। फिर एक मिट्टी के बर्तन में मिट्टी और जौ मिलाएं। इसमें थोड़ा पानी छिड़कें और इसे भी स्थापित कर दें। अब मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा रखें। सभी देवी- देवताओं कआ आह्वान करें।सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें और सभी मां दुर्गा समेत सभी देवी-देवताओं की आरती करें।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Chaitra Navratri 2024 : चैत्र नवरात्रि शुरू, जाने चैत्र नवरात्रि से जुड़ी सारी बाते

चैत्र नवरात्री 2024 : चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को शुरू होती हैं नवरात्रि। चैत्र नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक माँ दुर्गा की नौ रूपों (शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री) की पूजा करते हैं और उनकी आराधना करते हैं। इसके दौरान भक्त ध्यान, भक्ति और त्याग के माध्यम से अपने आत्मा को शुद्ध करते हैं और भगवान की कृपा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
इस वर्ष चैत्र नवरात्री 9 अप्रैल 2024 से शुरू होकर 17 अप्रैल को रामनवमी के साथ पूर्ण होंगी।

जाने चैत्र नवरात्रि 2024 के मुहूर्त एवं स्थापना विधि से जुड़ी सारी जानकारी

नवरात्रि का नाम ‘नव’ और ‘रात्रि’ से मिलकर बना है, जिसका अर्थ होता है ‘नौ रातें’। इस त्योहार के दौरान, भक्तों को माँ दुर्गा की नौ रूपों की पूजा करनी चाहिए, जिन्हें नवदुर्गा के नाम से जाना जाता है। ये नौ रूप माँ दुर्गा के निमित्त कुछ खास गुणों को प्रतिनिधित्व करते हैं, जैसे कि शक्ति, शांति, संजीवनी, धैर्य, स्नेह, तपस्या, विवेक, ज्ञान, और श्रद्धा।
चैत्र नवरात्रि का महत्व है कि यह वसंत ऋतु के आरंभ के साथ आता है और उत्तेजना, उत्साह और नई ऊर्जा का संचार करता है। इसके अलावा, यह धर्म, संस्कृति और परंपराओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो हमें हमारी सांस्कृतिक विरासत की महत्वता को समझाता है।

  • चैत्र नवरात्र 2024 का कैलेंडर:
  • 9 अप्रैल 2024 मां शैलपुत्री की पूजा
  • 10 अप्रैल 2024 मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
  • 11 अप्रैल 2024 मां चंद्रघंटा की पूजा
  • 12 अप्रैल 2024 मां कुष्मांडा की पूजा
  • 13 अप्रैल 2024 मां स्कंदमाता की पूजा
  • 14 अप्रैल 2024 मां कात्यायनी की पूजा
  • 15 अप्रैल 2024 मां कालरात्रि की पूजा
  • 16 अप्रैल 2024 मां महागौरी की पूजा
  • 17 अप्रैल 2024 मां सिद्धिदात्री की पूजा, राम नवमी

नवरात्रि के नौ दिनों में हर दिन एक विशेष माँ दुर्गा की पूजा और आराधना की जाती है, जिसका प्रतिनिधित्व नौ रूपों में किया जाता है। नीचे दिए गए हैं नवरात्रि के नौ दिनों और उन दिनों में किस माँ दुर्गा की पूजा होती है, उनके बारे में अधिक जानकारी के साथ।

  1. प्रथम दिन – शैलपुत्री: (First Day of Navratri ) प्रथम दिन माँ शैलपुत्री की पूजा की जाती है। यह माँ दुर्गा का प्रथम रूप है, जो पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। वह एक कमल की योनि में विराजमान हैं और एक त्रिशूल और कुंडली धारण करती हैं।
  2. द्वितीय दिन – ब्रह्मचारिणी: (Second Day of Navratri ) इस दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। वह दो मुख वाली और कदम-कदम पर जाती हैं।
  3. तृतीय दिन – चंद्रघंटा: (Third Day of Navratri ) तृतीय दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है, जो चांद के रूप में प्रतिष्ठित हैं। वे एक कमल की सवार होती हैं और एक चंद्रमा की प्रतिमा के साथ अपने मुख में एक त्रिशूल धारण करती हैं।
  4. चतुर्थी दिन – कूष्मांडा: (Fourth Day of Navratri ) इस दिन माँ कूष्मांडा की पूजा की जाती है, जो सूर्य के रूप में प्रतिष्ठित हैं।
  5. पंचमी दिन – स्कंदमाता: (Fifth Day of Navratri ) पंचमी दिन माँ स्कंदमाता की पूजा की जाती है, जो कार्तिक मास के पांचवें दिन पैदा हुए थे।
  6. षष्ठी दिन – कात्यायनी: (Sixth Day of Navratri ) इस दिन माँ कात्यायनी की पूजा की जाती है, जो कात्यायन ऋषि की पुत्री हैं।
  7. सप्तमी दिन – कालरात्रि: (Seventh Day of Navratri ) सप्तमी दिन माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है, जो माँ दुर्गा का सबसे भयानक रूप मानी जाती है।
  8. अष्टमी दिन – महागौरी: (Eighth Day of Navratri ) अष्टमी दिन माँ महागौरी की पूजा की जाती है, जो दुखों और दुर्गुणों का नाश करती हैं।
  9. नवमी दिन – सिद्धिदात्री: (Ninth Day of Navratri ) नवमी दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जो सिद्धियों की दात्री मानी जाती हैं।

इन नौ दिनों के दौरान भक्तों को नौ रूपों में माँ दुर्गा की पूजा करने का मौका मिलता है और उन्हें अपने जीवन में शक्ति, सामर्थ्य और आनंद का अनुभव होता है।

चैत्र नवरात्र के इन नौ दिनों में, लोग ध्यान, ध्यान, भजन-कीर्तन, और दान करके मां दुर्गा को खुश करते हैं। यह पर्व साधकों को सुख, समृद्धि, और आनंद की प्राप्ति के लिए प्रेरित करता है।

चैत्र नवरात्र 2024 के दौरान, लोगों को मां दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा और समर्पण को मजबूत करने का अवसर मिलता है। इस उत्सव के दौरान, धार्मिक सामग्री की खरीदारी, पंडालों की सजावट, और भजन-कीर्तन की ध्वनि सड़कों में सुनाई देती है। इसके अलावा, लोग एक दूसरे के साथ खुशियों का आनंद लेते हैं और परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर पर्व का महत्व मनाते हैं।

चैत्र नवरात्र 2024 के पर्व के दौरान, लोग विशेष रूप से ध्यान, प्रार्थना, और सेवा में जुटे रहते हैं। इस पर्व के दौरान, धार्मिक संगठनों और मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है। यहां तक कि कई स्थानों पर नृत्य और संगीत कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है ताकि लोग उत्सव का आनंद ले सकें।

चैत्र नवरात्र 2024 के पर्व के दौरान, लोग नौकरी, व्यापार, और व्यक्तिगत जीवन में सफलता और सुख की प्राप्ति के लिए मां दुर्गा की कृपा की कामना करते हैं। वे नौवीं दिन को समर्पित करते हैं और सिद्धिदात्री मां की पूजा करते हैं, जो भगवान शिव और पार्वती की रूप में जानी जाती हैं। इस दिन को राम नवमी भी कहा जाता है, जो प्रभु राम के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।

इस तरह, चैत्र नवरात्र 2024 का उत्सव धार्मिक, सामाजिक, और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है और यह हिंदू समाज में एक गहना रूप में शामिल है। इस पर्व के दौरान, लोग अपने आप को पुनर्जीवित करते हैं, अपने आप को धार्मिकता में समर्पित करते हैं, और मां दुर्गा की कृपा की कामना करते हैं।

Dewas संस्था देववासिनी द्वारा विशाल स्वरूप में धूमधाम से मनाया जाएगा हिन्दू नववर्ष…

गुढी पड़वा पर देववासिनी परिवार मिलन समारोह का आयोजित

देवास । शौर्य दिवस से संस्था देववासिनी द्वारा चामुण्डा माता टेकरी पर काशी के गंगा घाट पर होने वाली प्राचीन गंगा आरती की तरह निरंजनी महाआरती प्रारंभ की गई। वर्तमान में महाआरती में प्रति शनिवार, रविवार को हजारों की संख्या में भक्तो का जनसमूह उमड़ रहा है।

संस्था सचिव महेश चौहान ने बताया कि संस्था देववासिनी द्वारा चैत्र नवरात्र का प्रारंभ हिंदू नववर्ष, गुड़ी पड़वा का पर्व विशाल स्वरूप में धूमधाम से मनाया जाएगा। श्री चौहान ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि हिंदू नववर्ष से अनेक धार्मिक, पौराणिक संदर्भ जुड़े हुए है। मान्यता है कि ब्रह्मा जी द्वारा इसी दिन सृष्टि की उत्पत्ति की गई थी। चैत्र नवरात्र का प्रारंभ होता है। विजय का प्रतीक गुड़ी पड़वा पर्व मनाया जाता है। भगवान श्री राम का राज्याभिषेक, धर्मराज युधिष्ठिर का राजतिलक इसी दिन हुआ था। विक्रम संवत्सर का प्रारंभ, भगवान झूलेलाल जन्मोत्सव अर्थात चैतीचण्ड उत्सव मनाया जाता है। आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानन्द सरस्वती जी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार जी का जन्मदिन अथवा वर्ष प्रतिपदा उत्सव इसी दिन मनाया जाता है। इन महान संदर्भों से जुड़े हिन्दू नववर्ष पर विशाल कार्यक्रम संस्था देववासिनी के संरक्षक सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी के संरक्षण, प्रसिद्ध समाजसेवी अशोक खंडेलिया की अध्यक्षता में विराट कृपा भवन हीरो शोरूम के पिछे, गंगानगर, ए बी रोड पर आयोजित किया गया है। अपनी संस्कृति, अपना दर्शन, तजें (छोडे) विदेशी आकर्षण, इस विचार के साथ 9 अप्रैल को शाम 6 बजे से प्रारंभ होने वाले देववासिनी द्वारा आयोजित हिन्दू नववर्ष परिवार मिलन कार्यक्रम के संयोजक पार्षद अजय तोमर है। सह संयोजक पार्षद संजय दायमा, निलेश वर्मा, भूपेश ठाकुर, श्रीमती ऋतु सवनेर, प्रवीण वर्मा, गोपाल खत्री, सोनू परमार, प्रतीक सोलंकी, संजय ठाकुर है। हिन्दू नववर्ष पर आयोजित विशाल कार्यक्रम में हजारों की संख्या में सनातनी हिन्दू समाज जनों के एकत्रित होने का अनुमान है। संस्था देववासिनी द्वारा लक्ष्य रखा गया है कि 6 दिसंबर से चामुण्डा माता टेकरी पर हो रही निरंजनी महाआरती में शहर के समस्त वार्डो से जिन भक्तो ने हिस्सा लिया है, वे परिवार व इष्ट मित्रों सहित अधिक से अधिक संख्या में हिन्दू नववर्ष के विशाल कार्यक्रम में सम्मिलित हो कर सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा बने। इसके लिए संस्था देववासिनी के कार्यकर्ताओं हरि सिंह धनगर, शंभू अग्रवाल, शेखर कौशल, पंकज वर्मा, जयेश पडियार, खिलेश शिंदे, अशीष दवे, पंडित योगेश, मनीष जैन, शुभम चौहान, देवेंद्र माली, अनुज शर्मा, दीपेश शर्मा, पंकज सोनी, रितेश उपाध्याय, रोहित द्वारा पिछले सप्ताह से शहर के विभिन्न वार्डो में बैठके की जा रही है।